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    गैस नहीं मिली तो गांव चली जाऊंगी:महिलाएं बोलीं- 40 बार फोन करने पर भी नहीं मिला सिलेंडर, क्या यही हैं अच्छे दिन?

    5 hours ago

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    ‘सिलेंडर के लिए कंपनी में करीब 40 बार फोन किया, लेकिन न फोन उठा और न ही सिलेंडर मिला। एजेंसी पर चार बार जा चुके हैं, वहां भी साफ कह दिया कि चाहे मोदी आ जाएं या योगी, सिलेंडर नहीं दे सकते। तीन दिन से घर में गैस नहीं है। अब गांव जाकर चूल्हे पर ही खाना बनाएंगे।’ यह दर्द बयां किया लखनऊ के गोमती नगर इलाके में रहने वाली अनीता शर्मा ने। अनीता की तरह लखनऊ की कई महिलाएं हैं, जिनके घर का सिलेंडर खत्म हो गया है या खत्म होने वाला है। इस बीच वह कई दिन से एजेंसी के चक्कर काट रही हैं, लेकिन उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है। महिलाओं का कहना है कि क्या यही अच्छे दिन हैं। लखनऊ से लेकर यूपी के अलग-अलग हिस्सों से भी ऐसी ही तस्वीरें सामने आ रही हैं। कहीं गैस के लिए मारामारी है तो कहीं कालाबाजारी की शिकायतें। गैस सिलेंडर नहीं मिलने से महिलाओं को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, यह जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ग्राउंड पर पहुंची। पढ़िए, क्या है हाल… पढ़िए क्या बोलीं महिलाएं- कितने दिन तक खिलाएंगे पड़ोसी? गोमती नगर के विकास खंड 2 में रहने वाली 40 साल की अनीता के घर में तीन दिन से गैस खत्म हैं। पहले उन्होंने एजेंसी में पता किया। वहां से कुछ पता नहीं चला। एजेंसी में बैक टू बैक 40 से अधिक बार कॉल किया लेकिन कॉल या मैसेज का कुछ जवाब नहीं मिला। अनीता इनसब से परेशान होकर एजेंसी पर पहुंची तो वहां उन्हें जवाब मिला कि चाहे मोदी आ जाएं या योगी सिलेंडर नहीं मिल पाएगा। वहां से अनीता उदास होकर लौट आई । अनीता का गैस सिलेंडर जब पूरी तरह खत्म हो गया तो उनकी मदद पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने किया और खाना दिया। अनीता का कहना है सोचा था ब्लैक में सिलेंडर मिल जाएगा, लेकिन वहां भी नहीं मिल रहा है। ऐसे में मेरी मजबूरी है गांव जाकर चूल्हे पर खाना बनाना पड़ेगा। हालांकि समय रहते अगर सिलेंडर मिल जाता है तो गांव नहीं जाएंगे और यहीं पर रहेंगे। नंबर लगाने के बाद भी नहीं मिल रहा सिलेंडर लखनऊ के लोहिया पार्क के पास रहने वाली रिंकी के घर गैस सिलेंडर तरह खत्म हो गया है। उनके परिवार में 6 लोग हैं। घंटों लाइन में लगने के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। रिंकी कहती हैं कि - तीन दिन से गैस सिलेंडर के लिए लाइन में लग रही हूं, इसके बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहा। हमारे परिवार में 6 लोग हैं और सिर्फ एक ही गैस कनेक्शन है। फिलहाल हम इंडक्शन पर खाना बनाकर काम चला रहे हैं। एजेंसी जाने पर वहां से कहा जा रहा है कि 25 दिन बाद सिलेंडर मिलेगा, जबकि हमने नंबर 25 दिन पहले ही लगा दिया था। लकड़ी पर खाना बना रही हूं उषा मौर्या बताती हैं कि उनके परिवार में 5 लोग हैं और घर में गैस सिलेंडर पूरी तरह खत्म हो चुका है। गैस को लेकर काफी दिक्कत हो रही है। अभी गैस पूरी तरह खत्म है, इसलिए कभी इंडक्शन पर तो कभी लकड़ी पर खाना बनाकर काम चला रहे हैं। गैस नहीं हो रहा बुक गोमती नगर की रहने वाली संतोष यादव के पास अभी सिलेंडर है, लेकिन उसके बावजूद भी वो गैस की किल्लत को देखते हुए परेशान हैं। संतोष यादव का कहना है कि गैस बुक नहीं हो पा रही है, जिससे चिंता बढ़ गई है। सीमा मौर्या बताती हैं कि उन्होंने 9 तारीख को सिलेंडर बुक कराया था, लेकिन अभी तक नहीं मिला। सीमा का कहना है कि अभी एक ही सिलेंडर पर खाना बना रहे हैं। 