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    काशी में स्वामी विवेकानंद की उतारी गई आरती:दीपों से हुई सजावट,गोविन्द दास बोले- स्वामी जी ने चरित्र निर्माण तथा राष्ट्रसेवा का मार्ग दिखाया

    23 hours ago

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    स्वामी विवेकानंद की जयंती की पूर्व संध्या वाराणसी के नदेसर स्थित स्वामी विवेकानंद स्मारक पर भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वामी विवेकानंद के राष्ट्रनिर्माणकारी विचारों, मानवता के प्रति उनके दृष्टिकोण तथा युवा चेतना को जाग्रत करने वाले संदेशों को स्मरण करना एवं समाज में उनके व्यापक प्रचार-प्रसार को सशक्त करना रहा। विशेष आरती की गई आयोजन सेवाज्ञ संस्थानम् द्वारा किया गया। कार्यक्रम में संत गोविन्द दास शास्त्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति की आत्मा को विश्वपटल पर प्रतिष्ठित किया और युवाओं को आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण तथा राष्ट्रसेवा का मार्ग दिखाया। उनके विचार आज भी समाज को कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करने, आत्मबल को पहचानने और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देते हैं। विवेकानंद के चरित्र पर दिया व्याख्यान संत गोविन्द दास शास्त्री ने आगे कहा कि आज की युवा पीढ़ी को स्वामी विवेकानंद के जीवन, तपस्या और संदेशों से प्रेरणा लेकर सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में कार्य करना चाहिए। उनके विचार केवल प्रेरणासूत्र नहीं, बल्कि एक सशक्त जीवन-दर्शन हैं, जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर, कर्मठ और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी बनाते हैं। कार्यक्रम पर जले हजारों दीप कार्यक्रम स्थल को विशेष रूप से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा को पुष्पमालाओं और पुष्प-वर्षा से भव्य रूप प्रदान किया गया। श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। महाआरती के उपरांत दीप प्रज्वलन किया गया तथा स्वामी विवेकानंद के जीवन, दर्शन और उनके ऐतिहासिक योगदान पर आधारित प्रेरणादायक चर्चा आयोजित की गई, जिसने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया।
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