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    कानपुर में SIR समीक्षा बैठक:मुख्य निर्वाचन अधिकारी बोले- एक पोलिंग बूथ पर 1200 से ज्यादा मतदाता नहीं होंगे, मोबाइल लेकर जा सकेंगे

    13 hours ago

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    कानपुर में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने समीक्षा बैठक की। इसमें विधानसभा क्षेत्रों में एसआईआर को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत हुई। उनके द्वारा दिए गए सुझावों और बिंदुओं पर चर्चा हुई। अधिकारी ने बताया कि इस बार मतदाताओं की सुविधा के लिए कई बदलाव किए जाएंगे, जिससे भविष्य में मतदान के समय वोटरों को लाइन में लगकर इंतजार न करना पड़े। इसके साथ ही एसआईआर में नाम बढ़वाने और कटने को लेकर भी जानकारी दी। यूपी में जब अक्टूबर में एसआईआर की शुरुआत हुई, तब पहले गणना चरण में उत्तर प्रदेश में 15 करोड़ 44 लाख मतदाता विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों में दर्ज थे। सभी मतदाताओं के यूनिक नाम के साथ बीएलओ घर-घर गए। इसके बाद मैपिंग की गई, जिसमें संबंधित व्यक्ति के घर के लोगों के हस्ताक्षर लिए गए। इसके बाद जो गणना सामने आई और ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी हुई, उसमें 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 नाम रहे। लेकिन इसमें 2 करोड़ 88 लाख नाम लिस्ट में नहीं आए। इनमें ऐसे नाम थे जो या तो कहीं और चले गए थे, या उनका नाम दो बार दर्ज था, या उनकी मृत्यु हो चुकी थी, इसलिए उनके नाम हटा दिए गए। इसके बाद नो-मैपिंग वाले मतदाताओं को नोटिस दिया गया। इसके बाद आवश्यक अभिलेखों के आधार पर आगे की कार्रवाई कराई गई। उनका भी मिलान किया जा रहा है। नाम दर्ज कराने के लिए जो फार्म-6 भरे गए, उनकी भी मैपिंग कराई गई। फार्म-6, 7 और 8 के दावे 6 जनवरी से लिए गए, जिसमें 87 लाख से अधिक फार्म प्राप्त हुए हैं। इसकी अवधि 6 मार्च को समाप्त हो गई है। उत्तर प्रदेश में इसकी सुनवाई और जांच का काम लगभग 98 प्रतिशत पूरा हो चुका है। 27 मार्च तक इसका कार्य पूरा कर लिया जाएगा। 10 अप्रैल को फाइनल लिस्ट जारी कर दी जाएगी। इस तरह 2026 का एसआईआर ऑन ट्रैक है। राजनीतिक दलों के साथ बैठक सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। इसमें उनके कुछ बिंदु सामने आए। उनकी शिकायतों और सुझावों को नोट किया गया है, जिनका निस्तारण भी किया जाएगा। मतदाता का अनुभव बेहतर हो भारत निर्वाचन आयोग ने निर्णय लिया है कि किसी भी पोलिंग स्टेशन पर 1200 से अधिक मतदाताओं की वोटिंग नहीं होगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा। इससे मतदाताओं को लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा और वे जल्दी वोट डालकर वापस जा सकेंगे। दूसरा, अब वोटर पोलिंग बूथ तक अपना मोबाइल फोन ले जा सकेंगे। बस उन्हें वोटिंग स्टेशन, यानी जहां कमरे के अंदर मतदान करना है, उसके बाहर मोबाइल रखना होगा। इसके लिए व्यवस्था भी की जाएगी। इसके अलावा यह भी ध्यान रखा गया है कि एक ही घर या परिवार के लोगों को अलग-अलग बूथ पर वोट डालने नहीं जाना पड़े। इसके लिए भी काम किया जा रहा है, ताकि सभी एक ही बूथ पर जाकर वोट कर सकें। मतदाताओं से अपील निर्वाचन अधिकारी ने अपील की कि 10 अप्रैल को आने वाली लिस्ट में अपने नाम को जरूर चेक कर लें। इसके साथ ही डिटेल में यह भी देख लें कि कहीं कोई गलती तो नहीं है। अभी भी लोग फार्म-6 भर सकते हैं। अगर कोई गलती है तो फार्म-8 भरकर संशोधन करा सकते हैं। निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि राजनीतिक दलों के साथ हुई बैठकों में किसी भी तरह के नाम कटने या बढ़ने का आरोप नहीं आया है। 6 जनवरी से लेकर 6 मार्च तक केवल 7500 नाम ही कटे हैं। इनमें किसी की मृत्यु या अन्य कारणों से नाम हटाए गए हैं। इसका पूरा बैकअप भी हमारे पास है। किसी भी तरह का कोई आरोप सामने नहीं आया है।
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