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    ग्राम पंचायत अधिकारी ने ली 2 हजार की रिश्वत, VIDEO:जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए अवैध वसूली का आरोप, शिकायत दर्ज

    4 hours ago

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    सिद्धार्थनगर जिले के इटवा ब्लॉक में तैनात एक ग्राम पंचायत अधिकारी का रिश्वत लेते हुए वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में अधिकारी को जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर पैसे लेते हुए देखा जा रहा है। मामले को लेकर भ्रष्टाचार निवारण संगठन में शिकायत दर्ज कराई गई है। यह वीडियो 7 मार्च को सामने आया। इसमें ग्राम पंचायत अधिकारी को एक युवक से 500-500 रुपए के चार नोट कुल 2000 रुपए लेते हुए देखा जा सकता है। पैसे देते समय युवक कहता है- साहब आज लगा दीजिएगा। अधिकारी पैसे लेकर अपनी जेब में रख लेते हैं। वीडियो बना रहा व्यक्ति यह कहते हुए सुनाई देता है- देख लीजिए साहब, नहीं तो कहेंगे ₹500 ही है… ₹2000 दिया हूं। ग्राम पिरैला, थाना इटवा, जनपद सिद्धार्थनगर निवासी मोहम्मद शाबान पुत्र मोहम्मद सईद ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) उत्तर प्रदेश में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने इटवा ब्लॉक के ग्राम पंचायत अधिकारी हरेंद्र पांडे पर जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर अवैध वसूली का आरोप लगाया है। शिकायत के मुताबिक, मोहम्मद शाबान हाल ही में अपना जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए इटवा ब्लॉक कार्यालय गए थे। वहां ग्राम पंचायत अधिकारी हरेंद्र पांडे ने उनका आवेदन पत्र लिया और फाइल लगाने की बात कही। आरोप है कि इसके बाद अधिकारी ने उनसे 3000 रुपये की मांग की। शाबान का कहना है कि सरकारी काम में अनावश्यक देरी और उत्पीड़न के डर से उन्हें पैसे देने पड़े। 3 हजार की मांग की शाबान ने अपनी शिकायत में यह भी बताया है कि जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कोई सरकारी शुल्क देय नहीं है। इसके बावजूद अधिकारी द्वारा अवैध वसूली की जा रही है। शिकायत में आरोप है कि अधिकारी प्रत्येक फाइल पर 2000 से 3000 रुपये तक की मांग करते हैं। जबकि फर्जी तरीके से जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ₹10,000 से ₹15,000 तक की मांग की जाती है। पीड़ित का यह भी आरोप है कि संबंधित अधिकारी ने ब्लॉक परिसर में ही निजी तौर पर एक कमरा ले रखा है, जहां लोगों से मिलकर फाइलों के नाम पर पैसे की मांग की जाती है। इसके कारण आम लोग भय और दबाव में आकर पैसे देने को मजबूर हो जाते हैं। निलंबित भी हो चुके हैं ग्राम पंचायत अधिकारी शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित अधिकारी पहले खुनियाव ब्लॉक में तैनात रह चुके हैं। वहां भी उनके खिलाफ भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और अनियमितताओं को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं और उन्हें निलंबित भी किया जा चुका है। इसके बावजूद इटवा ब्लॉक में तैनाती के बाद भी उनके ऊपर अवैध वसूली का आरोप लगाया जा रहा है। इसके अलावा शिकायत में खुनियाव ब्लॉक में हुए अग्निकांड के दौरान महत्वपूर्ण सरकारी फाइलों के जलने अथवा जानबूझकर जलाए जाने की घटना में भी उनकी संलिप्तता संदिग्ध बताई गई है और इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। पीड़ित ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) सहित अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को न्याय मिल सके। सीडीओ बोले- जांच कराई जाएगी इस मामले में मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने कहा कि प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। इटवा ब्लॉक में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी हरेंद्र पांडे पर लगे आरोपों की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में मामला सही पाया जाता है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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