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    इटावा में सीढ़ियों से गिरे किसान की मौत:परिजनों ने जिला अस्पताल की ओटी में तोड़फोड़ की, हंगामा

    2 hours ago

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    इटावा शहर के सिविल लाइन क्षेत्र के सराय दयानत में एक परिवार की होली उस समय मातम में बदल गई जब घर के अंदर सीढ़ियों से गिरकर घायल हुए 45 वर्षीय किसान दिनेश पाल की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए इमरजेंसी में जमकर हंगामा किया। तीमारदारों ने ओटी के अंदर तोड़फोड़ करने और सरकारी दस्तावेज फाड़ने का भी आरोप लगाया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को काबू में किया। परिजनों ने शव का पैनल से पोस्टमार्टम कराने और जिम्मेदार डॉक्टर व स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सिविल लाइन क्षेत्र के सराय दयानत निवासी 45 वर्षीय दिनेश पाल पुत्र महाराज सिंह अपने घर के अंदर सीढ़ियों से गिर गए थे। इस हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट लग गई। परिवार के लोगों ने तुरंत उन्हें डॉक्टर भीमराव अंबेडकर संयुक्त जिला अस्पताल पहुंचाया। जानकारी के मुताबिक बीती रात करीब आठ बजे परिजन उन्हें घायल हालत में जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों और स्टाफ ने उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन कुछ देर बाद उनकी हालत बिगड़ गई और इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। तीन तस्वीराें में देखिए तोड़फोड़ मौत के बाद इमरजेंसी में जमकर हंगामा दिनेश पाल की मौत के बाद तीमारदारों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि इलाज में देरी की गई और खाली ऑक्सीजन सिलेंडर लगाने के साथ गलत इंजेक्शन दिए गए, जिससे दिनेश पाल की मौत हो गई। हंगामा बढ़ने पर अस्पताल का स्टाफ और नर्स वहां से हट गए। तीमारदारों ने इमरजेंसी के ओटी के अंदर जमकर हंगामा किया और वहां तोड़फोड़ भी की। अस्पताल स्टाफ के अनुसार कुछ सरकारी दस्तावेज भी फाड़ दिए गए। देखते ही देखते करीब एक सैकड़ा लोग इमरजेंसी के बाहर और अंदर इकट्ठा हो गए और लगातार डॉक्टरों के खिलाफ नाराजगी जताते रहे। पुलिस ने दो घंटे बाद कराया मामला शांत अस्पताल प्रशासन ने ओटी में हो रहे हंगामे की सूचना सिविल लाइन पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सिविल लाइन और कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने करीब दो घंटे तक परिजनों और तीमारदारों को समझाने की कोशिश की, जिसके बाद मामला शांत हो सका। परिजनों ने पुलिस से शव का पैनल से पोस्टमार्टम कराने और डॉक्टर व अस्पताल स्टाफ की भूमिका की जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। पुलिस के आश्वासन के बाद ही परिजनों ने शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाने पर सहमति जताई। परिजनों और डॉक्टरों के अलग अलग दावे मृतक के छोटे भाई अतुल पाल ने बताया कि उनके भाई खेती किसानी करते थे। सीढ़ियों से गिरने के बाद उन्हें चोट लगी थी, लेकिन रास्ते भर वह बात करते हुए अस्पताल आए थे। उनका आरोप है कि अस्पताल में इलाज में देरी की गई और गलत इंजेक्शन लगाए गए, जिससे उनके भाई की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी मरीज के साथ ऐसा न हो। वहीं ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर का कहना है कि मरीज को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया और उसकी हालत देखते हुए उसे रेफर करने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन इसी दौरान इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सिविल लाइन थाना प्रभारी के के मिश्रा ने बताया कि हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है और पैनल से पोस्टमार्टम की मांग की है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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