Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    JPNIC के निजीकरण के पक्ष में LDA:सरकार को रिपोर्ट सौंपी, लिखा- सरकार चलाएगी तो 30 साल में 3723 करोड़ का नुकसान होगा

    4 hours ago

    1

    0

    समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में बने जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) के संचालन को निजी हाथों में सौंपने के फैसले पर विवाद के बीच लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने आर्थिक आकलन सामने रखा है। प्राधिकरण ने इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंपी है। इसमें दावा किया गया है कि JPNIC का संचालन निजी कंपनी को देने से LDA को आर्थिक लाभ हो सकता है, जबकि इसे खुद संचालित करने पर लंबी अवधि में भारी वित्तीय बोझ उठाना पड़ सकता है। रिपोर्ट में अलग-अलग परिस्थितियों के आधार पर 30 साल का वित्तीय अनुमान लगाया गया है। निजी संचालन से 439 करोड़ की आय का अनुमान LDA के आकलन के मुताबिक, JPNIC का संचालन निजी कंपनी को दिए जाने पर प्राधिकरण को शुरुआत में करीब 10 करोड़ रुपये की आय होगी। इसके साथ ही निजी कंपनी को कम से कम 135 करोड़ रुपये का निवेश अपने स्तर से करना होगा। 30 साल की अवधि में निजी संचालन से LDA को करीब 439 करोड़ रुपये की कमाई होने का अनुमान लगाया गया है। इस मॉडल में JPNIC के रखरखाव, संचालन और रोजमर्रा के खर्च की जिम्मेदारी निजी कंपनी की होगी। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी करीब नौ साल में अपना निवेश निकाल सकती है। इसके बाद उसे संचालन से मुनाफा मिलने की संभावना जताई गई है। खुद संचालन करने पर 555 करोड़ का नुकसान LDA के मुताबिक यदि JPNIC का संचालन प्राधिकरण खुद करता है तो शुरुआत में करीब 150 करोड़ रुपये का निवेश करना पड़ेगा। इसके बाद 30 साल में संचालन और रखरखाव पर करीब 1739 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि के बाद JPNIC से करीब 49 करोड़ रुपये की आय संभव है। हालांकि कुल खर्च और मौजूदा कीमत के आधार पर गणना करने पर LDA ने करीब 555 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है। सरकार को रकम लौटाने की स्थिति में नुकसान बढ़ेगा LDA ने रिपोर्ट में एक अलग वित्तीय परिदृश्य का भी आकलन किया है। इसमें यदि अगले 30 वर्षों के दौरान सरकार को करीब 821 करोड़ रुपये वापस करने पड़ते हैं, तो JPNIC के सरकारी संचालन का वित्तीय नुकसान और बढ़ने का अनुमान है। इस स्थिति में रिपोर्ट में करीब 3723 करोड़ रुपये तक के नुकसान का आकलन किया गया है। प्राधिकरण का तर्क है कि इस वित्तीय गणना के आधार पर JPNIC को सरकारी तरीके से संचालित करना आर्थिक रूप से व्यवहारिक नहीं होगा। निजी कंपनी के संचालन में 80 फीसदी उपयोग का अनुमान JPNIC की ऑक्यूपेंसी और बुकिंग को लेकर भी LDA ने अनुमान लगाया है। रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा व्यवस्था में IGF की ऑक्यूपेंसी करीब 20 फीसदी है। सरकारी संचालन की स्थिति में इसके करीब 40 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है, जबकि निजी कंपनी को संचालन सौंपने पर ऑक्यूपेंसी 80 फीसदी तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। 2016 में Fortuna को दिया गया था संचालन रिपोर्ट में JPNIC के पुराने संचालन मॉडल का भी उल्लेख किया गया है। वर्ष 2016 में इसके संचालन और रखरखाव का जिम्मा M/S Fortuna को 15 साल के लिए दिया गया था। उस समझौते के तहत कंपनी को LDA को हर वर्ष कम से कम 3.15 करोड़ रुपये या कुल आय का 18 फीसदी, जो भी अधिक हो, देना था। LDA का कहना है कि निजी संचालन मॉडल अपनाने से JPNIC में प्राधिकरण के प्रत्यक्ष निवेश और रखरखाव का बोझ कम होगा। हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर उठ रहे सवालों के बीच अब LDA की यह वित्तीय रिपोर्ट फैसले के पक्ष में उसके प्रमुख तर्क के तौर पर सामने आई है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    अम्बेडकरनगर में जन्माष्टमी की तैयारियां:मंदिरों में साफ-सफाई, बाजारों में लड्डू गोपाल के सामान की खरीदारी बढ़ी
    Next Article
    बेड पर सोते शिक्षक की जिंदा जलकर हुई थी मौत:आधार कार्ड के पते पर नहीं मिला घर, भाई और भांजी लापता

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment