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    ईरान में फंसे बाराबंकी के एक दर्जन से अधिक लोग:परिजन बोले- सरकार मदद करे, संपर्क टूटा

    2 hours ago

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    ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के कई परिवार चिंतित हैं। जानकारी के अनुसार, ईरान के धार्मिक और शैक्षणिक केंद्र कुम शहर में बाराबंकी के एक दर्जन से अधिक छात्र, मौलाना और उनके परिजन फंसे हुए हैं। हमलों के बाद इंटरनेट सेवाएं बाधित होने से इन लोगों से संपर्क टूट गया है, जिससे परिवारों की परेशानी बढ़ गई है। बताया गया है कि कुम में मौलाना जफर अब्बास उर्फ फैजी, मौलाना आबिद हुसैन काजमी, मौलाना अली मेहदी रिजवी और मौलाना सैयद काशिफ रिजवी जैदपुरी सहित कई लोग शिक्षा और धार्मिक कार्यों से जुड़े हैं। इनके साथ परिवार के कुछ सदस्य, बच्चे और रिश्तेदार भी वहीं रह रहे हैं। शुरुआती समय में कुछ लोगों से फोन पर बात हो पाई थी, लेकिन बाद में इंटरनेट बंद होने से संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया। मौलाना जफर फैजी के भाई मौलाना अब्बास मेहदी ‘सदफ’ ने बताया कि हमले के तुरंत बाद उनसे बातचीत हुई थी। उस समय उन्हें बताया गया था कि कुम शहर की सीमा के पास हमला हुआ है, लेकिन हालात नियंत्रण में हैं। इसके बाद से संपर्क न हो पाने के कारण परिवार लगातार बेचैन है। कटरा मोहल्ले के मौलाना अली मेहदी के परिजनों ने भी इसी तरह की चिंता व्यक्त की है। कई वर्षों तक कुम में रह चुके मौलाना इमरान का कहना है कि वहां के लोग शांतिप्रिय हैं और सामान्य परिस्थितियों में शहर शांत रहता है। उनका मानना है कि मौजूदा परेशानी की मुख्य वजह इंटरनेट सेवाओं का बंद होना है, जिससे संवाद रुक गया है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके परिचित पिछले 15 वर्षों से वहां शिक्षा दे रहे हैं और शुरुआती जानकारी के अनुसार वे सुरक्षित हैं। स्थानीय लोगों ने केंद्र सरकार से अपील की है कि ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। परिजनों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए समय रहते ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाया जा सके।
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