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    हाईकोर्ट ने पूछा- मंत्री के आगे 'माननीय' क्यों नहीं लिखा?:यूपी पुलिस को फटकारा; अपर मुख्य सचिव गृह से जवाब मांगा

    6 hours ago

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    FIR में केंद्रीय मंत्री के नाम के आगे 'माननीय' या 'श्रीमान' नहीं लगाने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। बेंच ने यूपी पुलिस से पूछा- FIR केंद्रीय मंत्री पर दर्ज हो रही थी, तो उनके नाम के आगे सम्मानजनक शब्दों का प्रयोग क्यों नहीं किया गया। दरअसल, हाईकोर्ट 31 मार्च को मथुरा में एक्सीडेंट के एक मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की सुनवाई कर रहा था। जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की बेंच ने सुनवाई करते हुए कहा- भले ही लिखित रिपोर्ट में, मंत्री का उल्लेख प्रथम सूचनादाता द्वारा अनुचित ढंग से किया गया हो, किंतु चेक FIR लिखते समय, यह पुलिस का कर्तव्य था कि वह प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सम्मानसूचक शब्द का प्रयोग करे, भले ही उसे ब्रैकेट्स में ही क्यों न लिखा गया हो। कोर्ट ने इस संबंध में अपर मुख्य सचिव (गृह) से हलफनामा दाखिल करके बताने को कहा है कि क्यों एफआईआर में केंद्रीय मंत्री का नाम सम्मानजक शब्द माननीय के साथ नहीं लिखा गया। हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई 6 अप्रैल को करेगा। जानिए कोर्ट ने क्या पूछा.. 1- फार्च्यूनर UP52-BD-7799 का मालिक कौन है? हाईकोर्ट ने एजीए शशि शेखर तिवारी से कहा, वह कोर्ट में यह सूचना देंगे कि Fortuner SUV (रजिस्ट्रेशन नंबर UP52-BD-7799) का रजिस्टर्ड मालिक कौन है, जो प्रथम सूचनादाता के कथनानुसार उसके कब्जे में है और जिसे प्रथम याचिकाकर्ता द्वारा उसे दिया गया था। 2- एसीएस गृह यह बताएंगे कि केंद्रीय मंत्री के नाम के आगे माननीय क्यों नहीं लिखा? यूपी के अपर मुख्य सचिव (गृह) शपथ पत्र दाखिल करेंगे, जिसमें यह स्पष्ट करेंगे कि एफआईआर में दर्ज केंद्रीय मंत्री के नाम के साथ ‘माननीय’ जैसे सम्मानसूचक शब्द का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया। साथ ही, कोर्ट ने एक स्थान पर उनके नाम के आगे ‘श्री’ शब्द न जोड़े जाने का कारण बताने को कहा। अब जानिए पूरा मामला… मथुरा जिले के हाइवे थाने में साल 2025 के एक एफआईआर मामले में हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा। इसमें आपराधिक धमकी और आपराधिक विश्वासघात के आरोपों वाली FIR को रद्द करने की मांग की गई है। पुलिस शिकायत के अनुसार, आरोप है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता से नौकरी दिलाने के बहाने 80 लाख रुपए लिए थे। बाद में वे यह रकम लौटाने में नाकाम रहे और उन्होंने शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी भी दी। इस मामले में केंद्रीय मंत्री का नाम FIR में दर्ज है। हालांकि, वह आरोपी नहीं हैं। एफआईआर को रद्द कराने के लिए हर्षित शर्मा, राहुल शर्मा, चिंटू चौधरी आदि ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। नौकरशाहों के लिए 'माननीय' शब्द सही नहीं 19 दिसंबर 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि 'माननीय' का प्रयोग केवल मंत्रियों और अन्य संप्रभु पदाधिकारियों के लिए उपयुक्त है, न कि नौकरशाहों या राज्य सरकार के अफसरों के लिए। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि इटावा के डीएम ने कानपुर के संभागीय आयुक्त को पत्राचार में 'माननीय आयुक्त' कहकर संबोधित किया है। ------------------------ अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए… ये खबर भी पढ़ें सीमा हैदर ने बेटे का नाम 'भारत' रखा:नोएडा में बोलीं- हिंदू होने पर गर्व, पाकिस्तान वापस नहीं जाना चाहती पाकिस्तान से भारत आईं सीमा हैदर ने अपने बेटे का नाम भारत रखा है। गुरुवार को रबूपुरा स्थित घर पर बेटे के नामकरण के दौरान सीमा ने कहा कि हिंदू धर्म बहुत खूबसूरत है। वो बहुत खुश हैं। उन्हें हिंदू होने पर गर्व है। पढ़िए पूरी खबर
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