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    कर्तव्य पथ पर शहादत: महाराष्ट्र में पेट्रोल पंप सील करने गए IOC अधिकारी की चाकू घोंपकर हत्या, 2005 के 'मंजूनाथ कांड' की यादें ताजा

    1 day ago

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    सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) के एक होनहार अधिकारी की महाराष्ट्र में ऑन-ड्यूटी बर्बरता से हत्या कर दी गई। हिंगोली जिले में अवैधता और अनियमितता के चलते पेट्रोल पंप को सील करने की कार्रवाई के दौरान फील्ड ऑफिसर महेश शेलके पर चाकू से ताबड़तोड़ 7 वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया। इस स्तब्ध कर देने वाली घटना ने साल 2005 के चर्चित 'मंजूनाथ हत्याकांड' की खौफनाक यादों को एक बार फिर ताजा कर दिया है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और इंडियनऑयल ऑफिसर्स एसोसिएशन (IOOA) ने कड़ा विरोध जताते हुए मामले को महाराष्ट्र सरकार व पेट्रोलियम मंत्रालय के समक्ष उच्च स्तर पर उठाया है।आईओसी ने मृतक की पहचान नांदेड़ उत्तर आरएसए में फील्ड अधिकारी महेश शेलके के रूप में की और कहा कि आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन करते समय हुई इस ‘‘स्तब्ध कर देने वाली घटना’’ में उन्होंने अपनी जान गंवा दी। कंपनी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘एक प्रतिभाशाली और होनहार विक्रय अधिकारी, शेलके एक समर्पित पेशेवर थे, जिनकी प्रतिबद्धता और ईमानदारी ने उन्हें अपने सहकर्मियों का सम्मान दिलाया था।’’ कंपनी ने कहा, ‘‘इस बेहद दुख की घड़ी में इंडियन ऑयल उनके शोकाकुल परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान कर रहा है। निगम ने यह मामला संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया है।’’ पुलिस के अनुसार, शेलके और उनकी टीम मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे हिंगोली जिले के अंबाचोंडी गांव में एक पेट्रोल पंप को सील करने की प्रक्रिया में थे, तभी पंप मालिक के परिवार के सदस्यों और घटनास्थल पर मौजूद अन्य लोगों के साथ कथित तौर पर बहस हो गई। पुलिस ने कहा कि विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और शेलके पर चाकू से कथित तौर पर सात बार वार किया गया, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। विवाद का सटीक कारण तत्काल पता नहीं चल सका। पुलिस ने मुख्य आरोपी का पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने के लिए एक टीम गठित की है। यह घटना 2005 में 27 वर्षीय आईओसी विक्रय अधिकारी एस. मंजूनाथ की हत्या की याद दिलाती है। मंजूनाथ ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में एक पेट्रोल पंप का निरीक्षण किया था, जहां अनियमितताएं पाई गई थीं। इसके बाद उन्हें गोली मार दी गई थी। उच्चतम न्यायालय के रिकॉर्ड के अनुसार, मंजूनाथ के निरीक्षण के बाद आईओसी ने उस पेट्रोल पंप पर बिक्री और आपूर्ति निलंबित कर दी थी। वह 19 नवंबर, 2005 को फिर से पंप का निरीक्षण करने के लिए लौटे थे और अगले दिन उनका शव मिला था। मंजूनाथ मामला ईंधन केंद्रों पर अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई लागू करने वाले अधिकारियों के सामने मौजूद जोखिमों का एक प्रमुख उदाहरण बन गया। आईओसी के अपने अभिलेख में कहा गया है कि मंजूनाथ की हत्या कथित भ्रष्टाचार और तेल में मिलावट के गिरोह का पर्दाफाश करने के बाद की गई थी। आईओसी ने शेलके को श्रद्धांजलि देते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हम अपने एक मूल्यवान सहकर्मी के निधन पर शोक व्यक्त करते हैं, जिनका जीवन और करियर बहुत कम उम्र में ही असमय समाप्त हो गया।’’ कंपनी ने कहा, ‘‘हम उनके परिवार, सहकर्मियों और प्रियजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।’’ इंडियनऑयल ऑफिसर्स एसोसिएशन (आईओओए) ने भी ‘‘महाराष्ट्र के नांदेड़ में प्रबंधक अधिकारी श्री महेश शेलके अन्नाराव’’ की हत्या पर गहरा आक्रोश और सदमा व्यक्त किया, जिनकी ‘‘अपने आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन करते समय जान चली गई।’’ इसने कहा, ‘‘सार्वजनिक क्षेत्र के किसी संगठन के अधिकारी के खिलाफ हिंसा बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। आईओओए ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, आईओसी प्रबंधन और महाराष्ट्र सरकार से कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए त्वरित, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने तथा 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार करने का पुरजोर आग्रह किया है।’’ एसोसिएशन ने कहा कि शोकाकुल परिवार को तत्काल सहायता मिलनी चाहिए तथा देश की सेवा कर रहे सभी अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसने कहा, ‘‘अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे तेल कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ हिंसा कतई बर्दाश्त नहीं होनी चाहिए। न्याय त्वरित, दृढ़ और ऐसा होना चाहिए जो मिसाल कायम करे।’’ आईओसी ने कहा कि वह ‘‘अपने एक मूल्यवान सहकर्मी के निधन’’ पर शोकाकुल है, ‘‘जिनका जीवन और करियर बहुत कम उम्र में ही असमय समाप्त हो गया’’ और उसने उनके परिवार, सहकर्मियों तथा प्रियजनों के प्रति ‘‘गहरी संवेदना’’ व्यक्त की।Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi 
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