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    गोरखपुर में बच्चों के बर्थ सर्टिफिकेट के लिए परेशान पैरेंट्स:बोलें- महीनों पहले दिया आवेदन, अब तक नहीं मिला, स्कूलों में एडमिशन मुश्किल

    3 hours ago

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    गोरखपुर में बर्थ सर्टिफिकेट को लेकर आज कल पेरेंट्स काफी परेशान हैं। किसी को सब कुछ होने बाद भी सर्टिफिकेट नहीं मिल रहा है, तो कोई गलती सुधार करवाने के लिए सरकारी ऑफिस के चक्कर लगा रहा। गुरुवार को सिविल लाइन स्थित नगर निगम अर्बन फैसिलिटी सेंटर में ऐसी ही समस्यायों से संबधित तमाम लोगों का लंबा लाइन लगा रहा। कोई दो महीने से दौड़ रहा तो कोई पांच महीने से। ऐसी ही समस्या के साथ भी आई रजनी शर्मा ने बताया कि बच्चे का बर्थ ईयर गलत हो गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों ने सीधे कहा कि अब सुधार नहीं हो सकता है। उधर बच्चे के स्कूल में इसकी वजह से एडमिशन रुका हुआ है। एक महीने से हम परेशान हैं। इधर-उधर दौड़ाया जा रहा है। वहीं गुड़िया ने बताया कि दो महीने से सर्टिफिकेट नहीं मिला। इस मामले में अपर नगर आयुक्त का कहना है कि जिन लोगों का बर्थ सर्टिफिकेट जन्म के 1 साल बाद बनता है, तो उसमें थोड़ा समय लगता है। यह SDM लेवल का प्रोसेस है। साथ ही उन्होंने बताया कि एक बार सर्टिफिकेट बनने के बाद उसमें संसोधन जटिल होता है। लेकिन कुछ जरुरी डॉक्युमेंट और प्रूफ के साथ त्रुटियों को सही कर दिया जाता है। इसमें लंबा समय लगता है। केस- 1 बच्चे का बर्थ ईयर गलत हुआ वहीं स्टेशन रोड से आई रजनी ने बताया कि एक महीने पहले ही बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट बनकर आया है। जिसमें उसके जन्म का साल गलत हो गया है। बच्चा 2020 में पैदा हुआ था लेकिन सर्टिफिकेट में 2021 हो गया है। जिसकी वजह से उसकी उम्र 6 साल से कम माना जा रहा है। अब स्कूल वाले उसका क्लास फर्स्ट में एडमिशन लेने से मना कर रहे हैं। इधर मैं लगातार एक महीने से पहले से ही इसे सही करवाने के लिए ऑफिस का चक्कर लगा रही। पहले मुझे इधर-उधर दौड़ाया गया। अब कह रहे हैं कि सुधार नहीं हो सकता है। केस-2 ऑफिस से गायब हुआ सर्टिफिकेट भीटी रावत से आई आयशा ने बताया कि पिछले पांच महीने से वह अपने दो बच्चों के बर्थ सर्टिफिकेट के लिए दौड़ रही है। हर बार वह नगर निगम पहुंचती हैं और खाली हाथ वापस लौट जाती। ऑफिस पहुंचने पर कर्मचारी सर्टिफिकेट ढूंढने का प्रयास करते हैं लेकिन उन्हें कहीं मिलता नहीं है। रजिस्टर में भी नाम नहीं चढ़ा है। उनका कहना है कि अगर सर्टिफिकेट नहीं मिलता है तो उनके दोनों बच्चों का एडमिशन नहीं हो पाएगा। केस-3 दो महीने से लगा रही चक्कर ऐसे ही समस्या से जूझ रही कूड़ाघाट की रहने वाली गुड़िया गुप्ता ने बताया कि दो महीने से बच्चे के सर्टिफिकेट के लिए दौड़ रही हैं। जब उन्होंने आवेदन दिया था। सभी प्रोसेस पूरा होने के बाद उन्हें बोला गया था कि लगभग डेढ़ महीने बाद सर्टिफिकेट मिल जाएगा। उनका कहना है कि वह लगभग दो से ढ़ाई महीने बाद सर्टिफिकेट लेने पहुंची तब नहीं मिला। कर्मचारियों ने कहा मिल नहीं रहा है। पिछले कई दिनों ने मैं दौड़ रही लेकिन अभी तक सर्टिफिकेट मिला नहीं। न तो रजिस्टर में कहीं नाम चढ़ा है। यह सब लापरवाही है। उधर बच्चे का एडमिशन सर पर है। सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा तो दिक्कत बढ़ जाएगी। उन्होंने बताया कि कई दिन से मैं घंटों ऑफिस में खड़ी रहती हूं। फिर ये लोग कहते हैं ढूंढा जा रहा है लेकिन मिलता नहीं है। केस-4 पिता का नाम गलत चढ़ा अपने ढ़ाई साल के बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट सही करवाने आई दिव्या ने बताया कि बेटे का बर्थ सर्टिफिकेट जन्म के कुछ महीनों बाद ही बन गया था। लेकिन अब जब एडमिशन कराने गए पता चला कि उसके पापा नाम गलत चढ़ गया है। अविनाश विश्वकर्मा की जगह अविनाश कुमार विश्वकर्मा हो गया है। जो बाकी जगह से अलग है। जिसकी वजह से स्कूल में यह डॉक्यूमेंट मान्य नहीं है। उसे सही कराना पड़ेगा। यहां आने पर नोटरी बनवाने को कहा गया है। क्या बोले अधिकारी अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि किसी भी बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट यदि जन्म के एक साल बाद कोई बनवाने आता है तो उसका लंबा प्रोसेस होता है। यह काम SDM स्तर से होता है। इसीलिए टाइम लगता है। वहीं जो लोग जन्म के एक साल के अंदर सर्टिफिकेट बनवाते हैं, उनका समय से बन जाता है। उन्होंने बताया कि सर्टिफिकेट बनने के बाद अगर उसमें कुछ संसोधन कराना है तो उसके लिए कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट आवश्यक होता है। उसके बिना कुछ भी संसोधित नहीं किया जा सकता है। संसोधन प्रोसेस जटिल होता है, इसलिए इसमें पूरा प्रूफ चाहिए। जिसमें हॉस्पिटल से वेरिफाइड जन्म प्रमाण पत्र और जन्म के बाद लगने वाले टिके का प्रूफ। जन्म पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज 1.माता/पिता/अभिभावक का आधार कार्ड 2.प्राईवेट हास्पिटल में जन्म होने पर हास्पिटल द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र 3.घर पर जन्म होने पर 5 वर्ष तक शपथ पत्र, 5 वर्ष के उपरान्त विद्यालय का प्रमाण पत्र/जन्म तिथि में सम्बन्धित प्रमाण पत्र 4.जन्म के 21 दिन के बाद से 12 माह के भीतर मुख्य चिकित्साधिकारी गोरखपुर को सम्बोधित शपथ पत्र 5.12 माह से अधिक की अवधि के पंजीयन आवेदन पत्रों के लिए जिलाधिकारी को सम्बोधित शपथ पत्र और उप जिलाधिकारी सदर गोरखपुर द्वारा पृष्ठांकित होना आवश्यक. विलम्ब शुल्क जन्म से 21 दिवस तक: शून्य रूपया 21 दिवस से 30 दिवस तक: 2 रूपया 31 दिवस से 12 माह तक: 5 रूपया 12 माह से अधिक: 10 रूपया
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