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    कंगना रनोट@40; आदित्य पंचोली के डर से बिल्डिंग से कूदीं:चंबल में डाकुओं के गन पॉइंट पर आईं, 4 नेशनल अवॉर्ड जीतकर बनाया रिकॉर्ड

    2 hours ago

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    साल था 2005 का जब 18-19 साल की लड़की, मुंबई में हीरोइन बनने का सपना लेकर आई थी, ऑडिशन के जरिए काम ढूंढ रही थी। एक दिन, जब वो कॉफी के एक एड के लिए गई, तब कुछ लड़कियां फिल्म गैंगस्टर के ऑडिशन के लिए महेश भट्ट के ऑफिस जा रही थीं। वो भी उनके साथ चली गई और ऑडिशन दे दिया। पहले तो उसे वो रोल नहीं मिला, लेकिन जब चुनी गई एक्ट्रेस से संपर्क नहीं हो पाया, तो उसे मेकर्स का अचानक फोन आया और पूछा, ‘पासपोर्ट है? अगर नहीं है, तो एक हफ्ते में बनवा लो, फिल्म मिल सकती है।’ इसके बाद उसे फिल्म मिली और उसकी फिल्म गैंगस्टर सुपरहिट साबित हुई और वो रातों-रात सुपरस्टार बन गई। हम बात कर रहे हैं कंगना रनोट की। आज वही कंगना 40 साल की हो चुकी हैं। उनके जन्मदिन के खास मौके पर जानिए उनकी जिद, संघर्ष और कामयाबी के दिलचस्प किस्से- माता-पिता डॉक्टर बनाना चाहते थे कंगना का जन्म 23 मार्च 1986 को हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के भांबला (अब सूरजपुर) में एक राजपूत परिवार में हुआ। उनकी मां आशा रनोट एक स्कूल टीचर हैं, जबकि पिता अमरदीप रनोट एक बिजनेसमैन हैं। संयुक्त परिवार में पली-बढ़ीं कंगना बचपन से ही जिद्दी और विद्रोही स्वभाव की थीं और समाज में लड़कियों के प्रति भेदभाव पर सवाल उठाती थीं। कंगना के माता-पिता उन्हें डॉक्टर बनाना चाहते थे और उन्होंने चंडीगढ़ के DAV स्कूल में मेडिकल की पढ़ाई भी शुरू की थी। हालांकि, 12वीं में केमिस्ट्री के टेस्ट में फेल होने और मॉडलिंग/एक्टिंग में रुचि के कारण उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी। अचार और ब्रेड पर भी किया गुजारा महज 16 साल की उम्र में कंगना अपनी खुद की पहचान बनाने की तलाश में दिल्ली आ गईं। यहां उन्होंने मॉडलिंग से शुरुआत की, फिर एक्टिंग की ओर रुख किया और अस्मिता थिएटर ग्रुप में डायरेक्टर अरविंद गौर के मार्गदर्शन में एक्टिंग सीखी और नाटकों में हिस्सा लिया। फिर अरविंद गौर की ही सलाह पर फिल्मों में किस्मत आजमाने के लिए कंगना मुंबई पहुंच गईं। मुंबई पहुंचने के बाद कंगना को कई बार केवल ब्रेड और अचार खाकर दिन गुजारने पड़े। ‘गैंगस्टर’ में रोल पहले चित्रांगदा को मिला था साल 2006 में कंगना ने फिल्म गैंगस्टर से बॉलीवुड में कदम रखा था। इस फिल्म में उनके एक्टिंग को काफी सराहा गया और उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट फीमेल डेब्यू मिला। पहली फिल्म गैंगस्टर मिलने को लेकर कंगना ने टीवी शो ‘आप की अदालत’ में बताया था कि एक दिन वह कॉफी के एक एड का ऑडिशन देने गई थीं, तभी उन्होंने देखा कि कुछ लड़कियां महेश भट्ट के ऑफिस फिल्म गैंगस्टर के ऑडिशन के लिए जा रही हैं। जिसके बाद कंगना भी ऑडिशन देने के लिए चली गईं। ऑडिशन के बाद फिल्म के मेकर्स ने उन्हें बुलाया कंगना की तारीफ तो की, लेकिन कहा कि वह इस रोल के लिए काफी छोटी हैं, क्योंकि किरदार एक बच्चे की मां का था। इसके बाद उस वक्त इस रोल के लिए एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह को सेलेक्ट कर लिया गया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। शूटिंग से ठीक एक हफ्ते पहले अचानक कुछ पर्सनल वजहों से चित्रांगदा ने मेकर्स का फोन उठाना बंद कर दिया। इसके बाद कंगना को फोन आया और पूछा गया कि क्या उनके पास पासपोर्ट है? कंगना के पास