Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    खनन के 15 फीट गहरे गड्ढे में डूबी बच्ची, मौत:लखीमपुर-खीरी में तीन बीघे में 15 फीट तक खोदाई, खुले गड्ढों में भरा पानी बना जानलेवा

    2 hours ago

    1

    0

    लखीमपुर खीरी में गोमती नदी किनारे खनन से बने करीब 15 फीट गहरे गड्ढे में डूबने से 12 वर्षीय रोशनी की मौत हो गई। वह सहेली आंचल के साथ बकरी चराने गई थी। दोनों पानी से भरे गड्ढे में गिर गईं। ग्रामीणों ने आंचल को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन रोशनी की जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे के बाद खनन की अनुमति और प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बरगदिया निवासी हरिओम के खेत में करीब तीन बीघे जमीन पर जेसीबी से गहरी खोदाई कर बालू निकाली गई थी। खनन के बाद गड्ढों को न तो भरा गया और न ही जमीन को समतल किया गया। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर गया। ग्रामीणों का कहना है कि खुले गड्ढों के आसपास सुरक्षा के लिए न बैरिकेडिंग की गई और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए। पानी भरने के बाद ये गड्ढे बच्चों और पशुओं के लिए खतरा बन गए। सहेली को बचाया, रोशनी की नहीं बची जान सहोरा गांव निवासी रोशनी बकरी चराने के दौरान अपनी सहेली आंचल के साथ नदी किनारे पहुंची थी। दोनों पानी से भरे गड्ढे में गिर गईं। आसपास मौजूद ग्रामीणों को जानकारी हुई तो उन्होंने बचाव की कोशिश शुरू की। आंचल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन रोशनी को नहीं बचाया जा सका। घटना के बाद ग्रामीणों में खनन कराने वालों के खिलाफ नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि गड्ढों को समय रहते भर दिया जाता तो हादसा नहीं होता। अनुमति थी तो मानक क्यों नहीं अपनाए गए? हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल खनन की अनुमति को लेकर है। यदि यहां खनन की अनुमति थी तो क्या खोदाई निर्धारित मानकों के अनुसार हुई? यदि खनन अवैध था तो इतनी बड़ी जमीन पर जेसीबी से खोदाई कैसे होती रही और इसकी निगरानी क्यों नहीं की गई? ग्रामीणों ने खनन स्थल की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि खनन की अनुमति, क्षेत्रफल और गहराई की जांच के साथ जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। तीन लोगों पर खनन कराने का आरोप ग्रामीणों ने औरंगाबाद निवासी राजा, अल्तमश और बरगदिया निवासी मक्खन पर खनन कराने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही खनन कराने वालों और इसकी वैधता की स्थिति स्पष्ट होगी। खेत मालिक के आने के बाद खुलेगा खनन की अनुमति का राज एएसपी पश्चिमी अमित कुमार राय ने बताया कि मामले में खेत के मालिक को बुलाया गया है। फिलहाल वह बाहर हैं। उनके आने के बाद पूछताछ की जाएगी कि खेत में खनन किसने कराया था और इसके लिए अनुमति ली गई थी या नहीं। एएसपी ने कहा कि खेत मालिक से पूछताछ और जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि खनन वैध था या अवैध। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों की मांग- खुले गड्ढे तत्काल भरवाए जाएं हादसे के बाद ग्रामीणों ने खुले खनन गड्ढों को तत्काल भरवाने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इलाके में ऐसे अन्य गड्ढों को भी चिह्नित कर सुरक्षित कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी बच्चे या पशु के साथ ऐसा हादसा न हो। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की जांच पर है। हादसे में एक बच्ची की जान जाने के बाद यह भी सवाल है कि जिम्मेदारी तय होने के साथ खुले खनन गड्ढों को लेकर स्थायी सुरक्षा व्यवस्था कब की जाएगी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    गाजीपुर कलेक्ट्रेट में आज से जन्माष्टमी मेले की रौनक:रातभर चली तैयारियां, स्वचालित झांकियां होंगी आकर्षण; सजने लगेंगी खिलौनों और खान-पान की दुकानें
    Next Article
    नाव पर बैठने को लेकर युवक को पीटा, वीडियो:गोंडा में ससुराल से घर लौट रहा था युवक; बीच-बचाव करने आए दूसरे युवक से भी मारपीट

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment