Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    ईरान ने US Navy पर दागीं मिसाइलें तो अमेरिका ने 3 तेल टैंकर उड़ा दिए! ट्रंप की धमकी के बाद बड़ा एक्शन

    4 hours from now

    1

    0

    अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने शनिवार को ईरान के तीन कच्चे तेल के टैंकरों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, यह कार्रवाई तब की गई जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने क्षेत्रीय जल क्षेत्र में गश्त कर रहे दो अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने की कोशिश की।अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि एक एयरक्राफ्ट कैरियर और गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर ने ईरान के कई कथित हमलों से खुद को सफलतापूर्वक बचाया।ईरान के 3 तेल टैंकरों को बनाया निशानाअमेरिकी कमांड के अनुसार, ईरानी हमले की कोशिश के बाद अमेरिकी सेना ने एमटी डौनी (M/T Downy) और एमटी स्टार्क 1 (M/T Stark 1) नाम के दो IRGC क्रूड ऑयल टैंकरों को नष्ट कर दिया। इनमें से एक को खार्ग आइलैंड के पास और दूसरे को जास्क के नजदीक निशाना बनाया गया।इसके अलावा एक खाली तेल टैंकर एमटी काइलो को ओमान की खाड़ी में निष्क्रिय कर दिया गया। अमेरिकी सेना के मुताबिक, इस पूरी कार्रवाई में किसी भी अमेरिकी सैनिक को नुकसान नहीं पहुंचा।https://t.co/Xo0Vj0t2AJ— U.S. Central Command (@CENTCOM) September 5, 2026इसे भी पढ़ें: Iran War खत्म होते ही Trump चलेंगे बड़ी चाल! इजरायल से लेकर सऊदी अरब तक बदलेंगे समीकरणIRGC की फंडिंग से जुड़े थे टैंकर?अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा है कि ये तीनों टैंकर अरबों डॉलर के एक कथित ‘शैडो नेटवर्क’ का हिस्सा थे। अमेरिका के मुताबिक, इस नेटवर्क के जरिए IRGC और उससे जुड़े संगठनों को आर्थिक मदद पहुंचाई जाती है।सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि अमेरिकी सेना अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका ईरान के तेल बेड़े को भी निशाना बना सकता है। कूपर के मुताबिक, अगर IRGC अमेरिकी जहाजों पर हमला करता है तो उसे इसकी और बड़ी आर्थिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।ईरान ने भी अमेरिका पर लगाया टैंकर हमले का आरोपइस बीच ईरान ने अमेरिका पर खार्ग आइलैंड के पास एक ईरानी तेल टैंकर पर हमला करने का आरोप लगाया है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने स्थानीय सूत्रों के हवाले से बताया कि घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है और टैंकर के चालक दल को सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है। यानी दोनों देशों की ओर से एक-दूसरे पर हमले के आरोप लगाए जा रहे हैं और तनाव लगातार बढ़ता दिख रहा है।इसे भी पढ़ें: ईरान की Pickaxe Mountain न्यूक्लियर साइट पर Trump का बड़ा हमला संभव, तेहरान को परमाणु हथियारों से रोकने की तैयारीट्रंप पहले ही दे चुके थे खार्ग आइलैंड को लेकर चेतावनीअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 31 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक छोटा सा पोस्ट किया था। इसके साथ शेयर किए गए एआई से बनाए वीडियो में उन्होंने खार्ग आइलैंड को “उड़ा देने” की बात कही थी। खार्ग आइलैंड ईरान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह देश के कच्चे तेल के निर्यात का प्रमुख केंद्र है।ईरान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है खार्ग आइलैंड?ईरान ओपेक का तीसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है और अपने कच्चे तेल के निर्यात के लिए खार्ग आइलैंड पर काफी निर्भर है। अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने से पहले ईरान के करीब 90 प्रतिशत कच्चे तेल के निर्यात के लिए खार्ग आइलैंड प्रमुख ट्रांजिट प्वाइंट के तौर पर काम करता था। ऐसे में इस इलाके पर किसी भी तरह का हमला ईरान के तेल निर्यात और उसकी अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकता है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    Kerala: Suprabhaatham ने की Kanthapuram की तरफदारी, VD Satheesan पर उठाए सवाल
    Next Article
    Nepal Floods: बाढ़ प्रभावित इलाकों में पत्रकारों के लिए सख्त Guidelines लागू

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment