Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    गुरुग्राम से पिता पुत्रों के अपहरण से लेकर बरामदगी तक:कैसे एक्सिडेंट में हुई बदमाशों की मौत, मासूम बचे, दैनिक भास्कर पर पढ़े पूरी स्टोरी

    2 hours ago

    1

    0

    ​हरियाणा के गुरुग्राम से अगवा किए गए पिता और उनके दो मासूम बेटों की बरामदगी की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। बरेली के सीबीगंज इलाके में रविवार शाम को हुए एक भीषण सड़क हादसे ने न केवल तीन बदमाशों की जान ले ली, बल्कि एक सनसनीखेज अपहरण कांड का पर्दाफाश भी कर दिया। रॉन्ग साइड से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो जब कैंटर से टकराई, तो पुलिस को मौके पर दो घायल मासूम मिले। जब यक्ष ऐप के जरिए घायलों और मृतकों का रिकॉर्ड खंगाला गया, तो पता चला कि कार में सवार लोग मामूली राहगीर नहीं, बल्कि हत्या और डकैती जैसे जघन्य अपराधों में शामिल शातिर अपराधी थे। ​हादसे से खुला राज ​रविवार दोपहर सीबीगंज थाना क्षेत्र में परधौली के पास करीब 3 बजे एक बोलेरो कार रॉन्ग साइड से तेज रफ्तार में आ रही थी। अनियंत्रित होकर यह कार सामने खड़े कैंटर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पीछे से आ रही एक बाइक भी कार में घुस गई। इस हादसे में कुल 5 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 2 स्थानीय बाइक सवार और बोलेरो में सवार 3 युवक शामिल थे। जब थाना सीबीगंज पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया, तो उन्हें कार के अंदर से दो मासूम बच्चे, मयूर (6) और लक्ष्य (3), घायल अवस्था में मिले। पुलिस ने तुरंत सभी को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गाड़ी में मौजूद युवकों की संदिग्ध हरकतों और वहां मिले मोबाइल फोन ने पुलिस के कान खड़े कर दिए। ​यक्ष ऐप का कमाल ​पुलिस ने जब मौके से बरामद मोबाइल फोन और मृतकों के चेहरों का मिलान यक्ष ऐप के डेटाबेस से किया, तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। हादसे में मारे गए मनमोहन, सिकंदर और विशेष साधारण युवक नहीं, बल्कि शातिर बदमाश थे, जिन पर हत्या, लूट और डकैती के दर्जनों मामले दर्ज थे। संदेह गहराने पर पुलिस ने मृतक मनमोहन के पिता नत्थूलाल को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की। नत्थूलाल ने टूटकर कबूल किया कि इन लोगों ने 4 अप्रैल को गुरुग्राम से मनोज और उसके दो बेटों का अपहरण किया था। बच्चों को लेकर ये लोग कहीं और जा रहे थे, जबकि मनोज को फरीदपुर के एक गुप्त ठिकाने पर बंधक बनाकर रखा गया था। रेस्क्यू ऑपरेशन ​एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर तुरंत तीन टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए फरीदपुर कस्बे के उस मकान पर छापा मारा, जहां किडनैपरों ने मनोज को छिपा रखा था। पुलिस ने घेराबंदी कर मनोज को सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में मनोज ने बताया कि वह गुरुग्राम में ऑटो चलाता है और आरोपियों ने उसे मंदिर के पास से अगवा किया था। इस बीच गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-1 थाने से भी संपर्क किया गया, जहां मनोज की पत्नी ने पहले ही अपहरण का मुकदमा दर्ज करा रखा था। बरेली पुलिस की इस मुस्तैदी से न सिर्फ एक परिवार उजड़ने से बच गया, बल्कि बदमाशों के एक खतरनाक गिरोह का भी अंत हो गया। कुदरत का करिश्मा: मासूम सुरक्षित, किडनैपर्स का काल बना हादसा कहते हैं 'जाको राखे साइयां, मार सके न कोय', बरेली में यह कहावत उस वक्त हकीकत में बदल गई जब मासूमों की जान तो बच गई लेकिन उनका अपहरण करने वाले तीन किडनैपर्स की सड़क हादसे में मौत हो गई। पूरी साजिश मनोज के ही गांव के रहने वाले मनमोहन ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर रची थी। गुरुग्राम में ऑटो चलाकर परिवार पालने वाले मनोज और उनके दो मासूम बेटों- 3 वर्षीय लक्ष्य और 6 वर्षीय मयूर- का अपहरण कर आरोपी उन्हें बरेली के फरीदपुर स्थित टांडा सिकंदरपुर ले आए थे। यहाँ पिता मनोज को एक कमरे में बंधक बनाकर डाल दिया गया था। रविवार दोपहर करीब 3 बजे जब मुख्य आरोपी मनमोहन अपने साथियों विशेष यादव और सिकंदर के साथ बच्चों को दूसरी जगह शिफ्ट करने या ठिकाने लगाने के इरादे से बोलेरो से निकला, तभी सीबीगंज इलाके में उनकी तेज रफ्तार गाड़ी सड़क किनारे खड़े टैंकर से जा टकराई। इस भीषण भिड़ंत में बोलेरो के परखच्चे उड़ गए और तीनों किडनैपर्स की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चौथा