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    कोडीन-कफसिरप माफिया संग सपा व्यापार-सभा प्रदेशाध्यक्ष का फोटो वायरल:भतीज वैभव की गिरफ्तारी के बाद प्रदीप जायसवाल की भूमिका पर उठे सवाल, SIT खंगालेगी फैमिली नेटवर्क

    4 hours ago

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    वाराणसी में कोडीन कफ सिरप कांड में हवाला कारोबारी वैभव जायसवाल की संलिप्तता सामने आने के बाद नए नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस केस में वैभव के साथ छह आरोपियों की गिरफ्तारी की है, वैभव के पास 42 लाख रुपये की बरामदगी हुई है। इसके अलावा करोड़ों रुपये के लेन देन का मामला सामने आया है। कोडीन कफसिरप केस में अब तक भाजपा और धनंजय सिंह समेत भाजपा नेताओं पर सवाल उठाने वाले पूर्व सीएम अखिलेश यादव की टीम में शामिल और सपा व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल का नाम भी कफ सिरप कांड से जुड़ गया है। हवाला से करोड़ों रुपये की ब्लैकमनी लांड्रिंग में शामिल वैभव जायसवाल सपा व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल का भतीजा है, आरोपियों के जेल जाने के बाद अब वैभव के पूरे परिवार की भूमिका और कफसिरप आरोपियों से सांठगांठ की बात भी चर्चा में है। भतीजे वैभव की गिरफ्तारी के बाद कोडीन कफ सिरप कांड के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के साथ सपा प्रदीप जायसवाल के फोटो भी सामने आए हैं। सपा की सरकार में प्रदीप जायसवाल राज्य वाणिज्य कर सलाहकार समिति के सदस्य रहे हैं। हालांकि मामले में नाम सामने आने के बाद प्रदीप जायसवाल ने अपने संबंधों को लेकर सफाई भी दी है। पहले जानिए कोडीन कफ सिरप केस में वैभव की गिरफ्तारी वाराणसी कोतवाली पुलिस ने कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी मामले में छह आरोपियों को कोतवाली पुलिस और एसआईटी ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जिन्हें जज ने जेल भेज दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हवाला के 42 लाख रुपये नकद, नोट गिनती की तीन मशीनें, दो बैग और 10 मोबाइल बरामद हुए हैं। कोतवाली क्षेत्र से गिरफ्तार आरोपियों में नई दिल्ली के शास्त्री नगर के मूल निवासी अशोक, राजस्थान बीकानेर के डूंगरगढ़ के बिग्गा बास तहसील के वार्ड नंबर 21 निवासी मोहित सारस्वा, डूंगरगढ़ के आड़सर वास वार्ड नंबर 19 निवासी राम अवतार, डूंगरगढ़ के सेरुणा निवासी गिरधारी, गाजीपुर के दुल्लहपुर ओंड़राई सोनहरा निवासी संतोष गिरी और बलिया के नगरा थाना क्षेत्र के खाली देवरिया निवासी ओम प्रकाश खरवार शामिल हैं। डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल ने बताया कि शुभम जायसवाल के करीबी दारानगर निवासी हवाला कारोबारी वैभव जायसवाल इस पूरे रैकेट का मास्टर माइंड है। उसकी गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सामने आया कि तस्करी से अर्जित धनराशि को हवाला के माध्यम से सहयोगियों को मदद के रूप में उपलब्ध कराया जा रहा था। मशीन से नोट गिना तथा सपा नेता का भतीजा शुभम जायसवाल के इनर सर्किल में शामिल वैभव जायसवाल कफ सिरप तस्करी की रकम को गोल्ड, शराब और साड़ी कारोबार के जरिए हवाला में बदलता था। उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में 1, 10, 20 और 50 रुपये के नोटों के बंडल भी बरामद किए गए, जिनका उपयोग हवाला लेन-देन में “टोकन” या पहचान के रूप में किया जाता था। नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय लिंक की भी जांच की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया जाएगा। वही अब वैभव का पूरा परिवार एसआईटी की रडार पर है, उससे जुड़े लोगों के खिलाफ पुलिस की एक टीम जांच में जुट गई है। वहीं अवैध कमाई के नेटवर्क जांचने को परिजनों और रिश्तेदारों के अकाउंट भी खंगाले जाएंगे। बता दें कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार कोडिन कफ सिरप में पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत भाजपा नेताओं की मिलीभगत और भूमिका पर सवाल उठाते रहे, जबकि अब उनकी पार्टी के व्यापार सभा प्रदेशाध्यक्ष का सगा भतीजा पूरे काले कारोबार की अहम कड़ी बनकर सामने आया है। अब प्रदीप इससे पारिवारिक विवाद की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं। शुभम से वैभव की फेसटाइम पर बातचीत एसीपी विजय प्रताप ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों और बैंकों के विवरण खंगालने के क्रम में वैभव का नाम सामने आया। कफ सिरप प्रकरण शुरू होने और शुभम के भागने के समय से वैभव भी लापता था। एसआईटी की जांच में सामने आया कि मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल और वैभव का सीधा जुड़ाव है। शुभम की फरारी के दौरान भी वैभव से फेसटाइम पर बातचीत होती रही। तस्करी मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से वांछित शुभम जायसवाल दुबई और नेपाल में छिपे होने की संभावना है। कुछ जानकारों के अनुसार वह कोलकाता से आवाजाही भी कर रहा है। पांच से अधिक बैंक खाते सीज होने और पकड़े जाने के भय से वह बैंकों से रकम निकाल नहीं रहा है, इसलिए हवाला के जरिए अपने ठिकानों तक रकम भेजवा रहा है। वाराणसी, झारखंड और कोलकाता से रकम मंगाई जा रही है। शुभम के संपर्क में अभी भी कुछ अधिवक्ता और सफेदपोश हैं, जो फेसटाइम के जरिए जुड़े हुए हैं। सोनभद्र जेल में शुभम के पिता भोला प्रसाद जायसवाल बंद हैं। हवाला कारोबारियों के नेटवर्क के बारे में जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
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