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    इजराइल-ईरान तनाव की आंच प्रयागराज तक:अपनों की सलामती को लेकर कई परिवार बेचैन, फोन पर नहीं हो पा रहा संपर्क

    3 hours ago

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    ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव ने प्रयागराज के कई परिवारों की नींद उड़ा दी है। शहर के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले लोग अपने परिजनों की सलामती को लेकर बेहद चिंतित हैं। कोई अपनों से वीडियो कॉल पर हालचाल ले रहा है तो किसी का संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। झूंसी का परिवार इजराइल में झूंसी निवासी दान बहादुर सिंह की बेटी कविता, दामाद राजेश यादव और एक साल का नाती ऋत्विक इस समय इजराइल में हैं। दामाद वहां की एक प्रमुख यूनिवर्सिटी में रिसर्च स्कॉलर हैं और परिवार करीब चार साल से वहीं रह रहा है। मौजूदा हालात ने यहां परिजनों की चिंता बढ़ा दी है। सायरन बजते ही बंकर में ले रहे शरण दान बहादुर सिंह बताते हैं कि मोबाइल वीडियो कॉल ही संपर्क का सहारा है। बेटी ने उन्हें बताया कि मिसाइल हमले की आशंका के बीच सायरन बजते ही लोग बंकर में चले जाते हैं। सरकार की ओर से सुरक्षित बंकर बनाए गए हैं। फिलहाल उनका परिवार सुरक्षित है, लेकिन खतरा टला नहीं है। दिन-रात बस प्रार्थना कर रहे हैं सिंह कहते हैं, रात में भी नींद नहीं आती। हर पल जी घबराया रहता है कि कहीं कोई बुरी खबर न आ जाए। उन्होंने विश्व नेताओं से शांति की पहल करने की अपील की। उनका कहना है कि युद्ध किसी भी समस्या का हल नहीं है, इससे सिर्फ तबाही होती है। भारत लौटना फिलहाल नामुमकिन परिवार ने बच्चों को वापस बुलाने की कोशिश की, लेकिन फ्लाइट्स बंद हैं। बिना सरकारी अनुमति के निकलना संभव नहीं है। स्थानीय प्रशासन ने विदेश मंत्रालय से संपर्क करने की सलाह दी है। फिलहाल परिवार भगवान भरोसे है। बहन परिवार समेत ईरान में दायरा शाह अजमल मोहल्ले के सैयद मोहम्मद असकरी की बहन, बहनोई और उनका बेटा ईरान में फंसे हैं। उनकी बहन ईरान के कुम शहर में रहती हैं और वहां एक मदरसे में पढ़ाती हैं। बहनोई मूल रूप से कौशांबी के करारी के रहने वाले हैं। बहन की शादी के बाद से करीब 35 सालों से परिवार ईरान में ही बस गया था। 18 फरवरी के बाद से नहीं हो पाया संपर्क अस्करी के मुताबिक 18 फरवरी को आखिरी बार बात हुई थी। आम तौर पर 8-10 दिन में बातचीत हो जाती थी, लेकिन हमलों की खबर के बाद से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। फोन मिलाने की कोशिश हो रही है, पर कोई जवाब नहीं मिल रहा। दरियाबाद का साकिब भी ईरान में फंसा दरियाबाद के खुशनूर राजा रिजवी का बेटा साकिब मुस्तफा भी ईरान में है। रिजवी ने बताया कि दोपहर करीब दो बजे बात हुई थी, उसके बाद से संपर्क नहीं हो पा रहा। परिवार लगातार कोशिश कर रहा है, लेकिन नेटवर्क और सुरक्षा कारणों से बात नहीं हो रही। कई परिवारों की एक जैसी चिंता प्रयागराज के इन परिवारों की कहानी अलग-अलग जरूर है, लेकिन चिंता एक जैसी है कि अपने सुरक्षित लौट आएं। हर घर में दुआएं हो रही हैं और निगाहें सरकार की संभावित पहल पर टिकी हैं। तनाव भले हजारों किलोमीटर दूर हो, लेकिन उसकी आंच यहां तक महसूस की जा रही है।
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