साथी प्रिंस गंभीर रूप से घायल हो गया। चमत्कार देखिए कि इस भयानक एक्सीडेंट के बावजूद दोनों मासूम सुरक्षित बच गए। बाद में पुलिस ने घायल प्रिंस की निशानदेही पर फरीदपुर में दबिश देकर बंधक पिता मनोज को भी सकुशल मुक्त करा लिया। मनोज ने अपनी और बच्चों की जान बचाने के लिए बरेली पुलिस और कुदरत का आभार जताया है। दत्तक पुत्री से अफेयर में बाधा बनने पर ऑटो ड्राइवर का दोनों बच्चों सहित हुआ था अपहरण एसपी सिटी मानुष पारीक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि ऑटो ड्राइवर मनोज की दत्तक पुत्री से अफेयर में बाधा बनने पर आरोपियों ने पिता और दो मासूम बच्चों का अपहरण किया था। लेकिन बरेली के सीबीगंज में किडनैपर्स की बोलेरो एक टैंकर से टकरा गई, जिसमें मुख्य आरोपी समेत तीन बदमाशों की मौत हो गई। पुलिस ने घायल किडनैपर के मोबाइल वीडियो से पूरी साजिश को डिकोड किया और फरीदपुर में बंधक बनाए गए पिता को सकुशल मुक्त कराया। दरअसल, गुड़गांव में ऑटो ड्राइवर के रूप में काम करने वाले मनोज की 15 साल की अडॉप्टेड बेटी से आरोपी मनमोहन का अफेयर चल रहा था। मनोज इस रिश्ते के खिलाफ था क्योंकि लड़की नाबालिग थी और उनकी कास्ट भी अलग थी। इसी से नाराज होकर मनमोहन ने शनिवार शाम करीब 7:30 बजे मनोज और उसके दो मासूम बेटों का अपहरण कर लिया था। हादसे ने बिगाड़ा किडनैपर्स का प्लान; घायल आरोपी प्रिंस के मोबाइल ने खोले कई गहरे राज रविवार दोपहर किडनैपर्स बच्चों को दूसरी लोकेशन पर शिफ्ट करने की तैयारी में थे। दोपहर करीब 3 बजे उनकी बोलेरो बेकाबू होकर सड़क किनारे खड़े एक टैंकर से टकरा गई। इस क्रैश में मुख्य आरोपी मनमोहन, उसके साथी सिकंदर और विशेष यादव की मौके पर ही डेथ हो गई। पुलिस ने मौके से घायल किडनैपर प्रिंस को पकड़ा और उसका मोबाइल चेक किया, जिसमें मनोज और बच्चों के वीडियो मिले। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो प्रिंस ने बताया कि मनोज को मनमोहन के पिता नत्थू के घर बरेली के फरीदपुर में बंधक बनाकर रखा गया है, जिसके बाद पुलिस ने मनोज को रेस्क्यू किया। मर्डर केस में जेल काट चुके हैं आरोपी; 15 दिन पहले गोरखपुर से खरीदी गई थी बोलेरो पुलिस जांच में पता चला है कि मनमोहन और उसका पिता नत्थू पहले भी एक मर्डर केस में जेल जा चुके हैं। मनमोहन 11 महीने और नत्थू 27 महीने जेल में रहकर फिलहाल बेल पर बाहर आए थे। वारदात में इस्तेमाल हुई बोलेरो को मनमोहन ने मात्र 15 दिन पहले ही गोरखपुर से खरीदा था, जिसे अभी अपने नाम ट्रांसफर भी नहीं कराया था। फिलहाल आरोपी नत्थू और घायल प्रिंस को हिरासत में लिया गया है। चूंकि अपहरण का मुकदमा गुड़गांव में दर्ज है, इसलिए गुड़गांव पुलिस इन्हें अपने साथ ले जाएगी। प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती हैं मासूम लक्ष्य और मयूर इस हादसे में मनोज के दोनों बेटों- 3 साल के लक्ष्य और 6 साल के मयूर को काफी चोटें आई हैं। दोनों का फिलहाल प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। मनोज और उसकी पत्नी पूजा अस्पताल में बच्चों के पास हैं। पुलिस मामले की डिटेल्ड इन्वेस्टिगेशन कर रही है। जाने क्या, कब, कहाँ, कौन और कैसे हुआ? पूरी टाइमलाइन: 48 घंटे का घटनाक्रम इन 10 पॉइंट्स में समझें पूरी घटना और आरोपियों का प्रोफाइल क्या बोले अधिकारी "यह पुलिस की सजगता का परिणाम है। एक्सीडेंट के बाद यक्ष ऐप का प्रयोग कर हमने बदमाशों का प्रोफाइल पकड़ा, जिससे एक बड़े अपहरण कांड का खुलासा हो सका और बंधक को सकुशल छुड़ाया गया।"-अनुराग आर्य, एसएसपी बरेली "सूचना मिलते ही तीन टीमों का गठन किया गया। फरीदपुर में घेराबंदी कर अपहृत मनोज को बरामद किया गया है। घायल बच्चों का इलाज अस्पताल में कराया जा रहा है, वे खतरे से बाहर हैं।"- मानुष पारीक, एसपी सिटी "मौके पर स्थिति संदिग्ध लगने पर जब हमने तकनीकी जांच की, तो कड़ियां जुड़ती गईं। आरोपियों का पुराना लंबा आपराधिक इतिहास है। फरार और बचे हुए आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।"- प्रदीप कुमार चतुर्वेदी, इंस्पेक्टर सीबीगंज
    Click here to Read more
    Prev Article
    कांजी हाउस में मृत गोवंश की दुर्दशा का VIDEO:कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने X पर पोस्ट किया, निगम ने 3 कर्मचारियों पर की कार्रवाई
    Next Article
    राहा को कलेजे से लगाए कैमरे से भागती दिखीं आलिया, रणबीर का ये अंदाज देख फैंस बोले- 'इसे कहते हैं बेस्ट पापा'

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment