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    झांसी में GST घोटाले में एक और आरोपी गिरफ्तार:फर्जी बिल बनाकर हड़पता था ITC, 78 फर्जी इनवाइस और 16 सिम कार्ड मिले

    2 hours ago

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    झांसी में जीएसटी घोटाले में 1 करोड़ रुपए का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हड़पने वाले गिरोह के एक और आरोपी अशोक कुमार को नवाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये फर्जी बिल बनाकर आईटीसी हड़पता था। उसके पास से 78 फर्जी जीएसटी इनवॉइस और 16 सिम कार्ड मिले हैं। इनके सहारे ही फर्जी फर्म संचालित की जाती थी। 3 दिन पहले वीरेंद्र को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में गिरोह के 4 आरोपियों के नाम सामने आए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। जिसके मकान का किरायानामा लगाया, उसे पता नहीं था पुलिस के अनुसार, हाथरस निवासी दुर्गेश कुमार ने झांसी के जेल रोड पर चिक मोहल्ले में डीके इंटरप्राइजेज फर्म खोलने लिए ऑनलाइन प्रार्थना पत्र दाखिल किया। इसमें फाेटोग्राफ, भवन का किरायानामा, बिजली बिल जमा किया। इस पर तत्कालीन सहायक आयुक्त ने फर्म को जीएसटी नंबर जारी कर दिया। कुछ समय बाद राज्यकर अधिकारी जांच करने के लिए कंपनी के बताए गए पते चिक मोहल्ले में पहुंचे। जहां पर न तो कंपनी मिली और न ही मालिक और कर्मचारी। तब भवन स्वामी रमा देवी से पूछताछ की गई। रमा ने उनको बताया कि वे किसी दुर्गेश कुमार को नहीं जानती। न ही दुर्गेश ने उनके घर में कोई कंपनी की शुरूआत की। किरायानामा और बिजली बिल सबकुछ फर्जी है। जांच में पता चला कि बिना कोई कारोबार किए ठगों ने कागजों में डीके इंटरप्राइजेज के नाम से फर्म बनाई। फिर 5 करोड़ 38 लाख 64328 रुपए का काल्पनिक कारोबार दिखाकर आईटीएस के एक करोड़ 35909 रुपए हड़प लिए। जांच के बाद राज्यकर अधिकारी अनिल कुमार यादव ने 10 अगस्त 2025 को नवाबाद थाने में डीके इंटरप्राइजेज के मालिक दुर्गेश कुमार के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इंजीनियर को पहले पकड़ा जा चुका है नवाबाद पुलिस ने मुख्य आरोपी दिल्ली के रोहिणी निवासी वीरेंद्र कुमार को गुरुवार को गिरफ्तार किया था। उसके पास से 2 लैपटॉप, 39 सिमकार्ड, दो मोबाइल बरामद किए गए। इसके बाद दिल्ली के सुल्तानपुरी निवासी अशोक कुमार का नाम सामने आया। अब पुलिस ने अशोक कुमार को गिरफ्तार किया है। वह फर्जी जीएसटी इनवॉइस और ई-वे बिल बनाकर कंपनियों को कोरियर करते थे। 16 मोबाइल सिम अलग-अलग नाम से लेकर फर्जी कंपनी रजिस्टर कराई थी। गिरफ्तार अशोक के पास से 78 फर्जी जीएसटी इनवॉइस, ई-वे बिल, एक मोबाइल और 16 सिम कार्ड बरामद किए गए। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी बिल बनाकर उन्हें कूरियर के जरिए भेजता था। आईटीसी पास कराकर पैसे हड़प लेता था। आरोपी व्हाट्सएप के जरिये टोकन सिस्टम अपनाकर दिल्ली के विभिन्न स्थानों से नकदी प्राप्त करते थे। पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार आरोपी रोहित, बीटीएब्ल्यू, बॉस उर्फ ईशु उर्फ रजत और सरकार की तलाश कर रही है।
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