Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    हनुमान भक्त हैं BJP वर्किंग कमेटी की मुस्लिम मेंबर:फोन पर कहती हैं 'जय श्री राम', बोलीं-ये राष्ट्रीय नारा, मुसलमानों को एतराज नहीं होना चाहिए

    6 hours ago

    1

    0

    सुबह 3 बजे नमाज और साढ़े 7 बजे हनुमान मंदिर में पूजा... यह पहचान है 1980 से भाजपा से जुड़ीं और प्रदेश कार्यसमिति की इकलौती मुस्लिम महिला सदस्य बिलकिस जहां की। करीब 45 साल पहले भाजपा का दामन थामने वाली बिलकिस राम मंदिर आंदोलन में कारसेवक भी रहीं। 18 राजनीतिक मुकदमे झेले और आज भी संगठन को ही अपना सबसे बड़ा नेता मानती हैं। दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में बिलकिस जहां ने अपनी राजनीतिक यात्रा, संघर्ष, राम मंदिर आंदोलन, 'जय श्रीराम', कांग्रेस, संगठन और निजी जीवन से जुड़े कई सवालों के बेबाक जवाब दिए। पढ़िए बातचीत के प्रमुख अंश…। सवाल: भाजपा ने आपको प्रदेश कार्यसमिति में क्यों शामिल किया? जवाब: संगठन को मेरी जरूरत थी। मैंने 1980 में भाजपा जॉइन की थी। उस समय की नेता रजिया सुल्तान मुझे पार्टी में लेकर आई थीं। तब मेरी किसी से ज्यादा पहचान भी नहीं थी। सवाल: कांग्रेस के शासनकाल में आप भाजपा से कैसे जुड़ीं? इसके पीछे क्या कारण था? जवाब: कांग्रेस हमेशा से नाकारा पार्टी रही है। उसने कभी जनता के लिए काम नहीं किया। अभी भोपाल में कांग्रेस के दो विधायक हैं, लेकिन वे आज तक क्षेत्र के दौरे पर नहीं आए। जब परिसीमन के बाद हमारा क्षेत्र उत्तर से मध्य विधानसभा में आया, तब ध्रुव नारायण सिंह विधायक बने। उन्होंने अलीगंज से बिट्टन मार्केट तक कई विकास कार्य कराए। उनके बाद सुरेंद्र नाथ सिंह विधायक बने। वे भी लगातार क्षेत्र का दौरा करते थे और लोगों से मिलते थे। लेकिन कांग्रेस के विधायक बनने के बाद से आज तक उन्होंने (कांग्रेस विधायक ने) क्षेत्र का दौरा नहीं किया। वे केवल स्वागत समारोहों में नजर आते हैं। सवाल: भाजपा से जुड़ने के बाद क्या आपको अपने समाज की ओर से किसी तरह की दिक्कत का सामना करना पड़ा? जवाब: मैं शिया बोहरा समाज से आती हूं। मुझे अपने समाज की ओर से कभी कोई परेशानी नहीं हुई। जब मैंने 2002 में पहली बार चुनाव लड़ा था, तब दाउदी बोहरा समाज ने मेरा पूरा समर्थन किया था। मैंने अब तक तीन चुनाव लड़े हैं। इनमें से दो चुनावों में मुझे मुस्लिमों का वोट नहीं मिला, लेकिन हिंदू समाज और बोहरा समाज ने मेरा पूरा साथ दिया। सवाल: भाजपा में इतने लंबे समय से हैं। क्या आपने कभी विधानसभा का टिकट मांगा? जवाब: नहीं, मैंने कभी विधानसभा का टिकट नहीं मांगा। पार्षद का टिकट भी सिर्फ एक बार मांगा था। उसके बाद दो बार पार्टी ने खुद मुझे टिकट दिया और मैं दोनों बार चुनाव जीती। सवाल: प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य बनाए जाने से पहले क्या पार्टी से कोई चर्चा हुई थी? जवाब: नहीं, इस बारे में पार्टी से कोई बातचीत नहीं हुई थी। संगठन ने सीधे मुझे कार्यसमिति का सदस्य बना दिया। इससे पहले भी मैं तीन बार प्रदेश कार्यसमिति की सदस्य रह चुकी हूं। सवाल: क्या आप भाजपा के अन्य कार्यकर्ताओं की तरह 'जय श्रीराम' का नारा लगाती हैं? जवाब: हां, हमें 'जय श्रीराम' बोलने में कोई परेशानी नहीं है। हम शिया बोहरा समाज से आते हैं। 'जय श्रीराम' हमारे लिए राष्ट्रीय नारा है। हिंदू और मुस्लिम, दोनों इसे समझते हैं। सवाल: आपकी राजनीति में कहां तक जाने की इच्छा है? जवाब: मेरी चेयरमैन बनने की इच्छा थी, लेकिन जो संगठन करेगा वह ठीक है। सवाल: आप सदस्य बन गई हैं, क्या आगे विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा है? जवाब: मैं ये पार्टी पर छोड़ती हूँ। पार्टी जाने, लेकिन मुझे भोपाल के मध्य-उत्तर से लड़ाया जाए तो मैं जरूर लड़ूँगी। सवाल: आपके परिवार में कौन-कौन हैं? जवाब: हमारे परिवार में चार बहनें और एक भाई थे। भाई और उनकी