Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    होर्मुज में लाल झंडे वाले दो जहाज देख चौंका अमेरिका, ट्रंप ने तुरंत जिनपिंग को घुमाया फोन!

    3 hours from now

    1

    0

    ईरान की जंग में अब एक नई एंट्री हो चुकी है और यह एंट्री किसी छोटे देश की नहीं बल्कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी ताकत की है। चीन अब खुलकर मैदान में उतरता हुआ नजर आ रहा है और इसी के साथ ही बता दें कि अमेरिका और इजराइल की टेंशन इस वक्त कई गुना ज्यादा बढ़ गई है। लेकिन सवाल अब सिर्फ जंग का नहीं है बल्कि सुपर पावर टकराव का हो चुका है। ईरान की मदद के लिए चीन से दो बड़े जहाज ईरान की तरफ रवाना हो गए हैं। इस खबर से अमेरिका में इस वक्त बता दें कि खतरनाक हड़कंप भी मचा हुआ है। चीन ने इन जहाजों के अंदर ऐसा क्या भेजा कि अब सबकी नजरें इन जहाजों पर टिक गई है। इसको लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं काफी ज्यादा तेज है। दरअसल बता दें कि चीन और ईरान के बीच बेहद मजबूत आर्थिक रिश्ता है।इसे भी पढ़ें: 12,000,000,000 डॉलर! Iran की तबाही में अमेरिका ने इतने पैसे फूंक दिएईरान का लगभग 90% कच्चा तेल चीन खरीदता है। यानी चीन की एनर्जी सिक्योरिटी काफी हद तक ईरान पर टिकी हुई है। अगर ईरान कमजोर होता है तो इसका सीधा असर चीन की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। अब सबसे बड़ी खबर यह कि चीन से दो बड़े मालवाहक जहाज ईरान की तरफ रवाना हुए हैं। इन जहाजों के नाम बताए जा रहे हैं शाब्डीस और बर्जी। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह जहाज चीन के जुहाई के पास एक केमिकल पोर्ट से निकले हैं और दावा यह सामने आया है कि इनमें मिलिट्री ग्रेड केमिकल लदा हो सकता है। अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट में यह बड़ा खुलासा सामने आया है और यह बताया गया है कि इन जहाजों में ऐसे केमिकल हो सकते हैं जो बैलस्टिक मिसाइल और रॉकेट बनाने में इस्तेमाल होते हैं। कुछ एक्सपर्ट्स ने यह भी दावा किया है यह बताया है कि इनमें हथियारों की खेप भी हो सकती है। दावा यह भी सामने आया है कि इसमें चीन ने ईरान को बड़ी मानवीय सहायता के रूप में दवाइयां और चिकित्सा उपकरण भेजे हैं। यह सहायता नागरिक आबादी को राहत पहुंचाने के लिए है। इसके साथ ही चीन ईरान में बता दें कि रणनीतिक भागीदारी को मजबूत करते हुए यहां पर कई हजार गुना डॉलर की सहायता भी प्रदान कर रहा है। रिपोर्ट्स में यह खुलासा हुआ है कि यह सहायता का उद्देश्य जो है वो यह है कि 13 टन से अधिक दवाइयां के पैकेट्स और मेडिकल सामग्री जो है वो चीन ने ईरान में संघर्ष के दौरान मानवीय संकट को कम करने के प्रयास के तौर पर की है और इन्हीं सभी वजहों के कारण यह अटकलें तेज है कि इन दवाओं के नाम पर चीन ने कुछ और ही ईरान को भेजा है जो इस युद्ध में ईरान की बड़ी मदद कर सकता है। हालांकि इसकी कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।इसे भी पढ़ें: Iran-US War में चीन को मिल गया मौका, ताइवान की घेराबंदी? ट्रंप हैरान!अब इन जहाजों पर नजर रखे हुए हैं अमेरिका और यूरोपियन यूनियन। क्योंकि अगर यह जहाज ईरान पहुंचते हैं तो ईरान को बड़ी सैन्य ताकत मिल सकती है और अगर अमेरिका इन्हें रोकने की कोशिश करता है तो सीधा टकराव चीन से हो सकता है। इस बीच ईरान लगातार इजराइल पर मिसाइल और ड्रोन से हमले भी कर रहा है। बता दें कि रोशोन लीजियन पर तेल लवीब जैसे शहरों को निशाना बनाया गया है। दावा यह है कि क्लस्टर बम तक इस्तेमाल किए गए हैं। हालांकि इन दावों की अभी कोई भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अगर चीन खुलकर ईरान के साथ आ गया और अमेरिका इजराइल के साथ पहले ही खड़ा है तो यह जंग मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगी। 
    Click here to Read more
    Prev Article
    Gaurav Bhatia का Rahul Gandhi पर तंज, मोहब्बत की दुकान में सिर्फ राष्ट्र-विरोधी बातें?
    Next Article
    शेख हसीना की 'Christian State' वाली चेतावनी सच? भारत में गिरफ्तार US सैनिक Matthew VanDyke का कनेक्शन!

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment