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    कानपुर मेट्रो को 'बेस्ट कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट' का खिताब:दिल्ली में सीआईडीसी विश्वकर्मा अवार्ड से नवाजा गया, निदेशक सी.पी. सिंह भी सम्मानित

    3 hours ago

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    उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) की कानपुर मेट्रो परियोजना ने देश के निर्माण क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता साबित कर दी है। दिल्ली के अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित एक भव्य समारोह में कानपुर मेट्रो को “बेस्ट कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट” की श्रेणी में प्रतिष्ठित सीआईडीसी (CIDC) विश्वकर्मा पुरस्कार प्रदान किया गया। यह सम्मान परियोजना के रिकॉर्ड समय में पूरा होने और निर्माण की उच्च गुणवत्ता के लिए दिया गया है। समारोह में यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार की ओर से निदेशक (वर्क्स एवं इंफ्रास्ट्रक्चर) सी.पी. सिंह और परियोजना निदेशक अरविंद मीणा ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। तकनीक और नवाचार में कानपुर अव्वल सीआईडीसी की टीम ने मार्च महीने में कानपुर मेट्रो के स्टेशनों, डिपो और श्रमिक आवासों का बारीकी से निरीक्षण किया था। इस दौरान टीम ने निर्माण में इस्तेमाल हुई डबल टी-गर्डर, ट्विन पियर कैप और प्रीकास्टिंग जैसी आधुनिक तकनीकों की सराहना की। इन तकनीकों की मदद से कानपुर मेट्रो ने न केवल निर्माण समय में कमी की, बल्कि शहरी यातायात को प्रभावित किए बिना काम पूरा करने का नया मानक स्थापित किया है। यात्रियों के अनुभव और सुविधाओं पर फोकस पुरस्कार चयन प्रक्रिया के दौरान कानपुर मेट्रो की 'नई यात्रा संस्कृति' को विशेष तवज्जो दी गई। मेट्रो स्टेशनों पर उपलब्ध मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, फूड एवं रिटेल आउटलेट, पुस्तक मेले और 'सेलिब्रेशन ऑन व्हील्स' जैसी पहलों ने जूरी को प्रभावित किया। इससे पहले यूपीएमआरसी की लखनऊ और आगरा मेट्रो परियोजनाओं को भी क्रमशः 15वें और 16वें विश्वकर्मा पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन रेटिंग कानपुर मेट्रो के सभी स्टेशनों को आईजीबीसी (IGBC) द्वारा प्लैटिनम ग्रीन रेटिंग प्राप्त है। यहां 100 प्रतिशत एलईडी लाइटिंग, रीजेनरेटिव ब्रेकिंग और कार्बन डाइऑक्साइड सेंसर आधारित एचवीएसी सिस्टम जैसी तकनीकें इस्तेमाल हो रही हैं, जो ऊर्जा की भारी बचत करती हैं। सुरक्षा के लिहाज से भी मेट्रो परिसर में सीसीटीवी और महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के साथ पैसेंजर इमरजेंसी इंटरकॉम जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। निदेशक सी.पी. सिंह को ‘चेयरमैन कमेंडेशन अवार्ड’ इसी समारोह में यूपीएमआरसी के निदेशक (वर्क्स एवं इंफ्रास्ट्रक्चर) सी.पी. सिंह को सीआईडीसी का ‘अध्यक्ष प्रशंसा पुरस्कार’ भी दिया गया। यह सम्मान उन्हें देश में विश्वस्तरीय मेट्रो नेटवर्क विकसित करने में उनके व्यक्तिगत योगदान के लिए मिला है। आयोजकों ने कानपुर मेट्रो के कुशल क्रियान्वयन को शहरी परिवहन का एक उत्कृष्ट मॉडल करार दिया। अगले लक्ष्य,नौबस्ता और बर्रा तक जल्द दौड़ेगी मेट्रो प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने इस उपलब्धि को टीम की निष्ठा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि, वर्तमान में कॉरिडोर-1 के बैलेंस सेक्शन (कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता) और कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) पर काम युद्धस्तर पर जारी है। बहुत जल्द इन दोनों रूटों पर भी मेट्रो सेवाएं शुरू हो जाएंगी, जिससे शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। क्या है सीआईडीसी नीति आयोग और भारतीय निर्माण उद्योग के सहयोग से गठित कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री डेवलपमेंट काउंसिल (CIDC) देश में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और मानकों को सुधारने के लिए काम करती है। यह पुरस्कार निर्माण क्षेत्र में उत्कृष्टता का सबसे बड़ा पैमाना माना जाता है।
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