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    IPS अजयपाल को सपा शासन में भी प्राइम पोस्टिंग:अखिलेश ने भाजपा का एजेंट बताया; खुद 2 जिलों का एसपी बना चुके हैं

    2 hours ago

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    बंगाल चुनाव में ऑब्जर्वर बनाए गए यूपी के IPS अजय पाल शर्मा चर्चा में हैं। TMC नेता जहांगीर खान पर कार्रवाई को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के निशाने पर हैं। उनकी कार्रवाई पर पूर्व CM और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तल्ख टिप्पणी की और भाजपा का एजेंट बता दिया। हालांकि IPS अजय पाल खुद अखिलेश यादव के सीएम रहते हुए प्राइम पोस्टिंग पर रहे। पहले पढ़िए अखिलेश यादव ने क्या X पर पोस्ट किया… रामपुर के एसपी रहे, संभल में तैनाती नहीं IPS अजयपाल रामपुर में तो तैनात रहे लेकिन उन्हें संभल में कभी तैनाती नहीं मिली। जबकि सपा की सरकार में IPS अजय पाल को कई जिलों में प्राइम पोस्टिंग मिली चुकी है। IPS अजयपाल भाजपा शासनकाल में 3 जिलों के कप्तान रहे। इनमें गौतमबुद्ध नगर, रामपुर और जौनपुर शामिल हैं। जबकि खुद अखिलेश के सीएम रहते उन्हें तीन प्राइम पोस्टिंग मिली। गाजियाबाद में वह एसपी सिटी रहे तो हाथरस और शामली जिले के एसपी भी रहे। गाजियाबाद में 2015 से 2016 तक वह एसपी सिटी रहे। इसके बाद करीब 8 महीने तक हाथरस के कप्तान रहे। फिर 2016 से 2018 तक शामली के कप्तान रहे। अखिलेश 19 मार्च 2017 तक यूपी के सीएम रहे। 2017 में योगी बने यूपी के CM 19 मार्च 2017 को योगी आदित्यनाथ यूपी के सीएम बने। 2018 को योगी सरकार ने IPS अजयपाल को गौतमबुद्ध नगर का एसएसपी बनाया। इसके बाद वह 2019 तक यहां तैनात रहै। 2019 को उन्हें बतौर एसपी रामपुर पोस्टिंग दी गई। 2020 को उन्हें पीटीएस उन्नाव भेज दिया गया। 2023 को वह जौनपुर के एसपी बनाए गए। 2024 को महाकुंभ से ठीक पहले उन्हें प्रयागराज कमिश्नरेट में एडिशनल सीपी बनाकर भेजा गया और महाकुंभ का नोडल अफसर भी बनाया गया। चलिए पूरा मामला समझते हैं… टीएमसी ने दक्षिण 24 परगना जिले में फाल्टा विधानसभा क्षेत्र से जहांगीर खान को टिकट दिया है। जहांगीर की उम्र 41 साल और वह 12वीं पास हैं। IPS अजय पाल शर्मा दक्षिण 24 परगना जिले के ऑब्जर्वर हैं। जहांगीर द्वारा स्थानीय लोगों को डराने-धमकाने की शिकायत IPS अजय पाल को मिली थी। इसके बाद वह टीम के साथ जहांगीर के घर पहुंचे। वहां बंगाल पुलिस के 14 जवान सुरक्षा में तैनात मिले। स्थानीय एसपी से जानकारी मांगने पर पता चला कि जहांगीर को Y कैटेगरी की सुरक्षा मिली है। इसके तहत 10 पुलिसकर्मी मिले हैं। उन्होंने मौके पर तैनात 4 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को लेकर एसपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। पूछा कि नियम विरुद्ध इस तरीके से अतिरिक्त फोर्स क्यों तैनात की गई? सोमवार को अजय पाल के 18 और 15 सेकंड के 2 वीडियो वायरल हुए। इसमें वो कह रहे हैं, ‘फिर उसकी खबर अच्छे से लेंगे हम। ये जहांगीर के घर वाले भी खड़े हैं। उसको बता देना कायदे से। ये बार बार जो खबरें आ रही हैं कि उसके लोग धमका रहे हैं। उसकी खबर अच्छे से लेंगे। फिर बाद में रोना-पछताना मत। अब अजय पाल शर्मा के बारे में पढ़िए- अजय पाल शर्मा- डेंटल सर्जन से एनकाउंटर स्पेशलिस्ट तक डेंटिस्ट से 2011 में IPS बने अजय पाल शर्मा को 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' के नाम से भी जाना जाता है। वह 15 साल के करियर में 500 से अधिक एनकाउंटर कर चुके हैं। इनमें 15 अपराधी मारे गए, जबकि अन्य गिरफ्तार किए गए। पंजाब के लुधियाना के रहने वाले डॉ. अजय पाल शर्मा IPS बनने से पहले डेंटल सर्जन थे। उन्होंने पटियाला के सरकारी मेडिकल कॉलेज से बीडीएस (डेंटल साइंसेज) की डिग्री ली थी। उनके छोटे भाई अमित पाल शर्मा एक IAS अधिकारी हैं। 41 साल के अजय पाल अभी प्रयागराज में एडिशनल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) के पद पर तैनात हैं। इससे पहले वह पांच जिलों में एसपी/एसएसपी रह चुके हैं। जौनपुर में बतौर एसपी अपने 22 महीने के कार्यकाल में उन्होंने रिकॉर्ड 136 एनकाउंटर किए। यह किसी भी जिले में एक एसपी के कार्यकाल में हुई मुठभेड़ों की संख्या के मामले में सबसे अधिक है। इन जिलों की संभाली कमान वह हाथरस, शामली, रामपुर और जौनपुर के कप्तान रह चुके हैं। वर्ष 2013 में प्रयागराज में आयोजित कुंभ मेले में बतौर एएसपी तैनात रहे। पुलिस मुख्यालय में एसपी कार्मिक और यूपी-112 के कप्तान के रूप में भी उन्हें जिम्मेदारी दी गई। महिला ने लगाए थे गंभीर आरोप अजय पाल शर्मा का करियर केवल सफलताओं से ही नहीं, बल्कि विवादों से भी भरा रहा है। 2020 में दीप्ति शर्मा नाम की एक महिला ने उन पर गंभीर आरोप लगाए थे। महिला का दावा था कि अजय पाल ने उनसे 2016 में शादी की थी और बाद में मुकर गए। इस मामले ने इतना तूल पकड़ा कि लखनऊ के हजरतगंज थाने में उनके खिलाफ FIR दर्ज हुई और एसआईटी जांच भी बैठी। इसी विवाद के चलते उनका प्रमोशन भी लंबे समय तक अटका रहा, हालांकि बाद में उन्हें क्लीन चिट मिल गई। महाकुंभ में नोडल अधिकारी रहे महाकुंभ से ठीक पहले उन्हें प्रयागराज में नोडल अधिकारी (महाकुंभ, कमिश्नरेट प्रयागराज) के पद पर तैनात किया गया। 22 दिसंबर 2024 को उन्हें एडिशनल सीपी प्रयागराज बनाया गया। इस दौरान महाकुंभ के सफल आयोजन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। महाकुंभ के बाद उन्हें एडिशनल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रयागराज का दायित्व सौंपा गया।
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