Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    करंट लगने पर महिला को बालू में दबाया, मौत:चमत्कार की उम्मीद में 1 घंटे तक गाड़कर रखा, प्रधान के खेत में लगे तारों से उतरा करंट

    1 hour ago

    1

    0

    पीलीभीत में करंट लगने से एक महिला की मौत हो गई। परिजनों ने करीब 1 घंटे तक महिला को बालू में दबाकर रखा। उन्हें चमत्कार होने की उम्मीद थी। परिजनों का मानना है कि मिट्टी या बालू में दबाने से करंट का असर चला जाता है। परिजनों ने खेत के मालिक और पूर्व प्रधान प्रसाद पर जानबूझकर तारों में बिजली प्रवाहित करने का आरोप लगाया है। एक घंटे तक मट्टी में दबाने के बाद भी शरीर में कोई हरकत नहीं हुई। आनन-फानन में महिला को एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलसंडा ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद कार्रवाई की मांग को लेकर पिरजनों ने अस्पताल में ही हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर सब इंस्पेक्टर सुनील राणा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू की। घटना मंगलवार सुबह बिलसंडा थाना क्षेत्र की है। पहले देंखे 3 तस्वीरें… अब विस्तार से जानें पूरा मामला घटना खजुरिया नवीराम गांव की है। जहां बेचेलाल की पत्नी अनीता देवी (45) मंगलवार सुबह गांव के पूर्व प्रधान शिव प्रसाद के मक्का के खेत के पास शौच के लिए गई थीं। आरोप है कि पूर्व प्रधान ने अपनी मक्का की फसल को आवारा पशुओं से बचाने के लिए खेत की बाड़बंदी कर उसमें बिजली का करंट छोड़ रखा था। अनीता जैसे ही तारों की चपेट में आईं, उनकी मौके पर ही मौत हो गई। महिला की मौत के बाद अस्पताल परिसर में पुलिस और परिजनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। परिजन चमत्कार की उम्मीद में शव को बालू (रेत) में दबाने की जिद करने लगे। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का हवाला दिया, लेकिन परिजनों ने नहीं सुनी इसके बाद महिला के शरीर को बालू में दबा दिया। करीब एक घंटे बाद डॉक्टरों द्वारा महिला की मौत की पुष्टि कर दी गई। काफी देर बहस के बाद पुलिस ने परिजनों को समझाकर शव को कब्जे में लिया। खेत स्वामी और पूर्व प्रधान शिव प्रसाद का कहना है कि उन्होंने केवल 'डीसी' (कम पावर) करंट लगाया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। करंट लगने व्यक्ति को मारना-पीटना या मिट्टी में दबाना मिथ है लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल के ईएमओ डॉक्टर सर्वेश सिंह ने बताया ये सब मिथ हैं। उन्होंने बताया कि अक्सर लोग करंट लगने पर पीड़ित को मारना-पीटना शुरू कर देते हैं। या कई मामलों में उन्हें मिट्टी में दबाकर रखते हैं। इससे अस्पताल ले जाने में और देरी हो जाती है। ऐसे में यदि जान बचने की उम्मीद हो तो भी नहीं बचा पाते। कई बार लोग करंट लगने के बाद मारे-पीटे जाने से सदमे चले जाते हैं और उससे भी उनकी मौत हो जाती है। इसलिए जब भी किसी को करंट लगने का घटना हो तो बिना देरी के डॉक्टर के पास ले जाएं। थानाध्यक्ष सिद्धांत शर्मा ने बताया शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि होगी। परिजनों की तहरीर और रिपोर्ट के आधार पर निष्पक्ष विधिक कार्रवाई की जाएगी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    प्रयागराज में दिखी भविष्य की युद्ध तकनीक, VIDEO:नॉर्थ टेक सिंपोजियम में एंटी ड्रोन सिस्टम और स्मार्ट वेपंस का प्रदर्शन
    Next Article
    बुलंदशहर में सोशल मीडिया पर युवती से ठगी:फर्जी आईडी बनाकर मांगे फोटो, ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment