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    गोरखपुर में मां-बाप और बेटे की एक साथ उठी अर्थी:बेटी ने डॉग ‘रुद्र’ को अपने हाथों से दफनाया; कार्ड पर भी सदस्य की तरह छपवाया था नाम

    14 hours ago

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    गोरखपुर में बेटी की शादी कर लौटते वक्त हादसे का शिकार हुए एक परिवार के तीन सदस्यों की अर्थियां एक साथ उठीं। ससुराल से आई नवविवाहित बेटी ने परिवार के पालतू डॉग ‘रुद्र’ को अपने हाथों से दफनाया। शादी के बाद पहली बार मायके आई बेटी ने नम आंखों से ‘रुद्र’ को मिट्टी दी। सुबह मां, बाप और भाई की अर्थियां एक साथ सजाई गईं। फिर उन्हें एक गाड़ी में रखकर राजघाट श्मशान घाट ले जाया गया, जहां भतीजे ने तीनों चिताओं को मुखाग्नि दी। बेटी की शादी कर लौट रहे माता-पिता और भाई सहित पांच लोगों की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इस हादसे में परिवार के सदस्य की तरह हर पल साथ रहने वाले डॉग ‘रुद्र’ की भी जान चली गई थी। शनिवार देर रात पोस्टमॉर्टम के बाद जब शव घर पहुंचे, तो मंजर ऐसा था कि नवविवाहित बेटी के अलावा परिवार में कोई रोने वाला तक नहीं था। पड़ोसी ही उसे संबल दे रहे थे। दरअसल, खोराबार निवासी यह परिवार रांची में 20 अप्रैल को बेटी की शादी के बाद 24 अप्रैल को कार से लौट रहा था। हादसे में परिवार के तीन सदस्यों के अलावा दो ड्राइवरों की भी जान चली गई। दोनों ड्राइवर बिहार के गया के रहने वाले थे। पगफेरों के लिए आना था, आई परिवार को अंतिम विदाई देने गोरखपुर में जिस बेटी की डोली उठने के बाद उसे पगफेरों के लिए मायके आना था। वह शनिवार को मायके पहुंची जरूर लेकिन मां-पिता और भाई को अंतिम विदाई देने। दो दिन पहले ही सब हंसी-खुशी उसे विदा करने उसके साथ थे। पिता ने खुशी-खुशी उसे नई जिंदगी शुरू करने के लिए आशीर्वाद दिया था। लेकिन शाम को जब वो मायके पहुंची तो स्वागत के लिए कोई नहीं था, सिर्फ मातम, सन्नाटा। न कोई आंसू पोंछने वाला न संबल देने वाला। परिवार की तरह रहा और परिवार के साथ ही चला गया विनय श्रीवास्तव, प्राइवेट स्कूल में टीचर थे। पत्नी, बेटी, बेटा के अलावा डॉग रुद्र भी परिवार का सदस्य ही था। डॉग का नाम भी रखा था रुद्र श्रीवास्तव। उसने बेटे की रखते थे। बेटी मिमांसा की शादी के कार्ड में स्वागताकांक्षी में भी रुद्र श्रीवास्तव का नाम छपवाया था। शनिवार को जब रुद्र का शव घर पहुंचा तो ससुराल से कुछ देर पहले ही पहुंची बेटी ने अपने हाथों से रुद्र को ले जाकर दफनाया। गया में ही रूक जाते तो शायद बच जाती जान... खोराबार के रहने वाले विनय श्रीवास्तव की बेटी मिमांसा की शादी 20 अप्रैल को रांची में हुई थी। मिमांसा के पति सुधांशु शेखर देवरिया के रघवापुर के रहने वाले हैं लेकिन शादी झारखंड के रांची में हुई। बेटी की शादी करने विनय श्रीवास्तव (53) अपनी पत्नी अर्चना श्रीवास्तव (48), बेटे कृतार्थ (27) और पालतू कुत्ते रुद्र के साथ गए थे। 23 अप्रैल को शादी की सारी रस्में पूरी करके वे लौट रहे थे। बिहार के गया में उनकी कार का एक्सीडेंट हो गया। एक्सीडेंट के बाद स्थानीय लोगों ने हंगामा किया तो पुलिस पहुंची और कार को थाने लेकर गई। उन्होंने कार छुड़ाने की हर संभव कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी तो रुकने की बजाय वे एक स्कार्पियो गाड़ी किराए पर लिए, दो ड्राइवर्स को भी हायर किया। एक रिश्तेदार ने बताया कि सबने रोकने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। कहा- कार बाद में लेकर जाएंगे, अभी गोरखपुर पहुंचना है। स्कार्पियो से वे लोग गोरखपुर निकले। मऊ के पास बेकाबू हुई स्कार्पियो, एक झटके में पूरा परिवार खत्म तड़के मऊ के पास हाईवे पर अचानक स्कॉर्पियो बेकाबू हो गई। डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में चली गई। सामने से आ रहे ट्रेलर से टकरा गई। हादसे के बाद बुरी तरह पिचकी स्कार्पियो में परिवार फंस गया। स्थानीय लोगों और पुलिस ने जैसे-तैसे सभी को बाहर निकाला, लेकिन तब तक सभी की मौत हो चुकी थी। पुलिस के मुताबिक, हादसे के वक्त गाड़ी की स्पीड 90 से 100 किमी के बीच थी। ड्राइवर पुरुषोत्तम को झपकी आई और स्कार्पियो डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरे लेन में पहुंच गई। उधर, तेज रफ्तार ट्रेलर था। ट्रेलर की चपेट में स्कार्पियो आ गई। टक्कर के बाद ट्रेलर कई मीटर तक स्कार्पियो को घसीट ले गया। हादसे के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया। भाई के बेटे ने दी मुखाग्नि, शादी भी टली सुबह से ही परिवार के साथ अन्य रिश्तेदार पहुंचने लगे थे। अशोकनगर से तीनों अर्थियां एक साथ उठीं तो हर कोई रो पड़ा। तीनों के शव का अंतिम संस्कार राजघाट के मोक्षधाम में किया गया। मुखाग्नि विनय के भाई के बेटे आनंद श्रीवास्तव उर्फ प्रियांशु ने दी। प्रियांशु की शादी 7 मई को थी लेकिन घर में तीन मौत के बाद शादी टल गई है। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें अलीगढ़ में मजदूर पर गिरा मिट्‌टी का टीला, जिंदा दफन; 14 फीट गहरे गड्‌ढे में काम कर रहा था, भाई बोला- जेई ने लात मारकर धकेला अलीगढ़ में मिट्टी के टीले में दबकर एक मजदूर की मौत हो गई। वह 14 फीट गहरे गड्ढे में पानी की पाइपलाइन सही कर रहा था। जेसीबी से मिट्‌टी हटाकर साथियों ने उसे बाहर निकाला। अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पढ़िए पूरी खबर
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