Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Karnaprayag विवाद: Nihang की रिहाई की मांग पर तीसरे दिन भी Gurudwara में गतिरोध, CM मान ने की धामी से बात

    2 hours from now

    1

    0

    रुद्रप्रयाग ज़िले के नागरासू में एक गुरुद्वारे में निहंग सिखों के साथ तनावपूर्ण गतिरोध सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। कम से कम चार निहंग अभी भी गुरुद्वारे के अंदर भाले और तलवारें लेकर डटे हुए हैं। वे कथित तौर पर उन चार निहंगों की तुरंत रिहाई की मांग कर रहे हैं, जिन्हें 16 जून को कर्णप्रयाग में पार्किंग को लेकर हुए विवाद में स्थानीय लोगों के साथ झड़प के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था। इस गतिरोध के बीच, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फ़ोन पर बात की और उनसे बातचीत के ज़रिए मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का आग्रह किया। उन्होंने ज़रूरत पड़ने पर पंजाब सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा भी दिलाया। इसे भी पढ़ें: Dehradun की लीची का बढ़ा जलवा, Italy Export से किसानों को मिला 25% ज़्यादा दामदिन भर स्थानीय प्रशासन के साथ बातचीत चलती रही और घटनास्थल के पास भारी पुलिस बल के साथ-साथ भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवान भी तैनात रहे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उत्तराखंड के DIG (कानून-व्यवस्था) को नागरासु और कर्णप्रयाग, दोनों घटनाओं की जांच की निगरानी का काम सौंपा गया है। पुलिस के अनुसार, शनिवार शाम 'लंगर' के दौरान गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के साथ विवाद के बाद, वहां आए निहंगों ने खुद को गुरुद्वारे के अंदर बंद कर लिया और एक 'सेवादार' (स्वयंसेवक) समेत दो लोगों को बंधक बना लिया।सोमवार देर रात तक, सात में से तीन निहंग परिसर से जा चुके थे। नागरासु - एक छोटा सा कस्बा - चमोली जिले में कर्णप्रयाग कस्बे से लगभग 15 किमी और देहरादून से लगभग 200 किमी दूर स्थित है। इंस्पेक्टर जनरल (गढ़वाल रेंज) राजीव स्वरूप ने कहा कि निहंगों और DM व SP समेत स्थानीय अधिकारियों के बीच लंबी बातचीत के बाद, शनिवार को एक बंधक को रिहा कर दिया गया, जबकि 'सेवादार' को रविवार रात मुक्त कराया गया। फिलहाल, उनमें से चार अभी भी अंदर हैं। सोशल मीडिया के एक बड़े हिस्से में किए गए गलत दावों के विपरीत, उन्हें पुलिस या स्थानीय निवासियों से कोई समस्या नहीं है। इसे भी पढ़ें: जून की गर्मी से चाहिए राहत? Uttarakhand का Nainital है Perfect Summer Destination, जानें सबकुछउन्होंने हाल ही में कर्णप्रयाग में हुई झड़प से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया। उन्होंने कहा कि कई लोग इस घटना को कर्णप्रयाग की घटना से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उस घटना में दो FIR दर्ज की गई थीं, जिनमें से एक अज्ञात लोगों के खिलाफ एक सिख तीर्थयात्री पर हमले के लिए थी। दूसरी FIR निहंगों के खिलाफ थी, जिसमें कानून के तहत चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन दोनों घटनाओं का आपस में कोई संबंध नहीं है। नागरासू में विवाद एक आंतरिक मामले को लेकर शुरू हुआ था। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
    Click here to Read more
    Prev Article
    Karnataka High Court का ऐतिहासिक फैसला, गंभीर Disability वाली युवती की Hysterectomy को दी मंजूरी
    Next Article
    CM Vijay ने Periyar की नास्तिकता से खींची लकीर, बोले- हमारी पार्टी ईश्वर में विश्वास रखती है

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment