Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    झांसी की 71 हजार महिलाओं को 5 करोड़ बोनस:कंपनी में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर महिलाएं बोलीं- अब और भैंस खरीदेंगे

    5 hours ago

    1

    0

    झांसी में बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी से जुड़कर काम करने वाली बुंदेलखंड की महिलाओं को इस बार उनकी मेहनत का बड़ा तोहफा मिला है।दीनदयाल सभागार में आयोजित भव्य समारोह में झांसी-ललितपुर सांसद अनुराग शर्मा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को 5 करोड़ रुपए से अधिक का बोनस वितरित किया। कार्यक्रम में सात जिलों से आई महिलाओं की मौजूदगी ने पूरे सभागार को उत्साह से भर दिया। लखपति दीदी बनाने की दिशा में बड़ा कदम ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और “लखपति दीदी” तैयार करने के उद्देश्य से वर्ष 2019 में झांसी में बलिनी का प्लांट स्थापित किया गया था। इसके बाद बुंदेलखंड के झांसी, ललितपुर, जालौन, महोबा, बांदा, हमीरपुर और चित्रकूट जिलों में भी दूध उत्पादन इकाइयां स्थापित की गईं। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. ओपी सिंह ने बताया कि वर्तमान में सातों जिलों में कंपनी की 16 यूनिट संचालित हैं, जिनसे लगभग 95 हजार महिलाएं जुड़ी हुई हैं। ये महिलाएं अपने घरों में भैंस पालन कर दूध उत्पादन करती हैं और सीधे कंपनी को सप्लाई करती हैं। 6 साल में बढ़ा दूध का उत्पादन उन्होंने बताया कि महिलाओं को उनकी मेहनत का उचित मूल्य और सम्मान मिला। जिसके चलते कंपनी के प्रति उनका भरोसा लगातार बढ़ा। इसी का परिणाम है कि महज साढ़े छह वर्षों में दूध उत्पादन बढ़कर लगभग साढ़े तीन लाख लीटर प्रतिदिन पहुंच गया है। आज कंपनी बुंदेलखंड में डेयरी सेक्टर में नंबर एक की स्थिति में पहुंच चुकी है। 71,800 महिलाओं को 5.63 करोड़ का बोनस डॉ. ओपी सिंह ने स्पष्ट किया कि कंपनी से जुड़ी महिलाएं कर्मचारी नहीं बल्कि पार्टनर हैं। प्रत्येक यूनिट के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में महिलाएं ही सदस्य हैं और कंपनी के फैसलों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती है। कंपनी को हुए लाभ का हिस्सा 71,800 महिलाओं को बोनस के रूप में वितरित किया गया। कुल 5 करोड़ 63 लाख 92 हजार 624 रुपये की राशि चेक के माध्यम से महिलाओं को सौंपी गई। महिलाओं का बढ़ा आत्मविश्वास दैनिक भास्कर से बातचीत में महिलाओं ने बताया कि पहले वे घर की चारदीवारी तक सीमित थीं, लेकिन अब वे मीटिंग में हिस्सा लेती हैं, कंपनी के विस्तार पर चर्चा करती हैं और फैसले भी लेती हैं। बोनस की राशि मिलने के बाद कई महिलाओं ने कहा कि वे इस पैसे से और भैंसें खरीदेंगी, जिससे दूध उत्पादन बढ़ेगा और आय में और इजाफा होगा। यह पहल न केवल आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल बन रही है, बल्कि बुंदेलखंड की ग्रामीण महिलाओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता भी विकसित कर रही है। डिजिटल हो गईं ग्रामीण महिलाएं बुंदेलखण्ड के अलग-अलग जिलों से आईं महिलाओं ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह घर के कामों से फुर्सत पाकर बिजनेस में हाथ आजमाएंगी। बोलीं, कि यूनिट में सबकुछ डिजिटल हो गया है। पहले वह सोचती थीं कि प्रोडक्शन का हिसाब कम्प्यूटर पर कैसे रखेंगी लेकिन जब निश्चय कर के काम शुरू किया तो सबकुछ आसान हो गया। बोलीं महीने में तीन बार होने वाले पेमेंट का हिसाब किताब वह डिजिटली ही कर लेती हैं। इसमें सबसे अच्छी बात ये है कि सबकुछ पारदर्शी है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    जेवरात बनाने के बहाने बंगाली कारीगर सोना लेकर फरार:244 ग्राम सोने की बताई जा रही 39 लाख रुपए कीमत, संगठन ने जताई नाराजगी
    Next Article
    प्रयागराज में दिव्यांग बच्चों संग सजी आशीर्वाद की होली:बचपन डे केयर में रंगों का उत्सव, बच्चों ने लिया आनंद

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment