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    गोरखपुर में विश्व मलेरिया दिवस पर विभाग सतर्क:13.4 लाख जांच में 112 मरीज मिले, समय पर इलाज से सभी स्वस्थ

    2 hours ago

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    गोरखपुर में मलेरिया नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग की रणनीति असरदार साबित हुई है। वर्ष 2018 से 24 अप्रैल 2026 तक करीब 13.4 लाख लोगों की जांच में 112 मरीज मलेरिया से संक्रमित मिले। सभी मरीजों का समय पर इलाज कर उन्हें पूरी तरह स्वस्थ किया गया और इस अवधि में एक भी मौत दर्ज नहीं हुई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा ने विश्व मलेरिया दिवस (25 अप्रैल) पर यह जानकारी दी। सीएमओ ने बताया कि मलेरिया की समय पर पहचान और उपचार से यह बीमारी 3 से 14 दिन में पूरी तरह ठीक हो जाती है। इसलिए तेज बुखार या अन्य लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विभागीय प्रयासों के साथ आम लोगों की भागीदारी इस लड़ाई में सबसे अहम है। विश्व मलेरिया दिवस पर जिलेभर में जागरूकता कार्यक्रम विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जिले में विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। इस वर्ष की थीम “मलेरिया को समाप्त करने का दृढ़ संकल्प, अब हम कर सकते हैं, अब हमें करना ही होगा” रखी गई है। इसके तहत लोगों को साफ-सफाई, पानी जमा न होने देने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2030 तक मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य तय है। इसके लिए “हर रविवार, मच्छर पर वार” अभियान को जन-आंदोलन बनाने की कोशिश की जा रही है। लोगों से अपील है कि घर और आसपास जमा पानी को हर हफ्ते साफ करें और अनावश्यक पात्रों को हटाएं। घर-घर में सावधानी जरूरी उन्होंने बताया कि मलेरिया फैलाने वाला मच्छर साफ पानी में पनपता है और सुबह-शाम काटता है। कूलर, पानी के टैंक, गमले, पशु-पक्षियों के बर्तन, नारियल के खोल और बोतलों में पानी जमा नहीं होने देना बेहद जरूरी है, खासकर बारिश से पहले। संक्रमित मादा एनाफिलिज मच्छर के काटने के 13-14 दिन बाद लक्षण सामने आते हैं। इसमें तेज बुखार के साथ ठंड लगना, कमजोरी, पसीना, उल्टी, पेशाब में जलन, मूत्र कम या लाल होना शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए। हर स्तर पर जांच और मुफ्त इलाज की व्यवस्था जिले में मलेरिया जांच की सुविधा आशा कार्यकर्ता से लेकर सभी सरकारी अस्पतालों तक उपलब्ध है। रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT) और स्लाइड जांच के साथ जरूरी दवाएं मुफ्त दी जा रही हैं। दस्तक अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग अन्य विभागों के साथ मिलकर लोगों को जागरूक कर रहा है। इस दौरान सहायक मलेरिया अधिकारी प्रभात रंजन सिंह, मलेरिया निरीक्षक आस्तिक पाण्डेय सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे और लोगों को मच्छरजनित बीमारियों से बचाव की जानकारी दी।
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