पासपोर्ट नहीं था, लेकिन उन्हें कहा गया कि एक हफ्ते में बनवा लो, तो उन्हें फिल्म मिल सकती है। इसके बाद कंगना ने अपने पिता की मदद से सिर्फ 2 दिन में पासपोर्ट बनवाया और इस तरह उन्हें यह फिल्म मिली। फैशन के लिए पहला नेशनल अवॉर्ड मिला गैंगस्टर के बाद कंगना ने वो लम्हे और लाइफ इन ए मेट्रो जैसी फिल्मों में इमोशनल और मुश्किल किरदार निभाकर अपनी पहचान मजबूत की। साल 2008 में आई फिल्म फैशन उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई, जिसके लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस के लिए पहला नेशनल अवार्ड मिला। इसके बाद साल 2009 से 2012 के बीच कंगना के करियर में उतार-चढ़ाव आए। 2009 में उन्होंने फिल्म राज: द मिस्ट्री कंटिन्यूज़ में एक मॉडल की भूमिका निभाई, जो हिट रही, लेकिन उन्हें एक जैसे रोल मिलने लगे। उसी साल आई फिल्म वादा रहा और एक निरंजन ने खास प्रदर्शन नहीं किया। 2010 में फिल्म काइट्स में उनका छोटा सा रोल था। हालांकि, फिल्म वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई में उनके काम की तारीफ हुई। बाद की फिल्में नॉक आउट और नो प्रॉब्लम उनके करियर को ज्यादा आगे नहीं ले जा सकीं। लेकिन फिर 2011 में आई फिल्म तनु वेड्स मनु ने उनकी इमेज बदल दी और दर्शकों ने उनके कॉमिक अंदाज को भी खूब पसंद किया। फिल्म क्वीन ने करियर को ऊंचाई दी 2013 में कृष 3 जैसी सुपरहिट फिल्म के बाद कंगना ने 2014 में क्वीन से अपने करियर को नई ऊंचाई दी। इस फिल्म में एक साधारण लड़की के आत्मनिर्भर बनने की कहानी ने दर्शकों का दिल जीत लिया और उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिला। इसके बाद तनु वेड्स मनु रिटर्न्स (2015) में डबल रोल निभाकर उन्होंने लगातार दूसरा नेशनल अवॉर्ड जीता। आगे चलकर फिल्म मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी और पंगा के लिए उन्हें चौथा राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। बता दें कि कंगना किसी महिला कलाकार द्वारा जीते गए नेशनल अवॉर्ड्स की संख्या में दूसरे स्थान पर हैं। शबाना आजमी पहले स्थान पर हैं, जिन्हें 5 नेशनल अवॉर्ड मिले हैं। आदित्य पंचोली के डर से अनुराग बसु के ऑफिस में छिपीं कंगना रनोट फिल्मों के अलावा अपने बयानों और विवादों के कारण खबरों में रही हैं। उन्होंने बॉलीवुड एक्टर आदित्य पंचोली पर शारीरिक, मानसिक और यौन शोषण के कई गंभीर आरोप लगाए थे। एक्ट्रेस ने 2017 में टीवी शो 'आप की अदालत' में आरोप लगाया था कि आदित्य पंचोली ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें लंबे समय तक घर में बंद करके रखा। कंगना ने बताया था कि वह लगातार डर के माहौल में जी रही थीं और अक्सर वहां से भागने की कोशिश करती थीं। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा था कि पंचोली ने उनके घर की डुप्लीकेट चाबी बनवा ली थी और बिना इजाजत वहां आ जाते थे। एक बार हालात इतने बिगड़ गए कि कंगना को अपनी जान बचाने के लिए पहली मंजिल से कूदकर भागना पड़ा। उन्होंने बताया कि वह नंगे पैर भागते हुए सड़क पर निकलीं और रिक्शा लेकर किसी तरह वहां से बच निकलीं, लेकिन इस दौरान उन्हें चोटें भी आईं। कंगना ने यह भी कहा था कि भागने के बाद भी उनका पीछा नहीं छोड़ा गया। उन्होंने बताया कि अगली सुबह जब उनके घर की घंटी बजी और उन्होंने दरवाजे के की-होल से देखा, तो सामने आदित्य पंचोली खड़े थे, जिससे वह बचकर निकली थीं। उन्होंने आगे बताया था कि एक बार शूटिंग के दौरान उन्हें धमकी भरे फोन कॉल्स आए और जब वह वहां से निकलीं, तो उनकी गाड़ी का पीछा किया गया। यहां तक कि उनके रिक्शा को टक्कर