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    क्राइस्ट चर्च कॉलेज में रिसर्च वर्कशॉप शुरू:छात्रों को प्रोजेक्ट बनाने की तकनीक सिखाई, विशेषज्ञ बोले- शोध में ईमानदारी सबसे जरूरी

    1 hour ago

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    क्राइस्ट चर्च कॉलेज के राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र विभाग की ओर से ‘रिसर्च प्रोजेक्ट एवं मेथडोलॉजी’ विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला की शुरुआत बुधवार को हुई। कॉलेज के सर्वपल्ली राधाकृष्णन ऑडिटोरियम में आयोजित इस वर्कशॉप में स्नातक और स्नातकोत्तर के छात्र-छात्राओं को शोध के आधुनिक तरीकों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम के पहले दिन विशेषज्ञों ने बताया कि एक अच्छा रिसर्च प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए वैज्ञानिक सोच और तथ्यों का सही विश्लेषण बेहद जरूरी होता है। रिसर्च में ईमानदारी और नैतिकता जरूरी कार्यशाला के पहले सत्र में आईआईटी कानपुर के एचएसएस विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. ए.के. शर्मा ने छात्रों से संवाद किया। उन्होंने ‘सामाजिक विज्ञान में शोध कैसे करें’ विषय पर विस्तार से जानकारी दी। प्रो. शर्मा ने कहा कि किसी भी रिसर्च की शुरुआत सही समस्या की पहचान से होती है। उन्होंने छात्रों को शोध प्रश्न तैयार करने, परिकल्पना बनाने और सही रिसर्च पद्धति चुनने के तरीके बताए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि शोध कार्य में नैतिकता और अकादमिक ईमानदारी का पालन करना अनिवार्य है, तभी किसी भी शोध की विश्वसनीयता बनी रहती है। चरणबद्ध तरीके से समझाया प्रोजेक्ट तैयार करना दूसरे सत्र में राजनीति विज्ञान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. आशुतोष सक्सेना ने छात्रों को प्रैक्टिकल जानकारी दी। उन्होंने ‘रिसर्च प्रोजेक्ट निर्माण की कला और विज्ञान’ विषय पर चर्चा करते हुए बताया कि यूजी और पीजी के छात्र चरणबद्ध तरीके से अपना प्रोजेक्ट कैसे पूरा कर सकते हैं। उन्होंने विषय चयन से लेकर डेटा संग्रह, अध्यायों के विभाजन और निष्कर्ष लिखने तक की पूरी प्रक्रिया समझाई। प्रो. सक्सेना ने कहा कि केवल जानकारी जुटाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका आलोचनात्मक विश्लेषण करना भी उतना ही जरूरी है। छात्रों के सवालों के दिए जवाब कॉलेज के प्राचार्य प्रो. विनय जे. सेबेस्टियन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए छात्रों को ऐसे शैक्षणिक आयोजनों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में शोध का विशेष महत्व है और छात्रों को अपनी पढ़ाई के दौरान विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण विकसित करना चाहिए। सत्र के दौरान छात्रों ने शोध पद्धति, डेटा संग्रह और प्रोजेक्ट लेखन से जुड़े कई सवाल भी पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने मौके पर ही समाधान किया। टीम ने निभाई अहम भूमिका कार्यक्रम का संचालन प्रो. विभा दीक्षित ने किया। इस आयोजन को सफल बनाने में डॉ. प्रवीण के. सिंह, डॉ. मनीषी त्रिवेदी, डॉ. अर्चना वर्मा और डॉ. अर्चना पांडेय का विशेष योगदान रहा। कार्यशाला के दूसरे दिन 12 मार्च को शोध सिनॉप्सिस और प्रभावी प्रोजेक्ट लेखन पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
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