Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    कानपुर में देश का पहला ‘एटी मार्ट’ शुरू होगा:अब दिव्यांगों को उपकरण के लिए नहीं करना पड़ेगा इंतजार

    2 hours ago

    1

    0

    दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण पाने के लिए अब कैंप या लंबी प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। कानपुर स्थित भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) मई से देश का पहला ‘असिस्टिव टेक्नोलॉजी मार्ट (एटी मार्ट)’ शुरू करने जा रहा है। यह मार्ट दिव्यांगों के लिए वन-स्टॉप सेंटर होगा, जहां उनकी जरूरत के सभी उपकरण एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। क्या है एटी मार्ट, कैसे करेगा काम आसान अब तक दिव्यांगजनों को उपकरण पाने के लिए अलग-अलग माध्यमों या सरकारी कैंप का इंतजार करना पड़ता था। एटी मार्ट इस व्यवस्था को पूरी तरह बदल देगा। यह एक ऐसी स्थायी सुविधा होगी, जहां कोई भी दिव्यांग व्यक्ति सीधे जाकर अपनी जरूरत के अनुसार उपकरण खरीद सकेगा। इस मार्ट में वॉकिंग स्टिक, व्हीलचेयर, कृत्रिम हाथ-पैर, हियरिंग एड समेत कई जरूरी सहायक उपकरण उपलब्ध होंगे। फिलहाल इसके लिए जगह चिन्हित की जा रही है और अप्रैल के अंत तक सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। 900 करोड़ टर्नओवर का लक्ष्य, तेजी से बढ़ रहा एलिम्को एलिम्को के सीएमडी प्रवीण कुमार के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में निगम ने तेज विकास किया है। इस बार कंपनी को करीब 900 करोड़ रुपए के टर्नओवर की उम्मीद है। हालांकि यह आंकड़ा अभी अन-ऑडिटेड है, लेकिन विस्तार की रफ्तार कंपनी की मजबूती दिखाती है। उन्होंने बताया कि एलिम्को को ‘शेड्यूल बी’ का दर्जा मिलना इसकी बढ़ती क्षमता और प्रदर्शन का प्रमाण है। 12 से बढ़कर 100 सेंटर, देशभर में पहुंची सेवाएं करीब ढाई साल पहले तक एलिम्को के पास केवल 12 सेंटर थे, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर 100 हो गई है। प्रधानमंत्री दिव्यांगजन केंद्रों के जरिए सेवाएं देश के हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश तक पहुंच चुकी हैं—नागालैंड से लेकर लक्षद्वीप और लेह-लद्दाख तक। पहले जहां उपकरण वितरण केवल कैंप मोड में होता था और लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब सेंटर पर जाकर रजिस्ट्रेशन और असेसमेंट के बाद तुरंत उपकरण मिल जाते हैं। जिन उपकरणों में कस्टमाइजेशन की जरूरत होती है, वे भी 4-5 दिनों में उपलब्ध करा दिए जाते हैं। सेवा का बदला नजरिया, केंद्र सरकार का सहयोग सीएमडी प्रवीण कुमार ने इस बदलाव का श्रेय केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और विभाग के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि पिछले 2-3 वर्षों में सेवा देने के तरीके में बड़ा बदलाव आया है, जिसका फायदा सीधे दिव्यांगजनों को मिल रहा है। आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम कानपुर में शुरू होने वाला यह एटी मार्ट दिव्यांगजनों के लिए सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम पहल साबित होगा। इससे न सिर्फ उपकरण आसानी से मिल सकेंगे, बल्कि दिव्यांगजन आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ेंगे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    लखनऊ से हज यात्रियों की रवानगी का सिलसिला जारी:430 यात्रियों के दूसरे जत्थे ने भरी उड़ान, सचिव बोले- सऊदी तक विशेष सुविधा देंगे
    Next Article
    जमीनी विवाद में मारपीट के बाद छप्पर में लगाई आग,VIDEO:सीतापुर में चकरोड नपाई के दौरान हुआ विवाद, 6 लोगों पर केस दर्ज

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment