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    जातिगत आरक्षण खत्म करना देश हित में नहीं, Lucknow में बोलीं BSP प्रमुख Mayawati

    4 hours ago

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    बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने जाति-आधारित आरक्षण को खत्म कर इसे केवल आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसा कोई भी कदम देश हित में नहीं होगा। रविवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण का प्रावधान सदियों से चले आ रहे सामाजिक भेदभाव और वंचना को दूर करने के लिए किया गया था।डॉ. अंबेडकर का दिया हवालामायावती ने आरक्षण का विरोध करने वाले लोगों से अपील की कि वे ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे एक समतामूलक समाज और स्वाभिमानी राष्ट्र के निर्माण के संवैधानिक उद्देश्य को नुकसान पहुंचे। उन्होंने डॉ. बी.आर. अंबेडकर के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि जातिवाद का त्याग करना ही सबसे बड़ी देशभक्ति है।इसे भी पढ़ें: बबुआ 12 बजे सोकर उठते हैं... CM Yogi Adityanath का Akhilesh Yadav पर तंजराहुल गांधी और कांग्रेस पर निशानादिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आरक्षण-विरोधी प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए बसपा प्रमुख ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी या कांग्रेस का कोई भी अन्य नेता प्रदर्शनकारियों को अपना रुख समझाने तक नहीं गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटनाक्रम दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों के प्रति कांग्रेस की आरक्षण-विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।EWS आरक्षण साबित हुआ अपर्याप्तमायावती ने दावा किया कि देश में आर्थिक आधार पर आरक्षण व्यवस्था पहले से ही लागू है, लेकिन सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों को भी इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है और यह व्यवस्था काफी हद तक अपर्याप्त साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक भ्रष्ट और जातिवादी सरकारी व्यवस्था के कारण आरक्षण से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों को जमीन पर ठीक से लागू नहीं होने दिया गया, जिसके चलते आजादी के दशकों बाद भी ये वर्ग गरीबी, उत्पीड़न और सामाजिक पूर्वाग्रह का सामना कर रहे हैं।इसे भी पढ़ें: आरक्षण खैरात नहीं संवैधानिक अधिकार है, Reservation Hatao Andolan पर बोले Chirag Paswanसरकारों से संरक्षण न देने की मांगबसपा प्रमुख ने केंद्र और राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे आरक्षण का विरोध करने वाले तत्वों को किसी भी तरह का आश्रय या संरक्षण न दें। इसके साथ ही उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और आम जनता से अपील की कि इस बेहद संवेदनशील मुद्दे पर सस्ती राजनीति करने से बचें।
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