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    खामेनेई को शहीद का दर्जा देकर विरोध-प्रदर्शन:संभल में बाजार बंद कर इमामबाड़ा पर शोक जताया, पुरुष-महिलाएं रोती रहीं

    2 hours ago

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    ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की कथित मौत के बाद संभल में उन्हें शहीद का दर्जा देकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी शोक व्यक्त करती नजर आईं। शिया समुदाय के इस प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट पर रहा। विरोध-प्रदर्शन रविवार को जनपद संभल के थाना हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र की नगर पंचायत सिरसी में हुआ। शिया समुदाय के लोगों ने बाजार बंद कर मोहल्ला शर्की इमामबाड़ा पहुंचे। इस प्रदर्शन को मुस्लिम महिलाओं का भी समर्थन मिला। थाना प्रभारी सुधीर पंवार और सिरसी पुलिस चौकी प्रभारी शाह फैसल पुलिस बल के साथ प्रदर्शनकारियों के बीच मौजूद रहे। पुलिस ने पूरे प्रदर्शन की रिकॉर्डिंग मोबाइल कैमरे से की। सैयद मोहम्मद अकी जाफरी ने खामेनेई की शहादत पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने खामेनेई को 'वक्त के हुसैन' और 'वक्त के अब्बास' जैसा रहबर बताया। जाफरी ने कहा कि कर्बला हमें जालिम के खिलाफ आवाज उठाने की सीख देती है और आज के दौर के 'यजीद' नेतन्याहू और डोनाल्ड ट्रंप जैसे लोग हैं। उन्होंने अमेरिका और इजरायल को दुनिया के दो बड़े आतंकवादी करार देते हुए फिलिस्तीन और गाजा में हो रहे अत्याचारों पर भी चिंता जताई। उन्होंने समुदाय से आह्वान किया कि वे अपने रहबर के बताए रास्ते पर चलें। हसन मेहंदी ने कहा कि रहबरे मुअज़्ज़म सैयद अली ख़ामनेई साहब को जिस धोखे से, जिस तरह से शहीद किया गया है, उसका ग़मो-गु़स्सा था, आवाम में रद्दे-अमल (प्रतिक्रिया) था। हम लोगों को बेइंतहा ग़म है और इंशाल्लाह हम लोग दुआ करते हैं ईरान को फ़तहो-कामयाबी मिले। अब कल से आप देखेंगे कि घर-घर काले अलम लगे हुए होंगे, काले झंडे होंगे इमामबाड़ों पर होंगे। इस दर्द हम ही महसूस कर सकते हैं।​ आज बाज़ार पूरी तरह बंद रखा गया है। बाज़ार बंद करने के लिए कहना नहीं पड़ा, बस एक मस्जिद से ऐलान हो गया सब लोग अपनी दुकानें बंद कर लें, तो लोगों ने खुद ही बाख़ुशी अपनी दुकानें बंद कर ली हैं। असद अब्बास ने कहा कि हमारे रहबर की शहादत हमारी मीरास है।यह ताज़ियत पेश की है इमाम बारगाह में प्रदर्शन किया है। हमारे घर का भी कोई मरता है, तो हम उसका 40 दिन शोक करते हैं। अब ये तो हमारे रहबर-ए-आज़म थे, इनका भी 40 दिन से कम शोक नहीं होगा। आज बाजार बंद है कल से बाज़ार खुलेंगे, लेकिन दिल में जो एहसास रहेगा वो ज़िंदगी भर तक रहेगा, क्योंकि वो शख्सियत ऐसी थी।
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