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    झूठे राष्ट्रपति... ईरान के बिजली-पानी पर हमला, IRGC ने Trump को ललकारा

    3 hours from now

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    ईरान पर अमेरिकी और इजराइल के हमले लगातार जारी हैं। इस जंग के 30वें दिन अमेरिका इजराइल के हमलों के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में बिजली गुल हो गई है। ईरान के उप ऊर्जा मंत्री अब्बास अलीबादी के मुताबिक हमलों से अलबोर्ज प्रांत में पावर ग्रिड को नुकसान पहुंचा है। इससे तेहरान और करज के कई इलाकों में बैकउ हो गया है। हालांकि अब्बास अलीबादी ने कहा है कि बिजली सप्लाई जल्द बहाल कर दी जाएगी और स्थिति नियंत्रण में हो जाएगी। इसके अलावा ईरान के खंडास स्थित भारी जल उत्पादन संयंत्र को भी निशाना बनाया जा चुका है। आईएईए यानी अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने भी इस खबर की पुष्टि की है। उसने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर लिखा सेटेलाइट इमेज के एनालिसिस और प्लांट की जानकारी के आधार पर आईएईए ने हुंडास स्थित भारी जल उत्पादन संयंत्र की पुष्टि की है। इस हमले के बारे में ईरान ने 27 मार्च को इनफॉर्म किया था कि संयंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा है और अब यह फंक्शनल नहीं है। इसे भी पढ़ें: कहां गया ईरान का 400 KG यूरेनियम? जो नेतन्याहू-ट्रंप को दे रहा टेंशनसंयंत्र में कोई घोषित परमाणु सामग्री नहीं है। यानी पानी और बिजली जैसी बेसिक सुविधाओं पर अमेरिका और इजराइल ने हमला कर ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश की है। लेकिन इन तमाम दुश्वारियों के बावजूद, तमाम संकटों के बावजूद ईरान झुकने को तैयार नहीं है बल्कि पुरजोर तरीके से जवाबी हमले कर रहा है। आईआरजीसी यानी ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने कहा है कि देश के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिका और इजराइल से जुड़े ठिकानों पर हमारी कारवाई जारी है। आईआरजीसी के एरोस्पेस कमांडर सैयद माजिद मौसवी के मुताबिक अब तक न्योतब के केमिकल इंडस्ट्री एक रिफाइनरी दो स्टील कॉम्प्लेक्स और दो एलुमिनियम मेगा कॉम्प्लेक्स को हमने निशाना बनाया है। इन सबके बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में सेना की जमीनी कार्यवाही की भी धमकी दी है। इसे भी पढ़ें: ईरान-अमेरिका पर नया फैसला, इस्लामाबाद की बात मानेगा इजरायल? इतना ही नहीं अमेरिकी जहाज त्रिपोली 3500 सैनिक लेकर वेस्ट एशिया वार जोन में पहुंच गया है। इन स्थितियों पर आईआरजीसी के खातम अल अंबिया केंद्र मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फाकारी ने कहा ईरानी क्षेत्र के किसी भी हिस्से पर जमीनी कार्यवाही या कब्जे की कोरी कल्पना कर ट्रंप ने जो धमकियां दी हैं उसके जवाब में हम घोषणा करते हैं कि इस्लाम के योद्धा लंबे समय से ऐसी कार्यवाहियों का इंतजार कर रहे थे ताकि यह साबित किया जा सके कि आक्रमण और कब्जे का नतीजा आक्रमणकारियों की बेइज्जती करने वाली कैद, अंगभंग और गायब होने के अलावा कुछ नहीं होगा और अमेरिकी कमांडर और सैनिक फारस की खाड़ी में सार्क के लिए अच्छी खुराक बन जाएंगे। जुल्फकारी ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति दुनिया के सबसे झूठे राष्ट्रपति के रूप में जाने जाते हैं। 
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