Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    जालौन में UGC नियमावली के विरोध में प्रदर्शन:सवर्ण संघर्ष मोर्चा ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, आरक्षण आर्थिक आधार पर करने की मांग

    2 hours ago

    1

    0

    यूजीसी की प्रस्तावित नियमावली को वापस लेने समेत विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार दोपहर सवर्ण संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जालौन के उरई कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए यूजीसी नियमावली को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी समीर को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संगठन ने यूजीसी की वर्तमान नियमावली को वापस लेने, आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार पर लागू करने तथा एससी-एसटी एक्ट की समीक्षा अथवा समाप्ति की मांग उठाई। संगठन का आरोप है कि वर्तमान यूजीसी नियमावली छात्रों को जातीय आधार पर विभाजित करने वाली है और इससे सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के सामने कठिनाइयां उत्पन्न हो सकती हैं। संगठन ने सरकार से नियमावली पर पुनर्विचार कर उसे वापस लेने की मांग की। सवर्ण संघर्ष संगठन ने दूसरी मांग आरक्षण व्यवस्था को लेकर रखी। संगठन का कहना है कि आरक्षण का लाभ समाज के आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए आरक्षण का आधार आर्थिक किया जाए और लंबे समय से आरक्षण का लाभ प्राप्त कर चुके सक्षम परिवारों की समीक्षा की जाए। संगठन ने एससी-एसटी वर्ग में भी क्रीमी लेयर की व्यवस्था लागू करने की मांग की, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आरक्षण का लाभ मिल सके। तीसरी मांग में संगठन ने जातीय आधार पर बने एससी-एसटी एक्ट की समीक्षा कर इसे समाप्त करने की मांग की। पदाधिकारियों का आरोप है कि कानून के कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए और सभी वर्गों के लिए समान कानूनी संरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कुलदीप सिंह गौर ने कहा कि यूजीसी नियमावली, आरक्षण व्यवस्था और एससी-एसटी एक्ट को लेकर संगठन लंबे समय से धरातल पर आवाज उठा रहा है। उन्होंने कहा कि मंगलवार का प्रदर्शन आंदोलन की शुरुआत है। यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आने वाले समय में जिले में इससे बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन को आगे बुंदेलखंड और प्रदेश स्तर तक ले जाने की रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि संगठन किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि उन नीतियों का विरोध करता है जिन्हें वह समाज के लिए भेदभावपूर्ण मानता है। उन्होंने सभी वर्गों के सम्मान और समान अधिकार की बात करते हुए कहा कि किसी भी जाति, धर्म, देवी-देवता अथवा समुदाय के अपमान के मामलों में समान रूप से प्रभावी कानूनी प्रावधान होने चाहिए। प्रदर्शन में राजकुमार चतुर्वेदी, राहुल उपाध्याय, राजेश लहरिया, श्याम चौहान, अर्चना चौहान, संजू द्विवेदी, श्यामजी शर्मा, सोनू मिश्रा, संजीव दीक्षित एडवोकेट, जयंत सक्सेना और स्वर्ण सिंह चौहान समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    कानपुर में पागल घोड़े ने 3 लोगों को काटा:चिखने की आवाज सुनकर लाठी-डंडे लेकर दौड़े, निर्माणाधीन मकान के गड्‌ढे में गिरकर मौत
    Next Article
    आवास विकास का आउटसोर्स कर्मचारी रिश्वत लेते गिरफ्तार:पीएम आवास की रजिस्ट्री कराने के नाम पर महिला से मांगी छह हजार की रिश्वत

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment