Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    कानपुर में यूपी बजट पर अधूरी उम्मीद:लेदर और इंडस्ट्री के लोग बोले- निर्यात और सूक्ष्म उधोग के लिये ज्याद उम्मीद थी, अल्पसंख्यकों के लिये कुछ नहीं

    1 hour ago

    1

    0

    यूपी सरकार ने चुनाव से पहले अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में बजट के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी और बताया कि किस क्षेत्र को कितना दिया गया है। बजट को लेकर कानपुर के चमड़ा उद्योग, औद्योगिक क्षेत्र और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बजट का स्वागत तो किया, लेकिन कुछ क्षेत्रों में उम्मीद अधूरी रहने की बात भी कही। एमएसएमई को राहत, लेकिन निर्यात पर और ध्यान जरूरी उद्योगपति उमंग अग्रवाल ने बजट पर खुशी जताते हुए कहा कि एमएसएमई क्षेत्र के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान सराहनीय है और इससे छोटे उद्योगों को लाभ मिलेगा। लेकिन उन्होंने काह कि अलग-अलग उद्योगों के लिए अलग बजट निर्धारित किया जाता तो और बेहतर होता। उन्होंने कहा कि निर्यात बढ़ाने के लिए सब्सिडी की जरूरत है। जब तक निर्यातकों को प्रोत्साहन नहीं मिलेगा, तब तक निर्यात में अपेक्षित वृद्धि संभव नहीं है। बजट में एक लाख सूक्ष्म उद्योग स्थापित करने की बात कही गई है, लेकिन इसे धरातल पर लागू करना जरूरी होगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि कोई बड़ा उद्योग यूपी में निवेश करने आए तो उसे छोटे और सूक्ष्म उद्योगों को काम देने की शर्त भी तय की जानी चाहिए। लेदर इंडस्ट्री को और सहयोग की अपेक्षा काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट के रीजनल चेयरमैन असद कमाल इराकी ने कहा कि यूपी बजट से काफी उम्मीदें थीं। बजट में कई क्षेत्रों को लाभ मिला है, लेकिन लेदर इंडस्ट्री के लिए अभी और प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिया कि यूपीसीडा की जो भूमि लेदर उद्योग के लिए आवंटित है, उसे फ्रीहोल्ड कर दिया जाए तो उद्योग को बड़ा लाभ मिल सकता है। भूमि के लीज पर दिये जाने से निवेशक आने से पहले सोचता है। अगर ऐसा मुमकिन हुआ तो बाहर के निवेशक भी यूपी में आकर निवेश करने के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने सरकार द्वारा पहले लाई गई चमड़ा उद्योग नीति के लिए आभार भी जताया। शिक्षा क्षेत्र में ये थी जरूरत… शिक्षा क्षेत्र से जुड़े फैजुलनबी ने कहा कि बजट समग्र रूप से बेहतर है, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में स्कूटी और टैबलेट देने की बजाय इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि शिक्षा आम लोगों तक कैसे पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने, उन्हें बंद होने से बचाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए बजट में प्राईमरी स्कूलों के लिये भी प्रावधान होने चाहिए। मेडिकल कॉलेज बनाना अच्छी पहल है, लेकिन प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर बच्चों की स्कूल में उपस्थिति सुनिश्चित करना ज्यादा जरूरी है। अल्पसंख्यको को उम्मीद अधूरी… प्रदेश सचिव, माइनॉरिटी सेल दिलशाद अहमद ने कहा कि सरकार ने बड़ा बजट पेश किया है और उसका स्वागत है, लेकिन अल्पसंख्यक वर्ग के लिए विशेष रूप से क्या प्रावधान किए गए हैं, यह भी देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मदरसों की स्थिति में सुधार की जरूरत है, लेकिन बजट में इसके लिए अलग से कोई स्पष्ट प्रावधान नजर नहीं आया। साथ ही उन्होंने कहा कि स्लॉटर हाउस बंद होने के बाद कुरैशी समाज के सामने रोजगार की समस्या खड़ी हो गई है। सरकार को मांस व्यापार से जुड़े लोगों के लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था या सहायता की योजना बनानी चाहिए।
    Click here to Read more
    Prev Article
    सुबह साथ में निकलीं गर्लफ्रेंड्स ट्रेन से कटी मिलीं:लखनऊ में एक की 6 महीने पहले हुई थी शादी; आज ही मायके आई थी
    Next Article
    अयोध्या की साकेतपुरी कालोनी में भयंकर आग:मौके पर पहुंची दमकल की कई गाड़ियां, पाइप व गुमटी में लगी आग

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment