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    कर्नाटक में बड़ा सत्ता परिवर्तन! सिद्धारमैया का इस्तीफा मंजूर, 1 या 3 जून को सीएम पद की शपथ ले सकते हैं डी.के. शिवकुमार

    7 hours ago

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    कर्नाटक की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य में पिछले काफी समय से चली आ रही लीडरशिप की खींचतान पर आखिरकार विराम लग गया है। सूत्रों के मुताबिक, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा मंजूर कर लिया है। राज्यपाल ने गुरुवार शाम बेंगलुरु लौटने के बाद आधिकारिक तौर पर इसे स्वीकार किया। इससे पहले, सिद्धारमैया ने गुरुवार दोपहर बेंगलुरु के लोक भवन में राज्यपाल की अनुपस्थिति में उनके विशेष सचिव प्रभु शंकर को अपना इस्तीफा सौंपा था। आलाकमान के निर्देश के महज दो दिन बाद आए इस इस्तीफे के साथ ही उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के साथ चल रही सत्ता की जोरदार जंग खत्म हो गई है और राज्य में नए नेतृत्व का रास्ता साफ हो गया है। राज्यपाल थावरचंद गहलोत की अनुपस्थिति में विशेष सचिव प्रभु शंकर ने इस्तीफ़ा स्वीकार किया। इसे भी पढ़ें: Twisha Sharma Death Case | 'चैट' में छिपी प्रताड़ना की कहानी! पूर्व जज गिरिबाला के अत्याचारों का सच अब बेनकाब करेगी CBI डी.के. शिवकुमार का शपथ ग्रहण 1 या 3 जून को होने की संभावनासूत्रों ने आगे संकेत दिया कि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर 1 जून या 3 जून को शपथ लेने की संभावना है।गुरुवार को सूत्रों ने बताया कि सिद्धारमैया ने अपने उपमुख्यमंत्री का समर्थन किया है ताकि वे उनके उत्तराधिकारी बन सकें, और उन्होंने सभी से उनका समर्थन करने का आग्रह किया है। उन्होंने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों और विधायकों के साथ हुई एक बैठक के दौरान यह घोषणा की थी।इस्तीफ़ा देने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि पार्टी आलाकमान ने उनसे पद छोड़ने के लिए कहा था और उनके लिए राज्य का हित सर्वोपरि है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पहले भी कई मौकों पर इस्तीफ़ा देने की पेशकश की थी। सिद्धारमैया ने यह भी बताया कि उन्हें राज्यसभा की सीट की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक की जनता ने उन्हें पाँच साल के लिए चुना है और वे राज्य में रहकर ही उनकी सेवा करते रहेंगे। इसे भी पढ़ें: मॉस्को में गरजे NSA अजीत डोभाल, 'आतंकवाद पर दोहरा मापदंड मंजूर नहीं, अब देशों को चुनना होगा अपना पक्ष'सिद्धारमैया ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को उन्हें यह अवसर देने के लिए धन्यवाद दिया, और साथ ही कहा कि राज्य सरकार के पास अभी भी पूर्ण बहुमत है। सिद्धारमैया ने कहा, "मैंने अपना इस्तीफ़ा राज्यपाल के कार्यालय में जमा कर दिया है। राज्यपाल अभी यहाँ नहीं हैं; वे आज रात लौट रहे हैं। इसलिए, मैंने इस्तीफ़ा उनके कार्यालय में जमा कर दिया। मैंने अपना वादा निभाया है और जब आलाकमान ने मुझसे ऐसा करने के लिए कहा, तो मैंने (मुख्यमंत्री पद से) इस्तीफ़ा दे दिया।"दिल्ली में लिखी गई बदलाव की पटकथाकर्नाटक में इस बड़े फेरबदल की स्क्रिप्ट मंगलवार को दिल्ली में लिखी गई थी। कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया और डी.के. शिवकुमार को अचानक दिल्ली तलब किया था। पार्टी मुख्यालय में कई दौर तक चली इस हाई-प्रोफाइल बैठक में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, के.सी. वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला शामिल हुए थे। इसी बैठक में पार्टी नेतृत्व ने सिद्धारमैया से कर्नाटक की कमान डी.के. शिवकुमार को सौंपने और इस बदलाव को सहज बनाने का आग्रह किया था, जिसे स्वीकार करते हुए सिद्धारमैया ने बेंगलुरु लौटते ही अपने कदम पीछे खींच लिए। अब सभी की नजरें जून के पहले हफ्ते में होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi  
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