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    गोरखनाथ मंदिर में तैनात सब इंस्पेक्टर वेनमोर डॉग की मौत:8 साल पहले मध्य प्रदेश से आया, कैंसर से पीड़ित था, SSP ने कंधा दिया

    8 hours ago

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    गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में तैनात सब इंस्पेक्टर रैंक के डॉग 'वेनमोर' की मौत हो गई। जर्मन शेफर्ड नस्ल का यह श्वान पिछले 4 महीने से कैंसर से जूझ रहा था। इलाज के दौरान मंगलवार सुबह 6 बजे अंतिम सांस ली। वेनमोर की मौत की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने उसे कंधा दिया फिर पुलिस लाइन में पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। 3 तस्वीरें देखिए… 2018 में टेकनपुर से लाया गया था गोरखपुर वेनमोर की उम्र 9 साल थी। साल 2018 में जब वह महज एक साल का था, तब उसे बीएसएफ टेकनपुर (मध्य प्रदेश) से गोरखपुर लाया गया था। यहां पुलिस की डॉग स्क्वॉड टीम ने उसे विस्फोटक ढूंढने की कड़ी 'स्नाइफर ट्रेनिंग' दी। ट्रेनिंग पूरी होते ही वेनमोर को सुरक्षा ड्यूटी में तैनात कर दिया गया, जहां उसने अपनी काबलियत के दम पर महकमे में खास पहचान बनाई। गोरखनाथ मंदिर में निभाई अहम जिम्मेदारी वेनमोर सब इंस्पेक्टर के पद पर था। उसकी मुख्य तैनाती गोरखपुर मंदिर में थी। वह रोज सुबह-शाम गोरखनाथ मंदिर जाता था और परिसर की सघन चेकिंग कर अपनी ड्यूटी पूरी करता था। वेनमोर को इस तरह से ट्रेंड किया गया था कि वह कहीं पर भी छिपाए गए बम या विस्फोटक के खतरे को पल भर में सूंघकर पहचान लेता था और तुरंत अपनी टीम को अलर्ट कर देता था। इसके बाद बम निरोधक दस्ता (BDDS) मौके पर पहुंचकर विस्फोटक को डिफ्यूज कर देता था। कैंसर की वजह से वह पिछले 4 महीने से ड्यूटी पर नहीं जा पा रहा था। डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा था। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें 'मां की तरह भाई को पाला, 9-लड़कों ने मार डाला':गोरखपुर में बहन बोली- अपने हाथ से राखी बनाई थी, कोई मेरा भाई लौटा दे ‘7 साल पहले मां की मौत के बाद तीनों भाई-बहन अलग-अलग रिश्तेदारों के घर रहकर पढ़ने लगे। पापा काम करने हैदराबाद चले गए। त्योहार में हमारी मुलाकात होती थी। पापा के साथ घर पर तीनों भाई-बहन साथ मिलकर त्योहार मनाते थे। रक्षाबंधन का त्योहार आने वाला है। इस बार अपने दोनों भाई सरस और शिव नारायण के लिए हाथ से राखी बनाई थी। लेकिन, बदमाशों ने शनिवार रात 8 बजे मेरे भाई सरस को हमेशा के लिए छीन लिया। अब उससे कभी मिल नहीं पाऊंगी।’ पढ़िए पूरी खबर
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