मारने की कोशिश भी की गई। इस मुश्किल समय में फिल्म डायरेक्टर अनुराग बसु और उनकी पत्नी ने उनकी मदद की। कंगना ने बताया था कि उन्होंने लगभग 15 दिनों तक उन्हें अपने ऑफिस में छुपाकर रखा था। चंबल में डाकुओं के गन पॉइंट पर आईं कंगना रनोट की साल 2013 में फिल्म रिवॉल्वर रानी की शूटिंग के दौरान एक खतरनाक घटना हुई थी, जब एक्ट्रेस डकैतों के गन पॉइंट पर आ गई थीं। यह घटना मध्य प्रदेश के चंबल इलाके में हुई, जो कभी डकैतों का गढ़ हुआ करता था। शूटिंग खत्म करने के बाद, कंगना अपने डायरेक्टर साई कबीर और टीम के साथ ग्वालियर लौट रही थीं। उनके काफिले में 4-5 कारें और एक पुलिस वैन थी। रास्ते में, 12-15 हथियारबंद लोगों ने अचानक उनके काफिले को रोक लिया। इन लोगों के पास बंदूकें और चाकू थे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, वे कंगना के साथ फोटो खिंचवाना चाहते थे और कार को आगे नहीं बढ़ने दे रहे थे। हालांकि, डायरेक्टर साई कबीर ने समझदारी से उनसे बात की और मामला शांत किया। कंगना ने उनके साथ फोटो खिंचवाने से मना कर दिया था, लेकिन बातचीत से मामला सुलझ गया। सिक्योरिटी में टीम को सुरक्षित ग्वालियर पहुंचाया गया। पहली किस करते वक्त फ्रीज हो गई थीं साल 2019 में कंगना ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में अपने पहले बॉयफ्रेंड के बारे में बात की थी। उस समय वह चंडीगढ़ में थीं। उनकी एक दोस्त डेट पर गई थी और वह उसकी डेट के दोस्त के साथ रिलेशनशिप में आ गईं। वह एक पंजाबी लड़का था। कंगना ने बताया कि वह 28 साल का था और वह खुद 16-17 साल की थीं। उसने उन्हें देखकर कहा, “तुम तो बच्ची हो।” उसे लगा कि वह इस मामले में नई हैं। इससे उनका दिल टूट गया था। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से लगता है कि वह एक जुनूनी प्रेमी हैं। वह उसे मैसेज करती थीं, “मुझे एक मौका दो, मैं समझदार हो जाऊंगी।” वहीं, अपने पहले किस के बारे में बात करते हुए कंगना ने कहा था कि वह उसे किस नहीं कर पाईं, इसलिए उन्होंने अपनी हथेली पर किस करने की प्रैक्टिस की। उनका पहला किस बिल्कुल भी खास नहीं थी, बल्कि थोड़ी अजीब थी। उनका मुंह जम गया था और वह हिल भी नहीं पा रही थीं। लड़के ने उनसे कहा था, “मुंह तो जरा हिलाओ।” एक्ट्रेस ने यह भी बताया था कि उनका पहला क्रश उनके टीचर थे। उन्होंने बताया कि जब वह नौवीं क्लास में थीं, तब उन्हें अपने टीचर पर क्रश था। करण जौहर ने कहा था- इतनी दिक्कत है तो इंडस्ट्री छोड़ दो कंगना रनोट बॉलीवुड में नेपोटिज्म (भाई-भतीजावाद) के खिलाफ सबसे मुखर आवाज मानी जाती हैं। उन्होंने यहां तक कि करण जौहर के मुंह पर ही उन्हें मूवी माफिया कह दिया था। दरअसल, साल 2017 में कंगना अपनी फिल्म रंगून के प्रमोशन के लिए सैफ अली खान के साथ करण के शो में पहुंचीं। शो के दौरान कंगना ने बेबाक अंदाज में करण जौहर को नेपोटिज्म का ध्वजवाहक (Flag Bearer of Nepotism) और मूवी माफिया कहा, जिससे यह मुद्दा पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। उस समय करण ने हंसते हुए बात को टाल दिया, लेकिन बाद में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के एक कार्यक्रम में उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कंगना अक्सर विक्टिम कार्ड और वुमन कार्ड खेलती हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर कंगना को फिल्म इंडस्ट्री इतनी खराब लगती है, तो उन्हें इसे छोड़ देना चाहिए। महेश भट्ट पर चप्पल फेंकने का आरोप लगाया वहीं, 2020 में सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद कंगना ने आरोप लगाया था कि