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    कानपुर के GSVM PGI में भी अब लखनऊ-दिल्ली जैसा इलाज:बच्चों के दिल, किडनी व लिवर के 17 डिपार्टमेंट होंगे शुरू, भेजा प्रपोजल

    4 hours ago

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    GSVM- PGI में अब गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों का भी इलाज हो सकेगा। इसके लिए अभी तक लखनऊ- दिल्ली जाना पड़ता था। कानपुर और आसपास के 18 जिलों के लोगों के लिए 17 नए विभागों की शुरुआत की जाएगी। GSVM मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने शासन को इसके लिए प्रपोजल बना कर भेजा गया है। इन डिपार्टमेंट के खुलने से गंभीर बीमार बच्चों को अन्य शहरों के अस्पतालों की ओर दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। GSVM मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में कानपुर नगर के साथ ही 18 जिलों से लोग बच्चों को लेकर इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन यहां के बाल रोग विभाग में सुपर स्पेशिलिटी सुविधाओं की कमी है। जिसकी वजह से बच्चों को सुपर स्पेशियलिटी की सुविधा पूर्ण रूप से नहीं मिल पाती है। इसके चलते GSVM मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने PGI में बच्चों के लिए सुपर स्पेशियलिटी की सुविधा शुरू करने की योजना तैयार की है, जिसके लिए कॉलेज प्रशासन ने शासन को पत्र लिख दिया है। 17 नए विभाग होंगे शुरू GSVM मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉक्टर संजय काला ने बताया कि GSVM- PGI में पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, पीडियाट्रिक सर्जरी, न्यूक्लियर मेडिसिन, प्लास्टिक सर्जरी, हिस्टोपैथोलॉजी और हेमेटोलॉजी समेत 17 विभाग शुरू किए जाएंगे। इन विभागों के संचालन से जटिल से जटिल बीमारियों का निदान आसानी से किया जा सकेगा। शासन से अनुमति मिलते ही जल्द ही विभागों के संचालन की तैयारी शुरू कर दी जाएगी। कैंसर, थायराइड व दिल के मरीजों को मिलेगा फायदा डॉक्टर संजय काला के अनुसार न्यूक्लियर मेडिसिन (नाभिकीय औषधि) चिकित्सा विज्ञान की एक डिपार्टमेंट है, जिसमें बीमारियों के निदान और उपचार के लिए रेडियोधर्मी पदार्थों की बहुत कम मात्रा का उपयोग किया जाता है। यह कई पीड़ित अंगों की संरचना के साथ उसके कार्यप्रणाली का सूक्ष्मता से अध्ययन करेगी, जिससे कैंसर की स्टेजिंग, थायराइड विकार, किडनी की कार्यप्रणाली और हृदय की रक्त पंप करने की क्षमता की सटीक जांच संभव हो सकेगी। पीडियाट्रिक हेमेटोलॉजी और रूमेटोलॉजी से मिलेगा लाभ पीडियाट्रिक हेमेटोलॉजी (बाल रक्त विज्ञान) बच्चों में रक्त संबंधी विकारों के निदान और उपचार से जुड़ी होती है, जिसके माध्यम से थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया, एप्लास्टिक एनीमिया, हीमोफीलिया, प्लेटलेट संबंधी समस्याएं, रक्त का थक्का जमने, ल्यूकेमिया, लिम्फोमा, अस्थि मज्जा आकांक्षा और ब्लड ट्रांसफ्यूजन का इलाज संभव हो सकेगा। वहीं, पीडियाट्रिक रूमेटोलॉजी (बाल गठिया रोग विज्ञान) बच्चों में ऑटोइम्यून और सूजन संबंधी बीमारियों का इलाज करती है, जोड़ों, हड्डियों और मांसपेशियों को प्रभावित करने वाले रोगों का भी इलाज किया जा सकेगा। यहां बच्चों की गठिया, ल्यूपस, रक्त वाहिकाओं की सूजन व फाइब्रोमायल्जिया का इलाज हो सकेगा। हालांकि अभी इस इलाज के लिए मरीजों को लखनऊ, दिल्ली, मुंबई इत्यादि के लिए जाना पड़ता था। लेकिन इन विभागों के शुरू होने के बाद मरीजों को इसका लाभ कानपुर में ही मिलेगा।
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