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    प्रधानमंत्री मोदी और न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन की मुलाकात, हिंद-प्रशांत सहयोग को गहरा करने पर जोर

    3 hours from now

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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने न्यूजीलैंड के अपने समकक्ष क्रिस्टोफर लक्सन के साथ ऑकलैंड में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रेखांकित किया कि भारत और न्यूजीलैंड दोनों ही समुद्री देश हैं, और उनके बीच का गहरा सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र को एक नई मजबूती और स्थिरता प्रदान करेगा।ऑस्ट्रेलिया की अपनी यात्रा पूरी करने के बाद पीएम मोदी अपने तीन देशों के दौरे के आखिरी चरण में न्यूजीलैंड पहुंचे हैं। लगभग 40 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली न्यूजीलैंड यात्रा है। इस ऐतिहासिक दौरे का मुख्य उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव और आक्रामक रुख के बीच आपसी रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करना है।यह महत्वपूर्ण बैठक भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाल ही में संपन्न हुए मुक्त व्यापार समझौते की पृष्ठभूमि में हुई है। वार्ता की शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा कि दो समुद्री राष्ट्रों के रूप में हमारा करीबी सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र को नई शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के मजबूत संबंध वैश्विक शांति के साझा लक्ष्यों को हासिल करने में नई ऊर्जा का संचार करेंगे।बैठक के बाद दोनों देशों ने विभिन्न क्षेत्रों में आपसी तालमेल बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। जारी किए गए संयुक्त बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और पीएम लक्सन द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी के लिए एक महत्वाकांक्षी और दीर्घकालिक दृष्टिकोण पर सहमत हुए हैं।दोनों देशों ने साल 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 35,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 2.25 अरब अमेरिकी डॉलर का है। मुक्त व्यापार समझौते और शुल्क-मुक्त कारोबारी माहौल से इसमें तेजी आने की संभावना है। इसके अतिरिक्त, एफटीए के तहत अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश का प्रावधान किया गया है, जिससे आर्थिक साझेदारी और मजबूत होगी।वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने एक स्वतंत्र, खुले, शांतिपूर्ण और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया। इसके साथ ही, दोनों प्रधानमंत्रियों ने पश्चिम एशिया में फिर से बढ़ते तनाव पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। बैठक में न्यूजीलैंड में रह रहे तीन लाख से अधिक भारतीय मूल के लोगों की भूमिका की भी सराहना की गई, जो वहां की राजनीति, अर्थव्यवस्था और व्यापार में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
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