फिल्म इंडस्ट्री में बाहरी लोगों को जानबूझकर दरकिनार किया जाता है और केवल स्टार किड्स को ही बढ़ावा दिया जाता है। इस दौरान उन्हें लॉन्च करने वाले महेश भट्ट की बेटी पूजा भट्ट से भी उनकी बहस हुई थी। इस बहस की शुरुआत तब हुई, जब पूजा ने सोशल मीडिया पर कहा था कि उनकी कंपनी विशेष फिल्म्स ने ही कंगना को फिल्म गैंगस्टर से लॉन्च किया था। उन्होंने यह भी कहा कि भट्ट परिवार हमेशा नए टैलेंट को मौका देता आया है और कंगना इसका उदाहरण हैं। इस पर कंगना ने पलटवार करते हुए कहा था कि उन्हें डायरेक्टर अनुराग बसु ने चुना था, न कि महेश भट्ट ने। साथ ही एक्ट्रेस की तरफ से यह भी आरोप लगाया गया था कि इंडस्ट्री में कई बार बाहरी कलाकारों को सही तरीके से पेमेंट नहीं किया जाता और इसे एहसान की तरह पेश किया जाता है। कंगना ने महेश भट्ट पर यह भी आरोप लगाया था कि फिल्म वो लम्हे की स्क्रीनिंग के दौरान उन्होंने उनके साथ दुर्व्यवहार किया, यहां तक कि उन पर चप्पल फेंकी और उन्हें अपमानित किया। ऋतिक रोशन के साथ विवाद कंगना और ऋतिक के बीच विवाद साल 2016 में तब शुरू हुआ जब कंगना ने एक इंटरव्यू में उन्हें अपना 'सिली एक्स' कहा था। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे को कानूनी नोटिस भेजे। कंगना का दावा था कि वे रिलेशनशिप में थे, जबकि ऋतिक ने इसे पूरी तरह नकारा। कंगना रनोट–जावेद अख्तर विवाद एक्ट्रेस कंगना रनोट और गीतकार जावेद अख्तर के बीच लंबे समय विवाद चला। यह मामला जुलाई 2020 में शुरू हुआ था, जब कंगना ने एक टीवी इंटरव्यू में आरोप लगाया था कि 2016 में जावेद अख्तर ने उन्हें अपने घर बुलाकर रोशन परिवार से माफी मांगने की सलाह दी थी और ऐसा न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी। इन आरोपों को खारिज करते हुए जावेद अख्तर ने नवंबर 2020 में कंगना के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया। सुनवाई के दौरान कंगना कई बार कोर्ट में पेश नहीं हुईं, जिसके चलते उनके खिलाफ जमानती वारंट भी जारी हुए। आखिरकार 28 फरवरी 2025 को मुंबई की कोर्ट में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। कंगना ने लिखित में बिना शर्त माफी मांगी और अपने बयानों को गलतफहमी बताया। इसके बाद जावेद अख्तर ने केस वापस ले लिया, जिससे यह विवाद समाप्त हो गया। फिल्म भारत भाग्य विधाता में दिखेगी कंगना कंगना रनोट ने फिल्म भारत भाग्य विधाता की शूटिंग जनवरी 2026 में शुरू की है और इसके 2026 के अंत तक रिलीज होने की संभावना है। यह फिल्म 2008 के 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के दौरान कामा और एल्बलेस अस्पताल में हुई एक सच्ची घटना पर आधारित है। फिल्म में कंगना एक स्टाफ नर्स का किरदार निभा रही हैं। इस फिल्म का निर्देशन और लेखन मनोज तपाड़िया कर रहे हैं। ________________________ बॉलीवुड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें.... आलिया भट्ट@33; नेपोटिज्म पर ट्रोलिंग हुई:पृथ्वीराज चौहान को राष्ट्रपति बताकर मजाक बनीं; बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड 6 बार जीतने का रिकॉर्ड बनाया आलिया भट्ट ने साल 2012 में फिल्म स्टूडेंट ऑफ द ईयर से महज 19 साल की उम्र में फिल्मों की दुनिया में कदम रखा और बहुत कम अरसे में ही वह बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में शुमार हो गईं। फिल्मों में उनका डेब्यू भले ही आसान रहा, लेकिन इंडस्ट्री में आने के बाद उन्हें नेपोटिज्म और दूसरी वजहों से ट्रोलिंग और आलोचना का सामना भी करना पड़ा। पूरी खबर पढ़ें....
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