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    झांसी में धरने पर बैठे सरकारी टीचर:बोले-TET की तरह विधायक-सांसदों के लिए भी अनिवार्य हो योग्यता परीक्षा

    1 hour ago

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    झांसी में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किए जाने के विरोध में शिक्षकों ने बड़ा मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को शिक्षा भवन परिसर में सैकड़ों शिक्षक धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान “शिक्षक सम्मान बचाओ” और “टीईटी अनिवार्यता वापस लो” जैसे नारे गूंजते रहे। दो तस्वीरों में देखें शिक्षक प्रदर्शन… धरने में जिले के विभिन्न ब्लॉकों से आए शिक्षक शामिल हुए। कई शिक्षकों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के फैसले का विरोध जताया। उनका कहना है कि पहले से कार्यरत और नियमित रूप से सेवा दे रहे शिक्षकों पर दोबारा परीक्षा थोपना अन्यायपूर्ण है। “नियुक्ति के समय दे चुके हैं परीक्षा” शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने कहा कि जब शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी, तब उन्होंने निर्धारित पात्रता परीक्षा और चयन प्रक्रिया पूरी की थी। वर्षों की सेवा के बाद दोबारा परीक्षा अनिवार्य करना उनके अनुभव और कार्यकुशलता पर सवाल खड़ा करने जैसा है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम शिक्षकों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाला है। “यदि योग्यता की जांच आवश्यक है तो फिर यह नियम केवल शिक्षकों पर ही क्यों लागू किया जा रहा है? जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के लिए भी समान व्यवस्था होनी चाहिए,” उन्होंने कहा। विधायक-सांसदों की भी हो परीक्षा प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने मांग की कि अगर सरकार शिक्षकों का टेस्ट लेने पर अड़ी है तो विधायक और सांसदों के लिए भी योग्यता परीक्षा अनिवार्य की जाए। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी शिक्षकों पर है, लेकिन नीतियां बनाने वालों की योग्यता की भी जांच होनी चाहिए। सरकार पर शोषण का आरोप शिक्षक नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार शिक्षकों पर नए-नए नियम लागू कर रही है, जिससे उनका मानसिक दबाव बढ़ रहा है। पहले गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ और अब दोबारा परीक्षा की बाध्यता-इन सब से शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा है। आंदोलन होगा व्यापक जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि सरकार अध्यादेश लाकर अनिवार्य टीईटी परीक्षा की बाध्यता समाप्त नहीं करती है तो आंदोलन को जिला स्तर से प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो लखनऊ में भी बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। धरने के अंत में शिक्षकों ने प्रशासन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजने की बात कही। फिलहाल शिक्षा भवन परिसर में धरना जारी है और शिक्षक अपनी मांगों पर अड़े हुए
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