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    जेजे बोर्ड में कल होगी कपसाड़ मामले की सुनवाई:प्राइमरी या माध्यमिक, बोर्ड तय करेगा किसका रिकॉर्ड तलब होना है

    3 hours ago

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    मेरठ कपसाड़ मामले की शुक्रवार यानी कल जेजे बोर्ड में सुनवाई होगी। बोर्ड तय करेगा कि प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए माध्यमिक शिक्षा का सर्टिफिकेट काफी है या फिर प्राइमरी का रिकार्ड भी मंगाया जाए। दरअसल, पूरी प्रक्रिया अभी भी आरोपी की उम्र पर टिकी है। एससी-एसटी कोर्ट में इस पर बहस हो चुकी है लेकिन क्योंकि मामला जेजे बोर्ड ट्रांसफर हो चुका है, इसलिए अब आगे की प्रक्रिया को जेजे बोर्ड ही बढ़ाएगा। पहले एक नजर कपसाड़ मामले पर मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र में कपसाड़ गांव है। यहां 8 जनवरी को खेत पर काम कर रही दलित युवती रूबी का अपहरण कर लिया गया। आरोप गांव के ही ठाकुर समाज के युवक पर लगे, जिसने विरोध करने पर युवती की मां सुनीता को गंभीर रूप से घायल कर दिया। बाद में उपचार के दौराल सुनीता ने दम तोड़ दिया था। पुलिस ने अपहरण व हत्या का मुकदमा दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। न्यायालय ने उसे सलाखों के पीछे भेज दिया। दस्तावेजों में आरोपी निकला नाबालिग आरोपी के जेल जाने के बाद खुलासा हुआ कि वह वारदात के वक्त नाबालिग था। तीन एडवोकेट के पैनल संजीव राणा, बलराम सोम व विजय शर्मा ने उसका केस लड़ने की घोषणा की। तीनों ने कोर्ट के समक्ष आरोपी की उम्र से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए मामले की सुनवाई जेजे बोर्ड में किए जाने की पैरवी की। एक माह में मामला जेजे बोर्ड ट्रांसफर 10 जनवरी को आरोपी जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया। 14 जनवरी को तीनों अधिवक्ताओं ने यह याचिका दायर की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार किया और वादी पक्ष को नोटिस जारी कर दिए। 7 सुनवाई तारीखों में दोनों पक्ष ने अपनी बात रखी। आरोपी पक्ष के पैनल की पैरवी मजबूत रही, जिसके बाद मामला जेजे बोर्ड ट्रांसफर कर दिया गया। जन्म तिथि पर अभी भी असमंजस बरकरार कपसाड़ मामला भले ही एससी-एसटी कोर्ट से जेजे बोर्ड ट्रांसफर हो गया हो लेकिन आरोपी की जन्म तिथि से जुड़ा पेच अभी भी फसा है। मामले को ट्रांसफर करते हुए कोर्ट ने इस बात का जिक्र पत्रावली पर कर दिया था कि उम्र निर्धारित करने के लिए प्राइमरी शिक्षा के दस्तावेज मंगाए जा सकते हैं। एडवोकेट संजीव राणा का कहना है कि बोर्ड कल यह तय करेगा कि आगे की सुनवाई हाईस्कूल के सर्टिफिकेट के अनुसार होगी या फिर प्राइमरी का सर्टिफिकेट मंगाया जाना जरूरी है। कपसाड़ मामले में कब-कब क्या हुआ - 8 जनवरी को आरोपी ने मां की हत्या कर युवती को अगवा किया। - 9 जनवरी की रात पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर युवती को बरामद कर लिया। - 10 जनवरी को आरोपी को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। - 14 जनवरी को तीन एडवोकेट ने हाईस्कूल सर्टिफिकेट से जुड़ी रूलिंग के साथ आरोपी की तरफ से याचिका दायर की। - 22 जनवरी को याचिका मंजूर हुई और कोर्ट ने वादी पक्ष के सभी लोगों को नोटिस जारी कर दिए। - 31 जनवरी को वादी पक्ष ने बेसिक शिक्षा से जुड़े सर्टिफिकेट की रूलिंग लाने का दावा किया। - 3 फरवरी को वादी पक्ष रूलिंग उपलब्ध नहीं करा पाया। कोर्ट ने 4 फरवरी तारीख दी। - 4 फरवरी को वादी ने कक्षा 5 का सर्टिफिकेट जारी किया लेकिन उसमें भी आरोपी की जन्मतिथि हाईस्कूल के अनुसार 11-5-2008 ही मिली। - 7 फरवरी को कक्षा चार का सर्टिफिकेट लाने की मांग की लेकिन ला नहीं पाए। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। - 9 फरवरी को कोर्ट ने मामले को जेजे बोर्ड ट्रांसफर कर दिया। - 18 फरवरी को जेजे बोर्ड में सुनवाई शुरु। वादी पक्ष ने उम्र का मुद्दा उठाया। - 25 फरवरी को बोर्ड के समक्ष प्रतिवादी पक्ष ने अपोज किया। - 6 मार्च निर्धारित की गई उम्र तय करने के लिए।
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