15 दिन पहले नया सिलेंडर लगाया था और समय से पहले बुक करा दिया था ताकि दिक्कत न हो, लेकिन अब नहीं मिल रहा है। फोन करने पर एजेंसी वाले भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। ब्लैक में भी नहीं मिल पा रहा सिलेंडर विजय लक्ष्मी वर्मा बताती हैं कि अभी गैस बुक करने पर नहीं मिल रहा है। मेरी फैमिली बड़ी है तो काफी दिक्कत हो रही है। ब्लैक में भी लेने जाओ तो 1300 से 1500 मांग रहे है और उसपर भी मिल नहीं रहा है। मेरी 13 लोगों की फैमिली है दो कनेक्शन हैं और अभी बस काम चल रहा है। लास्ट सिलेंडर लगा है और वो कभी भी खत्म हो सकता है इसलिए और दिक्कत हैं। सिलेंडर की वजह से हुआ सब कुछ महंगा गैस सिलेंडर को लेकर सरिता बताती हैं कि गैस को लेकर दिक्कत हो रही है। जितना फ्री बंटा नहीं है उतना ईधर से हमलोगों से पैसा निकाल लिया जाएगा। सिलेंडर मिल ही नहीं रहा है। सिलेंडर की वजह से सारा कुछ महंगा हो गया है एकदम गैस नहीं मिल रहा है। एक अन्य महिला ने कहा कि - गैस है ही नहीं खाना कैसे बनाएं कुछ समझ नहीं आ रहा है। अब लकड़ी लाने जा रहे हैं। लकड़ी पर खाना बनाएंगे। संगीता बताती हैं कि - गैस है ही नहीं, पक्का मकान बना है नीचे फर्श लगी है वहां बनाने की दिक्कत होती है। अभी लकड़ी का जुगाड़ नहीं है। पक्के मकान पर लकड़़ी पर कैसे खाना बनाएगे ये भी चिंता की बात है। मजबूरी में कर रहे मैनेज एक और महिला रानी बताती हैं कि गैस सिलेंडर नहीं है एक महीना पहले बुक कराए थे अभी आया नहीं है अब मजबूरी है कैसे भी मैनेज हो रहा है। पिंकी ने बताया कि सिलेंडर मिल नहीं रहा है। खाना बनाने में दिक्कत हो रही है। एजेंसी वाले बोले है 25 दिन बाद मिलेगा। आखिर क्या कर रही सरकार यूपी के कई जिलों से एलपीजी गैस और पेट्रोल-डीजल की किल्लत की शिकायतें सामने आ रही हैं। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 मार्च को समीक्षा की थी। इसमें सीएम ने सभी डीएम और एसपी को अपने जिले के हालातों पर निगरानी रखने के लिए कहा था। नोएडा, लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज जैसे बड़े जिलों में प्रशासन गैस गोदामों और गैस एजेंसियों पर जांच रहे हैं कि कहीं जानबूझकर गैस या पेट्रोल-डीजल की कमी तो नहीं बनाई जा रही। बुकिंग के कितने दिन बाद मिल रहा सिलेंडर खाद्य एवं रसद के प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद कहते हैं- किसी भी जिले में ऐसा नहीं है कि गैस सप्लाई थमी हो। बुकिंग होने के बाद सप्लाई का स्टैंडर्ड टाइम 7 दिन होता है। यूपी में 2-3 दिन में घरों में होम डिलीवरी हो रही है। हर दिन 8 से 10 लाख सिलेंडर की होम डिलीवरी हो रही है। …………. ये खबर भी पढ़ें… टुंडे कबाब और कश्मीरी चाय बन पाना मुश्किल:लखनऊ में गैस किल्लत का 5 हजार दुकानों पर असर, चटोरी गली में 60% दुकानें बंद लखनऊ में एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत काफी बढ़ गई है। हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। तमाम होटल, रेस्टोरेंट और छोटे दुकानदारों के पास कुछ ही दिन के लिए गैस बची है। कई दुकानदारों ने तो कोयले की भट्ठी और लकड़ी के चूल्हे बना लिए हैं। पढ़िए पूरी खबर
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