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    लखनऊ के मेडिकल संस्थानों को मिले 5545 करोड़ करोड़:KGMU को 2246-कैंसर संस्थान को 326 करोड़, आधुनिक मशीनें-सुविधाएं बढ़ेंगी

    5 hours ago

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    लखनऊ के 4 बड़े चिकित्सा संस्थानों के लिए प्रदेश सरकार ने करीब 5545 करोड़ का बजट आवंटन किया है। इस बजट से उत्तर प्रदेश के इन टॉप सरकारी संस्थानों की मेडिकल सुविधाओं में इजाफा होगा। नए उपकरण खरीदे जाएंगे, नए भवन बनेंगे। ज्यादा मरीज भर्ती हो सकेंगे। वेंटिलेटर, रोबोट और जांच की मशीनें और संसाधन बढ़ेंगे। इस वर्ष के बजट में SGPGI को क्वाटर्नरी हेल्थ केयर मेडिकल सेंटर बनाने के लिए 2246 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया हैं। इनमें निर्माण के लिए 359 करोड़, मेडिकल मशीन और उपकरणों के लिए 600 करोड़ शामिल हैं। इसके अलावा वेतन मद में 900 करोड़ और गैर वेतन मद में 375 करोड़ का आवंटन किया गया हैं। SGPGI के निदेशक प्रो.आरके धीमन ने बताया कि मेडिकल उपकरण के लिए 600 करोड़ में से 100 करोड़ एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में मशीन खरीद को लेकर आवंटित किया गया हैं। इसके अलावा औषधि-ड्रग के लिए 10 करोड़ और निशुल्क इलाज के लिए 2 करोड़ का प्रावधान किया गया हैं। 500 बेड का स्पेशल ब्लॉक बनेगा प्रो.धीमन ने बताया कि इस पहल के अंतर्गत 500 बेड का अत्याधुनिक केंद्र बनेगा। जिसमें कार्डियक साइंसेज़, न्यूरोसाइंसेज, रीनल साइंसेज, गैस्ट्रो-इंटेस्टाइनल एवं हेपैटिक सेवाएं, क्रिटिकल केयर, मैटरनल एंड फीटल मेडिसिन, ऑन्कोलॉजी, जीन और सेल थेरेपी और रेयर डिजीज और जीनोम सिक्वेंसिंग की जा सकेगी। क्वाटर्नरी हेल्थ केयर सेंटर सबसे टॉप और हाई एंड मेडिकल सेंटर हैं जो अत्याधुनिक तकनीक, उच्चस्तरीय विशेषज्ञता और मल्टी डायमेंशन अप्रोच के साथ मरीजों के इलाज के लिए जाना जाता हैं। KGMU को 1938 करोड़ मिले सूबे के सबसे बड़े चिकित्सा विश्वविद्यालय, KGMU में मरीजों के इलाज और पढ़ाई की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए सरकार ने 1938.02 करोड़ का बजट दिया है। पिछले वित्तीय वर्ष में 1868.7 करोड़ का बजट मिला था। इसमें निर्माण पर 300 करोड़ खर्च होंगे। ट्रॉमा सेंटर के सामने खाली पड़ी जगह पर डायग्नोस्टिक बिल्डिंग बनेगी। यहां सभी प्रकार की रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी जांचें होंगी। 3.70% बजट का इजाफा KGMU कुलपति प्रो.सोनिया नित्यानंद ने बताया कि 24 तरह के भवनों के निर्माण में धनराशि आवंटित की गईं है। इसके अलावा मशीन और उपकरणों के लिए अलग से 300 करोड़ का आवंटन किया गया हैं। पिछले साल की तुलना में इस बार 3.70% बजट का इजाफा किया गया हैं। निशुल्क चिकित्सा के।लिए 3 करोड़ के बजट का भी प्रावधान किया गया हैं। डायबिटीज मरीजों को बड़ी राहत नेत्र रोग विभाग में डायबिटिक रेटिनोपैथी यूनिट के लिए उपकरण खरीदे जाएंगे। इसके लिए एक करोड़ रुपए का बजट मिला है। इसमें चार प्रमुख मशीनें खरीदी जाएंगी। आंखों की बीमारी का पता लगाने के लिए अल्ट्रासाउंड सहित अन्य मशीन भी खरीदी जाएंगी। लोहिया संस्थान को मिले 1085 करोड़ लोहिया संस्थान को बजट में 1085 करोड़ रुपए आवंटित हुए हैं। यह पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 25 करोड़ रुपए अधिक है। पिछले वित्तीय वर्ष में 1060 करोड़ रुपए मिले थे। निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने बताया कि मेडिकल मशीन और उपकरण के लिए 250 करोड़ का आवंटन हुआ हैं। इनमें 20 करोड़ की एडवांस रोबोटिक सिस्टम कैंसर सर्जरी के लिए और कार्डियक लेजर के लिए 4.5 करोड़ का आवंटन हुआ हैं। इसके अलावा स्टेट ऑफ आर्ट ड्यूल एनर्जी सीटी स्कैन के लिए 15 करोड़ और वेट बेअरिंग परमानेंट मैग्नेट MRI के लिए 12 करोड़ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन मशीनों से अधिक मरीजों की जांच की जा सकेगी। अभी संस्थान में दो MRI मशीन हैं। इसमें एक लिवर समेत दूसरे अंगों की कई बीमारियां जेनेटिक कारणों से होती हैं, जिनकी समय पर पहचान जरूरी है। समय पर जांच से व्यक्ति को बीमार होने से बचाने में मदद मिल सकती है। बजट से मरीजों को मिला सबसे ज्यादा फायदा लोहिया संस्थान के निदेशक प्रो.सीएम सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा दिए गए बजट को मरीजों के इलाज में उपयोग किया जाएगा। मकसद संस्थान में टॉप मेडिकल फैसिलिटी देना हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर, लोहिया संस्थान को देश के लीडिंग मेडिकल संस्थानों में शामिल किया जाएगा। बजट से निर्माण के लिए 200 करोड़ का अनुदान दिया गया हैं। इसके अलावा वेतन मद में 375 करोड़, और गैर वेतन मद में 260 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया हैं। 4.5 करोड़ की रोबोटिक अपर एक्सट्रेमिटी फंक्शनल थेरेपी और एक करोड़ का HLA ट्रांसप्लांट यूनिट भी तैयार किया जाएगा। कल्याण सिंह कैंसर संस्थान को मिले 326 करोड़ कल्याण सिंह सुपर स्पेशलिटी कैंसर संस्थान को 326 करोड़ की सौगात मिली हैं। इनमें मशीन और उपकरणों के लिए 150 करोड़ और निर्माण के लिए 36 करोड़ का बजट हैं। इसके अलावा वेतन मद में 70 करोड़ खर्च होंगे। संस्थान के निदेशक प्रो.एमएलबी भट्ट ने बताया कि गैर वेतन मद में 70 करोड़ का बजट हैं। 40 करोड़ का लीनियर एक्सलरेटर, 30 करोड़ का बिग बोर सीटी सिमुलेटर, 30 करोड़ का रोबोट और 18 करोड़ का इंट्रा ऑपरेटिव रेडियोथेरेपी इक्विपमेंट खरीदा जाएगा।
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