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    झांसी निगम पार्षदों ने अधिकारी को ऑफिस से लौटाया:बोले- पहले शहर का अतिक्रमण हटाकर आएं, तभी ऑफिस में घुसने देंगे

    8 hours ago

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    झांसी नगर निगम में मंगलवार शाम पार्षदों का गुस्सा फूट पड़ा। नगर आयुक्त की कार्यप्रणाली से नाराज पार्षद निगम कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यकारिणी की बैठक में पास किए गए प्रस्तावों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रदर्शन कर रहे पार्षदों ने अपर नगर आयुक्त और सहायक नगर आयुक्त को भी कार्यालय में प्रवेश नहीं करने दिया। पार्षदों ने साफ कहा कि पहले शहर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कराई जाए, उसके बाद ही अधिकारी कार्यालय में आकर बैठें। पार्षदों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर अमल नहीं हुआ तो बुधवार से नगर निगम कार्यालय के बाहर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा और अधिकारियों को दफ्तर में बैठने नहीं दिया जाएगा। दरअसल करीब दो महीने पहले नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक आयोजित हुई थी। इस बैठक में पार्षदों ने शहर में बढ़ते अतिक्रमण, अवैध होर्डिंग, सड़कों और नालियों की बदहाल स्थिति समेत कई मुद्दे उठाए थे। इसके साथ ही नगर निगम के 60 वार्डों में विकास कार्य तेज कराने के प्रस्ताव भी पास किए गए थे। पार्षदों का आरोप है कि इन प्रस्तावों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पार्षदों ने कहा कि शहर में जगह-जगह अतिक्रमण के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई मुख्य मार्गों पर अवैध कब्जों के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है, लेकिन नगर निगम के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पार्षदों ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए यह भी आरोप लगाया कि निरीक्षण के लिए नगर निगम अधिकारियों को रोजाना लगभग 30 लीटर डीजल दिया जाता है, ताकि वे शहर में जाकर समस्याओं का जायजा ले सकें। लेकिन इसके बावजूद अधिकारी फील्ड में नहीं जा रहे हैं और अधिकतर समय दफ्तर में ही बिताते हैं। पार्षदों का कहना है कि जब अधिकारी जमीनी स्तर पर जाकर समस्याओं का निरीक्षण ही नहीं कर रहे हैं तो फिर उन्हें गाड़ी और डीजल देने का क्या औचित्य है। धरने के दौरान जब अपर नगर आयुक्त और सहायक नगर आयुक्त कार्यालय पहुंचे तो पार्षदों ने उन्हें गेट पर ही रोक लिया और अंदर जाने से मना कर दिया। पार्षदों ने कहा कि जब तक अतिक्रमण हटाने और अवैध होर्डिंग के खिलाफ कार्रवाई शुरू नहीं होती, तब तक अधिकारियों को कार्यालय में बैठने नहीं दिया जाएगा। धरने के दौरान नगर निगम के लगभग सभी वार्डों के पार्षद मौजूद रहे। उन्होंने एकजुट होकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और कहा कि अगर जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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