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    ज्वेलर्स को धमकी देकर मांग रहे थे 12 करोड़ रंगदारी:पुलिस ने इमाम समेत 4 को गिरफ्तार किया, भोजपुरी में देते थे धमकी

    6 hours ago

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    आगरा के थाना मलपुरा पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए ऑनलाइन तरीके से रंगदारी मांगने वाले चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने ज्वेलर्स की दुकान में हुई चोरी के बाद उसी घटना को आधार बनाकर 12.5 करोड़ रुपये की 20 प्रतिशत रकम वसूलने की साजिश रची थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक सफेद स्विफ्ट कार, छह मोबाइल फोन और एक कॉपी बरामद की है। मामले में डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर धाराएं भी बढ़ाई गई हैं। क्या है पूरा मामला दिनांक 28 फरवरी 2026 को थाना मलपुरा में वादी प्रमोद कुमार अग्रवाल पुत्र राजेंद्र कुमार अग्रवाल निवासी ककुआं, थाना मलपुरा, आगरा ने तहरीर दी। उन्होंने बताया कि उनकी ज्वेलर्स की दुकान में 19 फरवरी 2026 की रात अज्ञात चोरों ने सोना-चांदी के सामान की चोरी कर ली थी। इसके बाद 23 फरवरी 2026 को उनके मोबाइल पर तथा परिवार के अन्य सदस्यों के नंबरों पर विभिन्न मोबाइल नंबरों से जान से मारने की धमकियां दी जाने लगीं। धमकी देने वालों ने बड़ी रकम की मांग की। इस पर थाना मलपुरा में मुकदमा संख्या 82/2026 धारा 351(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। 3 मार्च को गठित पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर जखौदा पुल के नीचे से इस मामले से जुड़े चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 01 स्विफ्ट कार (सफेद रंग), 06 मोबाइल फोन और 01 कॉपी बरामद की गई। पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी गौरव शर्मा ने बताया कि वह और उसके साथी चोरी की घटना के बाद 23 फरवरी 2026 से सेठ प्रमोद अग्रवाल की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। उन्होंने ऑनलाइन तरीके से अपनी पहचान छिपाकर वीपीएन पोर्टल, वर्चुअल सेकेंड लाइन, जस्ट कॉल ऐप और नॉर्ड वीपीएन जैसे माध्यमों का उपयोग किया। इन ऐप्स की मदद से वर्चुअल नंबर जनरेट कर लगातार ऑनलाइन कॉल की जाती थी। आरोपी ऑनलाइन गेमिंग में हुए पैसों के नुकसान का हवाला देकर झूठी कहानी गढ़ते थे और 12.5 करोड़ रुपये की रकम का 20 प्रतिशत देने की मांग करते थे। धमकी देकर वसूली की योजना बनाई गई थी। आरोपी हृदयेश ने बताया कि वे लोग मीडिया के जरिए सेठ के बारे में दैनिक गतिविधियों की जानकारी जुटाते थे। आरोपी धीरज सिंह स्क्रिप्ट लिखता था, जिसे गूगल के माध्यम से भोजपुरी भाषा में अनुवाद कर लिखता था। उसी की रिहर्सल कर सेठ को कॉल कर धमकी दी जाती थी। बाद में सबूत मिटाने के लिए लिखे हुए कागजों को चबा कर नष्ट कर दिया जाता था। धीरज के मोबाइल से आयकर विभाग की फर्जी वीडियो, लिखित धमकी की फोटो और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी मिली है, जो पहले सेठ को डराने के उद्देश्य से भेजी गई थी। फर्जी लोकेशन और तकनीकी चालबाजी पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने अपनी वास्तविक लोकेशन छिपाने और फर्जी लोकेशन दिखाने के लिए सेकेंड लाइन प्लस ऐप और फर्जी वर्चुअल नंबर का उपयोग किया। इसके लिए जिस खाते का इस्तेमाल किया गया, उसमें पूर्व में इन्हीं लोगों द्वारा पेड सब्सक्रिप्शन लिया गया था। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन पर काफी कर्ज हो चुका था। कर्ज चुकाने के लिए ही उन्होंने इस तरह की रंगदारी की साजिश रची। जस्ट कॉल ऐप के जरिए भी धमकी भरे कॉल किए गए। पुलिस द्वारा बरामद मोबाइल फोनों की जांच में आपसी बातचीत, वर्चुअल नंबर जनरेशन, आईडी एड्रेस सर्च से जुड़े तथ्य और धमकी भरे पत्र, ऑडियो व वीडियो क्लिप्स के डिजिटल साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण गौरव शर्मा पुत्र रामदत्त, निवासी ग्राम व पोस्ट बाड़ई, थाना मलपुरा, आगरा हृदयेश पुत्र कोमल सिंह, निवासी ग्राम व पोस्ट ककुआं, थाना मलपुरा, आगरा धीरज सिंह पुत्र श्याम सिंह, निवासी ग्राम ककोना, तहसील खटा, थाना कोसी कला, जिला मथुरा लतीफ उर्फ हसन पुत्र शरीफ, निवासी मंगल मस्जिद क्षेत्र, थाना मलपुरा, आगरा
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