पत्नी, दोनों का निधन हो चुका है। अब मैं और मेरी एक बहन हैं। मैंने अपनी बहन की शादी कर दी, लेकिन खुद शादी नहीं की। राजनीति में सक्रिय होने के साथ परिवार की जिम्मेदारी भी मेरे ऊपर आ गई थी। भाई के निधन के बाद घर संभालने वाला कोई नहीं था, इसलिए मैंने विवाह नहीं किया। सवाल: पिछले तीन मुख्यमंत्रियों में किसका काम आपको सबसे बेहतर लगा? जवाब: मुझे शिवराज सिंह चौहान का काम सबसे अच्छा लगा। हनुमान भक्त भी हैं बिलकिस बिलकिस जहां रोज सुबह 3 बजे अलीगंज की मस्जिद में नमाज अदा करती हैं। इसके बाद पिछले 22 वर्षों से वह नियमित रूप से सुबह 7:30 बजे कमला पार्क स्थित हनुमान मंदिर जाकर पूजा-अर्चना करती हैं। बिलकिस भगवान हनुमान को 'बाबाजी' कहकर संबोधित करती हैं। उनका मानना है कि बाबाजी ने जीवन के हर कठिन दौर में उनका साथ दिया है। यही वजह है कि वह प्रत्येक मंगलवार को व्रत रखती हैं। वह मक्का, जेद्दा, ईरान और मिस्र जैसे मुस्लिम तीर्थस्थलों की यात्रा कर चुकी हैं। इसके अलावा तीन बार माता वैष्णो देवी के दर्शन भी कर चुकी हैं। राम मंदिर आंदोलन में रहीं कारसेवक 1990 के राम मंदिर आंदोलन के दौरान बिलकिस जहां कारसेवक के रूप में अयोध्या जा रही थीं। रास्ते में प्रयागराज (तत्कालीन इलाहाबाद) में उन्हें अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ रोक लिया गया था और तीन दिन तक वहीं रखा गया। तुर्क आक्रमणकारी महमूद गजनवी का पुतला दहन करने के मामले में उन्हें एक दिन जेल भी जाना पड़ा था। 1993 का चुनाव: खून बहता रहा, फिर भी नहीं छोड़ा मैदान 1993 के विधानसभा चुनाव में वह भोपाल उत्तर सीट से भाजपा प्रत्याशी रमेश शर्मा 'गुट्टू भैया' के लिए प्रचार कर रही थीं। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पथराव में उनके माथे पर गंभीर चोट लगी और काफी खून बहा, लेकिन उन्होंने प्रचार नहीं छोड़ा। उन्हें रोकने के लिए उनके खिलाफ 18 राजनीतिक मुकदमे दर्ज किए गए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उल्लेखनीय है कि भोपाल उत्तर विधानसभा सीट पर भाजपा के इतिहास में यह अब तक की एकमात्र जीत रही है। भाजपा की पहली मुस्लिम महिला बूथ एजेंट राजनीति के शुरुआती दौर में वह मुस्लिम बहुल सैफिया कॉलेज मतदान केंद्र पर भाजपा की इकलौती महिला बूथ एजेंट थीं। उनके प्रयासों से उनके परिवार ने भी भाजपा को वोट देना शुरू किया। उमा भारती ने दिया था 'बिल्ली' नाम पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती उन्हें प्यार से 'बिल्ली' कहकर बुलाती हैं। वहीं, 1979 में जनता पार्टी की नेता रजिया सुल्तान और आरएसएस के शशिभाई सेठ के संपर्क में आने पर शशिभाई ने उन्हें 'बिल्लू चांद' नाम दिया था। आज भी वे उन्हें इसी नाम से पुकारते हैं। 2002 के चुनाव में दिग्विजय ने की थी सभा 2002 के पार्षद चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उनके खिलाफ अलीगंज में सभा की थी। वहीं, प्रशासन ने उमा भारती को वहां सभा की अनुमति नहीं दी थी, जिसके बाद उन्होंने इतवारा में जनसभा की। उस चुनाव में सुंदरलाल पटवा, बाबूलाल गौर, कैलाश सारंग और उमाशंकर गुप्ता ने उनके लिए सक्रिय प्रचार किया था। इन पदों की है उम्मीद बिलकिस जहां को उम्मीद है कि भविष्य में संगठन उन्हें राज्य मदरसा बोर्ड का अध्यक्ष, राज्य अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष या राज्य महिला आयोग का सदस्य बनने का अवसर देगा।
    Click here to Read more
    Prev Article
    दतिया से नरोत्तम नहीं, आशुतोष तिवारी BJP कैंडिडेट:8KM तक हाईवे जाम, जिलाध्यक्ष समेत पार्षदों के इस्तीफे; आधी रात तक डटे रहे समर्थक
    Next Article
    मोहाली में फॉर्च्यूनर पलटी, जिम मालिक समेत 2 की मौत:बोनट विंडशील्ड तक मुड़ा, टायर उखड़े; छत-दरवाजे पिचके, लुधियाना से दिल्ली जा रहे थे

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment