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    खड्डा के 14 छात्रों का NMMS में एक साथ चयन:12 हजार रुपए प्रतिवर्ष मिलेगी छात्रवृत्ति, हजारों विद्यार्थियों ने भाग लिया था

    3 hours ago

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    ग्रामीण परिवेश, सीमित संसाधन और आर्थिक चुनौतियों के बीच पढ़ाई कर रहे खड्डा तहसील क्षेत्र के मंदनपुर गांव के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के 14 छात्र-छात्राओं ने वह कर दिखाया है, जो पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गया है। राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति (NMMS) परीक्षा में एक साथ 14 बच्चों का चयन होना न केवल विद्यालय बल्कि पूरे खड्डा विकासखंड के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए आर्थिक संबल देने हेतु आयोजित की जाती है। इस परीक्षा में चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9 से 12 तक प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है। यानी प्रत्येक छात्र को चार वर्षों में कुल 48 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। जिले भर से हजारों विद्यार्थियों ने भाग लिया मदनपुर गांव के नीरज,पूजा,अंजली, करन ,चुलबुली,अंजू,पल्लवी,दीक्षा, मिट्ठू, नेहा,सावित्री,ममता यादव , राहुल चौहान,और शोभा मेघावी के रूप शामिल हुए। यह सहायता उन परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जिनकी आय सीमित है और जहां आगे की पढ़ाई आर्थिक कारणों से अक्सर प्रभावित हो जाती है। इस परीक्षा में जिले भर से हजारों विद्यार्थियों ने भाग लिया था। कठिन प्रश्नपत्र और सीमित सीटों के बीच मंदनपुर के 14 बच्चों ने सफलता अर्जित कर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती। शिक्षकों ने कराई बेहतरीन तैयारी विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि बच्चों ने नियमित कक्षाओं के साथ अतिरिक्त अभ्यास सत्रों में भी भाग लिया। सुबह-शाम की विशेष तैयारी, मॉडल पेपर अभ्यास और निरंतर मार्गदर्शन ने इस सफलता की नींव रखी। विद्यालय परिवार की इस उपलब्धि के पीछे शिक्षकों की समर्पित भूमिका भी रही। प्रधानाध्यापक ने बताया कि बच्चों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की रणनीति, समय प्रबंधन और मानसिक संतुलन के बारे में भी प्रशिक्षित किया गया। किसान और मजदूर परिवारों से आते हैं बच्चे शिक्षक विनय सिंह ने बताया कि “ग्रामीण बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत है सही दिशा और विश्वास की। हमारे बच्चों ने अपनी मेहनत से यह विश्वास मजबूत किया है।” अधिकांश चयनित विद्यार्थी साधारण किसान और मजदूर परिवारों से आते हैं। बच्चों की सफलता की खबर मिलते ही गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया। अभिभावकों की आंखों में खुशी और गर्व साफ झलक रहा था। 14 होनहारों ने दिया सफलता का संदेश मंदनपुर के इन 14 होनहारों ने यह संदेश दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। यह उपलब्धि न केवल गांव के अन्य विद्यार्थियों को प्रेरित करेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र में शिक्षा के प्रति नई जागरूकता भी पैदा करेगी। ग्रामीण अंचल से इस प्रकार की सामूहिक सफलता यह दर्शाती है कि सरकारी योजनाएं सही दिशा में प्रभाव डाल रही हैं। यदि इसी प्रकार मार्गदर्शन और प्रेरणा मिलती रही तो आने वाले वर्षों में और भी बड़ी सफलताएं देखने को मिल सकती हैं।
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