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    कंगाली और Forex Crisis से जूझता Pakistan, US से 10 Billion Dollar के Economic Package की बड़ी गुहार

    10 hours ago

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    दुनिया में शायद ही कोई ऐसा देश होगा जिसने पिछले कुछ सालों में कर्ज मांगने के इतने दरवाजे खटखटाए हो जितने पाकिस्तान ने खटखटाए हैं। कभी आईएमएफ से बेल आउट, कभी चीन से अरबों डॉलर की मदद, कभी सऊदी अरब की जमा राशि के भरोसे, विदेशी मुद्रा भंडार बचाने की कोशिश तो कभी यूएई से राहत क्यों मिली? अब खबर है कि पाकिस्तान ने एक बार फिर अमेरिका से भी $10 अरब डॉलर की आर्थिक मांग जैसी एक बड़ी वित्तीय सुविधा की मांग कर दी है। लेकिन सवाल यही है कि आखिर कब तक आतंकियों को पालने वाले पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बार-बार उसी मोड़ पर क्यों पहुंच जाती है जहां उसे अपने दम पर नहीं बल्कि दूसरे देशों के सहारे खड़ा होना पड़ता है। दरअसल अमेरिका से सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने इस बार अमेरिका से $10 अरब डॉलर की एक्सचेंज स्टेबलाइजेशन सपोर्ट फैसिलिटी की मांग की और अगर यह सुविधा मिलती है तो पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती मिलेगी। इसे भी पढ़ें: West Asia Crisis: Jordan ने Aqaba में मार गिराईं Iranian Missiles, US Strikes के बाद क्षेत्र में भारी तनावपाकिस्तानी रुपए पर दबाव भी कम होगा और उसे कुछ समय के लिए आर्थिक राहत मिल सकती है। यह मांग ऐसे समय में आई जब पाकिस्तान पहले से ही अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ के  के कार्यक्रम के तहत आर्थिक सुधार लागू करने का दावा कर रहा है। इसके बावजूद इस्लामाबाद को अब एक और बड़े वित्तीय सहारे की जरूरत महसूस हो रही है। दरअसल पाकिस्तान की सबसे बड़ी समस्या सिर्फ कर्ज नहीं बल्कि उसकी अर्थव्यवस्था का बार-बार बाहरी मदद पर निर्भर हो जाना है। पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान ने रिकॉर्ड, महंगाई, विदेशी मुद्रा की भारी कमी, आयात संकट और आर्थिक अस्थिरता का सामना किया। साल 2023 में तो हालात ऐसे बन गए थे कि देश डिफॉल्ट के बेहद करीब पहुंच गया था। उस समय आईएमएफ के आपातकालीन पैकेज ने उसे तत्काल राहत दी थी। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। आज भी पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार का बड़ा हिस्सा मित्र देशों की मदद, कर्ज के रोलओवर, और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से मिलने वाली किस्तों पर निर्भर माना जाता है। इसे भी पढ़ें: China को अचानक जयशंकर ने ऐसा क्या कहा? दुनिया में मची हलचलरिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल में पाकिस्तान ने संयुक्त अरब अमीरात को लगभग $3.5 अरब डॉलर लौटाए थे। जिसके बाद सऊदी अरब ने नई वित्तीय सहायता देकर उसकी स्थिति संभालने की मदद की थी। देखा भी जाए तो पाकिस्तान की आर्थिक हालत किसी से नहीं छिपी। पिछले कुछ सालों में देश ने रिकॉर्ड महंगाई, विदेशी मुद्रा संकट, बेरोजगारी और जरूरी सामान की कमी जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना किया है। कई मौकों पर आटे और सब्जियों की कमी के दौरान लंबी कतारें और आपस में लड़ाई झगड़े की तस्वीरें भी सामने आई। आज भी बड़ी आबादी, बढ़ती महंगाई और कमजोर अर्थव्यवस्था का बोझ उठा रही है। लेकिन फिर भी पाकिस्तान आतंकियों को पालनेपसने, उन्हें ट्रेनिंग देने और उन्हें हथियार देने से पीछे नहीं हट रहा। और इसी बीच एक बार फिर पाकिस्तान ने अमेरिका से मदद मांगी। अब अगर मान लीजिए अमेरिका ने इस $ अरब डॉलर की सुविधा को मंजूरी दे भी दी तो पाकिस्तान को जरूर कुछ समय के लिए राहत मिल जाएगी। 
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