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    लखनऊ में 11 दिनों में 13 डिग्री बढ़ा पारा:सीजन में आज रहेगा अब तक का सबसे ज्यादा तापमान, पछुआ हवा बढ़ाएगी परेशानी

    2 hours ago

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    लखनऊ में सीजन में आज पारा अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचेगा। सुबह से तेज धूप के साथ उमस का असर बना हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज लखनऊ का अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री के आसपास बना रहेगा। दिन में अधिकतर समय मौसम साफ रहेगा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 1.3 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री रहा। अधिकतम आर्द्रता 55 फीसदी और न्यूनतम आर्द्रता 15 फीसदी दर्ज किया गया। 8 अप्रैल को 27 डिग्री, 17 को 40 पार हुआ लखनऊ में बीते 11 दिनों में 13 डिग्री तक तापमान में बढ़त दर्ज की गई है। इस बीच भीषण गर्मी के चलते लोग परेशान हो रहे हैं। बीते 8 अप्रैल को लखनऊ का अधिकतम तापमान 27 डिग्री रहा। यह सामान्य से 10.2 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री रहा। यह सामान्य से 0.8 डिग्री कम रहा। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते मौसम का मिजाज बदला है। इस बीच लोगों को एहतियात बरत कर घर से बाहर निकलना चाहिए। पछुआ हवा के असर से अभी और बढ़ेगा पारा लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक तापमान में अभी और बढ़त की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शुष्क पछुआ हवा का असर बढ़ने और महाराष्ट्र क्षेत्र में प्रति चक्रवात के असर से पारा में बढ़त की संभावना बनी हुई है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हवाओं की दिशा बदलेगी और आसमान में आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं। इससे बढ़ते तापमान पर थोड़ा ब्रेक लगेगा। फिलहाल बारिश होने की कोई संभावना नहीं है, केवल गर्मी के तेवर थोड़े नरम पड़ सकते हैं। कम बारिश का अनुमान, खेती पर पड़ेगा असर मौसम विभाग के ताजा दीर्घकालिक पूर्वानुमान के मुताबिक, साल 2026 में उत्तर प्रदेश में मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार कई वैश्विक मौसम कारक बारिश को प्रभावित कर सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी गोलार्द्ध और यूरेशिया में सर्दियों व वसंत के दौरान बर्फ का फैलाव सामान्य से थोड़ा कम रहा है। हिंद महासागर में अभी तटस्थ स्थिति है, जो मानसून के अंत तक सकारात्मक रूप ले सकती है। इसके बावजूद प्रशांत महासागर में चल रही कमजोर ला-नीना स्थिति जून तक खत्म होकर तटस्थ हो जाएगी। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि इसके बाद मानसून के दौरान अल-नीनो जैसी परिस्थितियां बनने की आशंका है, जो आमतौर पर भारत में बारिश कम करती हैं। यही वजह है कि मौसम विभाग ने यूपी और लखनऊ में इस बार कुल मानसूनी बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो इसका असर खेती और जल संसाधनों पर पड़ सकता है।
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