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    गोरखपुर में मेडिकल स्टोर पर इंजेक्शन से बच्ची की मौत:खांसी और बुखार के बाद बिगड़ी तबीयत, एफआईआर दर्ज; मेडिकल स्टोर संचालक फरार

    2 hours ago

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    गोरखपुर में 9 वर्षीय बच्ची की मेडिकल स्टोर पर इंजेक्शन लगने के बाद मौत हो गई। बच्ची को मामूली खांसी और बुखार की शिकायत थी। गलत इलाज और लापरवाही ने कारण उसकी जान चली। जिसके बाद इलाके में शोक का माहौल है। मृत बच्ची की मां ने बताया कि रविवार शाम करीब 4 बजे उनकी बेटी को खांसी और बुखार था। इलाज के लिए वे पास के एक मेडिकल स्टोर पर गईं थी। जहां इलाज के तौर पर उसे इंजेक्शन दिया गया था। उन्होंने बताया की मेडिकल स्टोर संचालक ने बेटी को इंजेक्शन लगाया जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। कुछ ही देर में बच्ची ने दम तोड़ दिया।मां की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मामला रविवार शाम 4 बजे उरुवा क्षेत्र के मसूरिया गांव का बताया जा रहा है। बच्ची की मां ने सुनाई आपबीती बांसगांव थाना क्षेत्र के मसूरिया गांव की रहने वाली शशिकला पुलिस के पास पहुंची और आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि उनकी 9 साल की बेटी दिव्या को रविवार से खांसी और बुखार था। अपनी बेटी को राहत दिलाने के लिए वे रविवार शाम करीब 4 बजे पास के जौहराबाद स्थित एस.एन. मेडिकल स्टोर पर ले गईं। शशिकला का आरोप है कि मेडिकल स्टोर संचालक ने दिव्या को देखते ही उसे एक इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगने के चंद मिनटों बाद ही दिव्या की हालत तेजी से बिगड़ने लगी और देखते ही देखते उसने दम तोड़ दिया। मासूम की मौत होते ही मेडिकल स्टोर संचालक घबरा गया और दुकान छोड़कर मौके से फरार हो गया। मेडिकल स्टोर्स को केवल दवाएं बेचने का अधिकार घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी अलर्ट हो गई। उरुवा के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. जे.पी. तिवारी ने इस मामले पर कहा कि किसी भी मेडिकल स्टोर पर मरीज को इंजेक्शन लगाना या क्लिनिक की तरह इलाज करना पूरी तरह गैरकानूनी है। मेडिकल स्टोर्स को केवल दवाएं बेचने का अधिकार होता है, इलाज करने का नहीं। डॉ. तिवारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) और डिप्टी CMO को विस्तृत रिपोर्ट भेज दी है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जाँच के बाद संबंधित मेडिकल स्टोर के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बांसगांव के थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। माँ की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और फरार संचालक की तलाश तेज कर दी गई है।
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