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    लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी:सोनभद्र जिला प्रशासन ने बढ़ती गर्मी के मद्देनजर दिशा-निर्देश दिए

    9 hours ago

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    जनपद में बढ़ती गर्मी और लू (हीट स्ट्रोक) के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है,जिसके आगामी दिनों में 45 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है।शरीर में पानी और नमक की कमी होने पर लू लगने का खतरा बढ़ जाता है।ऐसे में सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक खुले स्थानों पर निकलना स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। लू (हीट स्ट्रोक) के प्रमुख लक्षणों में गर्म, लाल और शुष्क त्वचा,पसीना न आना, तेज पल्स, उथली और तेज श्वास गति शामिल हैं।इसके अतिरिक्त,व्यवहार में बदलाव,भ्रम की स्थिति, सिरदर्द,मितली,थकान,कमजोरी,चक्कर आना और मूत्र की कमी भी इसके संकेत हो सकते हैं। लू से बचाव के लिए स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर लगातार ध्यान देना और तापमान में होने वाले परिवर्तनों के प्रति सतर्क रहना महत्वपूर्ण है।आपात स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण लेना भी सहायक सिद्ध हो सकता है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अधिक से अधिक पानी पिएं,भले ही प्यास न लगी हो। हल्के रंग के,पसीना सोखने वाले और हल्के वस्त्र पहनें।धूप के चश्मे, छाता, गमछा, टोपी और चप्पल का प्रयोग करें। यदि आप खुले में कार्य करते हैं,तो सिर, चेहरा,हाथ और पैरों को गीले कपड़े से ढककर रखें और छाते का उपयोग करें। दोपहर में घर से निकलते समय शरीर के अंगों को अधिक से अधिक ढककर रखें।यात्रा करते समय पीने का पानी साथ ले जाना सुनिश्चित करें। घर में बने पेय पदार्थ जैसे लस्सी, चावल का पानी (माड़),नींबू पानी और छाछ का सेवन करें, ताकि शरीर में पानी की कमी पूरी हो सके।अपने घर को ठंडा रखें; पर्दे और दरवाजे का उपयोग करें तथा शाम/रात के समय कमरों को ठंडा करने के लिए खोल दें।पंखे और गीले कपड़ों का उपयोग करें,साथ ही बार-बार स्नान करें। कार्यस्थल पर ठंडा पीने का पानी उपलब्ध कराया जाए और कर्मियों को सीधी सूर्य की रोशनी से बचने के लिए सावधान किया जाए। गर्भवती महिला कर्मियों और रोगग्रस्त कर्मियों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
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