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    HPCL हत्याकांड का आरोपी खुद बोलेरो चलाकर प्लांट में घुसा:बदायूं में कोटेदार मां पर दर्ज होगा बिजली चोरी का केस, साथी बोले- दोस्ती में दिया साथ

    2 hours ago

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    बदायूं के एचपीसीएल प्लांट में हुए दोहरे हत्याकांड की जांच में नए खुलासे हुए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह खुद बोलेरो चलाकर प्लांट में घुसा था और उसने महज चार मिनट में दो लोगों की हत्या कर दी। इस मामले में उसके साथियों ने कई राज खोले हैं। वहीं, आरोपी की कोटेदार मां किरन देवी की दुकान पर बिजली चोरी पकड़ी गई है, जिस पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उसके ताऊ की संपत्ति पर बुलडोजर कार्रवाई भी शुरू हो गई है। पुलिस के अनुसार, यह पूरी वारदात सुनियोजित थी। प्लांट में तैनात गैस किट ऑपरेटर मुनेंद्र विक्रम सिंह ने गेट खुलवाया और उसे खुला रखा, जिससे अजय बिना किसी बाधा के अंदर प्रवेश कर गया। ड्राइवर धर्मेंद्र यादव भी घटना के समय प्लांट परिसर के भीतर ही मौजूद था। धर्मेंद्र भी एक तमंचा अपने साथ ले गया था। जांच में पता चला है कि वारदात से पहले तीनों आरोपियों के बीच लगातार मोबाइल पर बातचीत हुई थी। अजय ने पहले मुनेंद्र को कॉल किया, जिसके बाद मुनेंद्र ने धर्मेंद्र से संपर्क साधा। इसके बाद धर्मेंद्र और मुनेंद्र गाड़ी लेकर सैजनी पहुंचे, जहां से अजय ने खुद गाड़ी चलाकर प्लांट तक का सफर तय किया। यह भी सामने आया है कि धर्मेंद्र यादव भी अपने साथ तमंचा लेकर गया था। प्लांट में घुसते ही अजय ने दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया और कुछ ही मिनटों में मौके से फरार हो गया। शुरुआत में पुलिस ने मामले में बोलेरो लूट की धारा भी जोड़ी थी। हालांकि, जांच में आरोपियों की मिलीभगत सामने आने के बाद इस धारा को हटा दिया गया है। पुलिस का कहना है कि ड्राइवर ने खुद ही वाहन आरोपी को सौंपा था, इसलिए लूट का मामला नहीं बनता। कॉल डिटेल के आधार पर मुनेंद्र (निवासी बिहारीपुर अजब) और धर्मेंद्र (निवासी कांसपुर, कोतवाली दातागंज) की भूमिका स्पष्ट हुई है। दोनों के खिलाफ साजिश रचने का मुकदमा दर्ज किया गया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि अजय प्रताप ने इलाके में अपना रसूख और दबदबा कायम रखने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया था। हालांकि, इतनी बड़ी वारदात के पीछे की ठोस वजह अब भी साफ नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने सिर्फ दोस्ती में सहयोग की बात कबूली है। एक तरफ जहां आरोपी की प्लांट के भीतर एंट्री और वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं दूसरी ओर उसकी मां पर बिजली चोरी का मामला सामने आने से पूरा परिवार अब कानूनी शिकंजे में घिरता नजर आ रहा है।
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