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    कारगिल युद्ध के सैनिक से दरोगा ने 20 लाख मांगे:आगरा में बोला- मुकदमे में सबके नाम हटा दूंगा, डीसीपी को रुपए चाहिए

    5 hours ago

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    आगरा में कारगिल युद्ध लड़ने वाले पूर्व सैनिक से SI ने 20 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। जमीन कब्जे के मुकदमे से 4 लोगों का नाम हटाने के लिए पैसे मांगे। पूर्व सैनिक ने इसकी शिकायत पुलिस कमिश्नर से की है। रुपए मांगने की बातचीत का वीडियो भी दिया है। वीडियो में एसआई डीसीपी का नाम ले रहा है। कहता है कि पैसे के लिए वह गाली दे रहे हैं। वह कहना है कि सभी लोगों के नाम निकालने के लिए 5 लाख रुपए प्रति व्यक्ति देना होगा। डीसीपी साहब को बस रुपये चाहिए। मुझे 60 हजार में चौकी इंजार्च बना रहे थे। लेकिन मेरी 2 महीने बाद शादी है। चौकी इंचार्ज को जब चाहूंगा, तब बन जाऊंगा। अब पढ़िए पूरा मामला… इरादत नगर थाने में 2025 में जयप्रकाश शर्मा, गजेंद्र पाल, वातेंद्र, नगेंद्र और सत्यवीर के खिलाफ जमीन कब्जे की FIR दर्ज हुई। मामले की जांच SI मानवेंद्र गंगवार कर रहे हैं। नगेंद्र ने पुलिस कमिश्नर को दी शिकायत में आरोप लगाए कि एसआई केस से सभी लोगों के नाम निकालने के लिए 5 लाख रुपए प्रति व्यक्ति मांग रहे हैं। रुपए न देने पर आरोपी बनाते हुए एफआर लगाने की धमकी दे रहे हैं। जांच अधिकारी ने रुपए की मांग के लिए कई बार बुलाया। फोन पर भी जल्द रुपए का इंतजाम करने की बात कही। नगेंद्र कुमार पूर्व सैनिक हैं। कारगिल युद्ध में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। अब पढ़िए SI और पीड़ित सैनिक की बातचीत… पीड़ित : आप चार्जशीट फाइनल करेंगे तो आपको भी कोर्ट जाना पड़ेगा? दरोगा : हां, मुझे भी जाना होगा। मैंने नाम निकाला, तो पूछा जाएगा न कि क्यों निकाला। पीड़ित : एज इट इज भी कर दिया तो भी जाना पड़ेगा न। दरोगा : हां, बिल्कुल। मुझे बताना पड़ेगा। बिना प्रूफ के मैं अपने गले में फंदा क्यों डलवाऊंगा। पीड़ित : वह सोच रहे होंगे कि यह डिले कर रहे हैं, तो इसके पीछे क्या है? दरोगा : क्राइम मीटिंग में इन्हें जवाब देना होता है। दूसरी बात इसमें 5 मुल्जिम हैं। 467, 468, 471 का मुल्जिम वांछित होता है। धारा 71 में जिला कोर्ट से जमानत नहीं मिल सकती। पीड़ित : हाईकोर्ट से ही होगी? दरोगा : हां, 5 वांछित दिखा रहा है। जिससे थाने का रिकॉर्ड गिर रहा है। पीड़ित : 2 का अभी भी बाकी है। दरोगा : गजेंद्र पाल का भी निकल जाएगा। पीड़ित : गजेंद्र पाल भी शायद बोल रहा था कि स्टे मिल जाएगा। दरोगा : नहीं, उसका निकल जाएगा, मैंने खुद ही कहा है कि उसका नाम मत लाओ। जब तक चार्जशीट नहीं लगेगी, तब तक वह कुछ नहीं दिखाएगा। डीसीपी साहब लताड़ रहे हैं। गाली दे रहे हैं। उन्हें सिर्फ रुपये चाहिए। क्योंकि वह 2 या 3 दिन में बदलने वाले हैं। पीड़ित : आपको भी तो बोला होगा कि किसी अच्छी जगह चले जाओ। दरोगा : हां, 60 हजार में चौकी। बटेश्वर सुनी होगी। वहीं। मैंने इसलिए नहीं लिया कि पता चला मैं चौकी इंचार्ज हूं। दो महीने बाद शादी है। फिर मैं छुट्‌टी जाऊं। छुट्‌टी भी न मिले और चार्ज भी चला जाए। चार्ज तो जब इच्छा होगी तब ले लेंगे। अब कोई नहीं पूछे कितने टैलेंटेड हो। पीड़ित : हां आजकल तो आपकी लाइजनिंग अच्छी है तो... दरोगा : हां, लाइजनिंग। अगर तुम कहीं चौकी इंचार्ज हो तो लाइजनिंग अपने आप अच्छी हो जाएगी। इतने आदमी मिलेंगे, एकाध ऐसा टकरा जाएगा कि लाइजनिंग हो जाएगी। एक बार नाम चढ़ गया तो। पीड़ित : मैं कल उनसे कह दूंगा कि फाइनल कर लो। कोई भी अपनी कलम नहीं फंसाना चाहेगा। दरोगा: वह कह रहे हैं कि 20-25। देखो 20-25 वाला मामला वह होता है। पूर्व सैनिक ने कहा- गलत फंसाया गया नगेंद्र कुमार का कहना है कि रिटायरमेंट के बाद उन्होंने रोहता निवासी जयप्रकाश नाम के व्यक्ति से 2021 में जमीन का बैनामा कराया। दाखिल खारिज के बाद वो जमीन पर काबिज भी हैं। मगर, 5 साल बाद उनके और 4 अन्य लोगों के खिलाफ थाने में फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया। नगेंद्र, वातेंद्र और सत्यवीर ने इस मामले में हाईकोर्ट से स्टे ले लिया। विवेचक को उनकी ओर से साक्ष्य भी दिए गए। मगर, विवेचक नाम निकालने के लिए प्रति व्यक्ति 5 लाख रुपए की मांग कर रहे हैं, नहीं तो जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं। -------------------- ये खबर भी पढ़ें बाराबंकी में सिलेंडर लेकर 8km पैदल चला बेटा:लखीमपुर खीरी में लकड़ी-कंडों की माला पहनकर सपा का प्रदर्शन, देवरिया में दिव्यांग को लौटाया यूपी में गैस सिलेंडर की किल्लत अभी भी जारी है। बाराबंकी में एक बेटे की मजबूरी सामने आई है। बंकी के टिंडोला गांव निवासी अरुण कुमार अपने बीमार माता-पिता और दो बेटियों का पेट पालने के लिए 8 किलोमीटर पैदल चलकर गैस एजेंसी पहुंचे। अरुण रात करीब 2 बजे घर से निकले और 8 किलोमीटर पैदल चलकर अमित गैस एजेंसी पहुंचे गए। पूरी खबर पढ़ें…
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