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    कल से शुरू हो रहा विवाह का सीजन:बनारसी पंचांग में 38 लग्न मूहूर्त, बृहस्पति-शुक्र और सूर्य ग्रहों का दिख रहा शुभ योग

    6 hours ago

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    ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आज शाम से खरमास समाप्त हो रहा है। वैशाख कृष्ण द्वादशी के दिन सूर्य के मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करने के साथ ही यह अशुभ अवधि खत्म हो जाएगी। खरमास की समाप्ति होते ही विवाह जैसे मांगलिक कार्यों पर लगा विराम हट जाएगा और शादी-विवाह का सिलसिला तेज़ी से शुरू हो जाएगा। ज्योतिषाचार्य विकास पाण्डेय के अनुसार, शास्त्रों में विवाह को अत्यंत पवित्र बंधन माना गया है, इसलिए इसके लिए शुभ मुहूर्त का चयन बेहद आवश्यक होता है। उन्होंने बताया कि अप्रैल से जुलाई तक विवाह के कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं, जिसके चलते इस अवधि में शादियों की भरमार रहने की संभावना है। हालांकि, इस बीच 17 मई से 15 जून तक मलमास (अधिक मास) के कारण लगभग एक महीने तक विवाह कार्यों पर विराम रहेगा। शुभ मुहूर्त का महत्व आचार्य विकास पाण्डेय ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार विवाह के लिए बृहस्पति, शुक्र और सूर्य ग्रहों की शुभ स्थिति होना आवश्यक है। विशेष रूप से सूर्य और गुरु (बृहस्पति) का संयोग अत्यंत शुभ और सिद्धिदायक माना जाता है। ऐसे तय होते हैं विवाह के शुभ लग्न विवाह के लिए शुभ लग्न का निर्धारण भी महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए वृष, मिथुन, कन्या, तुला, धनु और मीन लग्न को श्रेष्ठ माना गया है। वहीं, नक्षत्रों में अश्विनी, रेवती, रोहिणी, मृगशिरा, मूल, मघा, चित्रा, स्वाति, श्रवण, हस्त, अनुराधा, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तरा भाद्रपद और उत्तरा आषाढ़ को विवाह के लिए शुभ माना गया है। इनमें भी रोहिणी, मृगशिरा और हस्त नक्षत्र की उपस्थिति को अत्यंत उत्तम मुहूर्त का संकेत माना गया है। इसके अलावा माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़ और अगहन मास में विवाह विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं। कब-कब हैं विवाह के शुभ मुहूर्त ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार वर्ष 2026 में इन तिथियों पर विवाह के शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे— अप्रैल: 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29 मई: 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13, 14 (17 मई से 15 जून तक मलमास के कारण विराम) जून: 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29 जुलाई: 1, 6, 7 नवंबर: 21, 24, 25, 26 दिसंबर: 2, 3, 4, 5, 6, 11 विवाह सीजन को लेकर बढ़ेगी रौनक खरमास समाप्त होते ही विवाह उद्योग से जुड़े कारोबार जैसे बैंकेट हॉल, कैटरिंग, ज्वेलरी, कपड़े और सजावट में भी तेजी आने की उम्मीद है। अप्रैल से जुलाई तक लगातार शुभ तिथियां होने के कारण बाजारों में रौनक बढ़ेगी और शादी समारोहों की धूम देखने को मिलेगी।
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